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सहारनपुर: अभियान में चार कुष्ठ रोगी मिले, इलाज शुरू
Thu, 16 Feb 2023 11:16 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:16 PM IST
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सहारनपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए गए स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान में जनपद में चार नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इन मरीजों का निशुल्क इलाज शुरू कर दिया गया है। मरीजों के नियमित दवा के सेवन से कुष्ठ रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं।
गत 30 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस पर स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान शुरू हुआ था, जो 13 फरवरी तक चला। इसमें आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की। अभियान में चार नए कुष्ठ मिले हैं। इनमें एक पासी बैसीलेसरी (पीबी) और तीन मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) के शामिल हैं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पासी बैसीलेसरी (पीबी) श्रेणी में कम से कम पांच चकत्ते वाले मरीजों को रखा जाता है। इसका इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) श्रेणी के मरीजों के शरीर पर पांच से अधिक चकत्ते होते हैं। इन मरीजों का इलाज एक साल तक होता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। अब जनपद में 54 कुष्ठ रोगी सक्रिय हैं।
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गत 30 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस पर स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान शुरू हुआ था, जो 13 फरवरी तक चला। इसमें आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की। अभियान में चार नए कुष्ठ मिले हैं। इनमें एक पासी बैसीलेसरी (पीबी) और तीन मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) के शामिल हैं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पासी बैसीलेसरी (पीबी) श्रेणी में कम से कम पांच चकत्ते वाले मरीजों को रखा जाता है। इसका इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) श्रेणी के मरीजों के शरीर पर पांच से अधिक चकत्ते होते हैं। इन मरीजों का इलाज एक साल तक होता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। अब जनपद में 54 कुष्ठ रोगी सक्रिय हैं।
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