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Saharanpur News: बजट न मिलने से खाद्य सुरक्षा विभाग की फूड सेफ्टी वैन फेल
Sat, 30 Aug 2025 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:59 AM IST
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सहारनपुर। बजट न मिलने से मंडल में फूड सेफ्टी वैन धूल फांक रही है। वर्ष 2021-22 में खाद्य सुरक्षा विभाग को वैन मिली थी, ताकि मंडलभर में खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की जा सके। डीजल नहीं होने से दोनों वैन खड़ी होकर रह गई है। चालकों को भी मानदेय नहीं मिला है।
शासन ने सहारनपुर मंडल को दो फूड सेफ्टी वैन उपलब्ध कराई थी। इसमें एक वैन सहारनपुर को मिली थी, जबकि दूसरी वैन मुजफ्फरनगर व शामली में भेजी गई। इनका उद्देश्य है कि मंडलभर में सक्रिय टेस्टिंग और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना है। पूर्व में कई बार केमिकल नहीं होने से जांच नहीं हुई। यहीं नहीं, लैब टेक्नीशियन की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही वैन में जांच करते हैं। बजट नहीं मिलने के कारण वैन खड़ी हो गई है। बिना इस्तेमाल के वैन न केवल जंग खा रही है, बल्कि उनकी बैटरी और लैब उपकरणों के खराब होने का भी खतरा बढ़ गया है। इससे धन की बर्बादी हो रही है। साथ ही खाद्य सुरक्षा की जांच पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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-- वैन खड़ी होने से नहीं बढ़ रही जांच
जिले में एक अप्रैल 2024 से 30 जुलाई 2025 तक फूड सेफ्टी वैन में 3842 खाद्य पदार्थों की जांच हुई है। मुजफ्फरनगर व शामली की वैन में 730 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। 448 जागरुकता कार्यक्रम किए गए। 12 बार 293 लोगों को प्रशिक्षण दिया।
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-- वर्जन
फूड सेफ्टी वैन पर खाद्य पदार्थो की जांच के लिए लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही जांच करते हैं। कुछ समस्या आ रही है, जिसकी वजह से वैन नहीं चल रही।
- मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग
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शासन ने सहारनपुर मंडल को दो फूड सेफ्टी वैन उपलब्ध कराई थी। इसमें एक वैन सहारनपुर को मिली थी, जबकि दूसरी वैन मुजफ्फरनगर व शामली में भेजी गई। इनका उद्देश्य है कि मंडलभर में सक्रिय टेस्टिंग और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना है। पूर्व में कई बार केमिकल नहीं होने से जांच नहीं हुई। यहीं नहीं, लैब टेक्नीशियन की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही वैन में जांच करते हैं। बजट नहीं मिलने के कारण वैन खड़ी हो गई है। बिना इस्तेमाल के वैन न केवल जंग खा रही है, बल्कि उनकी बैटरी और लैब उपकरणों के खराब होने का भी खतरा बढ़ गया है। इससे धन की बर्बादी हो रही है। साथ ही खाद्य सुरक्षा की जांच पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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जिले में एक अप्रैल 2024 से 30 जुलाई 2025 तक फूड सेफ्टी वैन में 3842 खाद्य पदार्थों की जांच हुई है। मुजफ्फरनगर व शामली की वैन में 730 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। 448 जागरुकता कार्यक्रम किए गए। 12 बार 293 लोगों को प्रशिक्षण दिया।
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फूड सेफ्टी वैन पर खाद्य पदार्थो की जांच के लिए लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही जांच करते हैं। कुछ समस्या आ रही है, जिसकी वजह से वैन नहीं चल रही।
- मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग