फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Flower growers quickly fall due to falling prices

दाम गिरने से फूल उत्पादकों को फिर झटका

Sat, 17 Apr 2021 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 11:55 PM IST
विज्ञापन
Flower growers quickly fall due to falling prices
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण बढ़ने से फूलों के दाम धड़ाम हो गए हैं। इसके चलते जनपद में दो सौ से अधिक फूल उत्पादकों को नुकसान उठाना करना पड़ रहा है। शादियों के सीजन में पांच से दस रुपये प्रति फूल बिकने वाला जरबेरा अब एक से डेढ़ रुपये में बिक रहा है। यही हाल ग्लेडियोलस और गुलाब समेत अन्य फूलों का है। यहां के अधिकतर फूल दिल्ली स्थित गाजीपुर मंडी, देहरादून मंडी में जाते हैं। हालांकि कुछ फूलों की खपत स्थानीय स्तर पर भी होती है।
विज्ञापन

नुकसान की भरपाई की मांग
गत वर्ष लॉकडाउन के चलते जनपद के फूल उत्पादकों को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उस समय फूलों की बिक्री नहीं हुई थी। वहीं, फूलों की तुड़ाई करने समेत अन्य खर्च भी किसानों को उठाने पडे़ थे। उनका कहना है कि उन्हें भी उत्तराखंड और हिमाचल की तर्ज पर फूलों की खेती में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए।
विज्ञापन

समारोह कम होने का है प्रभाव
गांव मवी खुर्द स्थित पॉलीहाउस में जरबेरा फूलों की खेती करने वाले मोहित चौधरी कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते शादी, धार्मिक सहित अन्य आयोजनों में कमी आई है। अप्रैल से जून तक फूलों के रेट अच्छे मिल जाते थे। करोना संक्रमण ने अब फिर खेल बिगाड़ दिया है। जरबेरा का फूल एक से डेढ़ रुपये में बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरबेरा और ग्लेडियोलस की खेती करने वाले अश्वनी सैनी का कहना है कि इस समय फूल का रेट पांच से दस रुपये तक होना चाहिए था। कार्यक्रम कम होने से फूलों की मांग घटी है। आशंका है कि इस बार भी गत सीजन की तरह किसानों को घाटे का सामना करना पडे़गा।
गांव उमाही कलां स्थित पॉली हाउस में फूलों की खेती करने वाले राजवीर सिंह का कहना है कि दिल्ली की गाजीपुर मंडी सप्ताह में चार दिन खुल रही है। कार्यक्रम रद्द होने से फूलों की मांग घटी है। जिससे रेट काफी कम हो गए हैं।

गांव नैनसोब में गुलाब की खेती करने वाले कार्तिकेय त्यागी का कहना है कि फूल उत्पादक अब तक गत वर्ष लगे लॉकडाउन में हुए घाटे से भी उबर नहीं पाए हैं। संक्रमण की दूसरी लहर के चलते फिर से मांग घटने से फूलों को डंप करना पड़ रहा है।
जनपद में फूलों की खेती
फसल रकबा
गेंदा 200 हेक्टेयर
रजनीगंधा 08 हेक्टेयर
ग्लेडियोलस 25 हेक्टेयर
गुलाब 50 हेक्टेयर
पॉलीहाउस में जरबेरा 114720 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में गुलाब 27000 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में कार्नेशन 8000 वर्ग मीटर
(नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed