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फूल उत्पादकों को त्योहारों और शादी सीजन से आस
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मोहित चौधरी
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना संकट के कारण घाटा झेल रहे फूल उत्पादकों को अब त्योहारी और शादियों के सीजन से आस है। नवरात्रों में जरबेरा से लेकर अन्य फूलों के भाव में बढ़ोतरी हुई है। शादियों के सीजन में फूलों के दाम और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
जनपद में 149720 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के पॉली हाउस में जरबेरा, कारनेशन से लेकर गुलाब के फूलों की खेती हो रही है। इसके अलावा गेंदा ग्लैडियोलस और रजनीगंधा की खेती का रकबा भी लगभग 79 हेक्टेयर है। लॉकडाउन के दौरान कार्यक्रमों के स्थगित रहने से फूलों की डिमांड नहीं रही थी। स्थिति यह रही कि तैयार फूलों की बिक्री नहीं हो पाई। किसानों को फूलों की तुड़ाई कराकर उसे डंप कराना पड़ा, जबकि पॉली हाउस में काम करने वाले श्रमिकों से लेकर अन्य खर्चे भी बराबर बने रहे। इसके चलते फूल उत्पादकों को घाटे का सामना करना पड़ा है। नवरात्र आने के बाद फूलों की मांग में धीरे धीरे इजाफा हो रहा है, लेकिन फूलों की सबसे अधिक डिमांड शादियों के सीजन में रहती है। इसी समय किसानों को फूलों का बढ़िया भाव मिलता है।
नवरात्र में बढे़ फूलों के दाम
अभी तक जरबेरा फूल का भाव 50 पैसे से लेकर एक रुपये प्रति स्टिक चल रहा था। नवरात्रों में अब इस रेट दो से ढाई रुपये प्रति स्टिक हो गया है। कारनेशन फूल के रेट की भी यही स्थिति है। अभी फूलों के भाव ओर अधिक बढ़ने की संभावना है। - अश्वनी सैनी, फूल उत्पादक।
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शादी के सीजन से काफी उम्मीद
त्योहारों के बाद शादियों का सीजन शुरू होगा। इसमें फूलों की डिमांड काफी बढ़ेगी। जिससे उत्पादकों को फूलों के अच्छे भाव प्राप्त होंगे। कोरोना संक्रमण के बाद से पॉली हाउस घाटे में चल रहे हैं। प्रदेश सरकार को कोरोना काल में घाटा झेल रहे पॉली हाउस स्वामियों को मुआवजा देना चाहिए। - मोहित चौधरी, फूल उत्पादक।
फूलों का अनुमानित रकबा
फसल ----------------- क्षेत्रफल
गेंदा ------------------ 50 हेक्टेयर
ग्लैडियोलस --------- 25 हेक्टेयर
रजनीगंधा ------------ 04 हेक्टेयर
पॉलीहाउस में जरबेरा --114720 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में गुलाब -- 27000 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में कारनेशन -- 8000 वर्ग मीटर
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जनपद में 149720 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के पॉली हाउस में जरबेरा, कारनेशन से लेकर गुलाब के फूलों की खेती हो रही है। इसके अलावा गेंदा ग्लैडियोलस और रजनीगंधा की खेती का रकबा भी लगभग 79 हेक्टेयर है। लॉकडाउन के दौरान कार्यक्रमों के स्थगित रहने से फूलों की डिमांड नहीं रही थी। स्थिति यह रही कि तैयार फूलों की बिक्री नहीं हो पाई। किसानों को फूलों की तुड़ाई कराकर उसे डंप कराना पड़ा, जबकि पॉली हाउस में काम करने वाले श्रमिकों से लेकर अन्य खर्चे भी बराबर बने रहे। इसके चलते फूल उत्पादकों को घाटे का सामना करना पड़ा है। नवरात्र आने के बाद फूलों की मांग में धीरे धीरे इजाफा हो रहा है, लेकिन फूलों की सबसे अधिक डिमांड शादियों के सीजन में रहती है। इसी समय किसानों को फूलों का बढ़िया भाव मिलता है।
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नवरात्र में बढे़ फूलों के दाम
अभी तक जरबेरा फूल का भाव 50 पैसे से लेकर एक रुपये प्रति स्टिक चल रहा था। नवरात्रों में अब इस रेट दो से ढाई रुपये प्रति स्टिक हो गया है। कारनेशन फूल के रेट की भी यही स्थिति है। अभी फूलों के भाव ओर अधिक बढ़ने की संभावना है। - अश्वनी सैनी, फूल उत्पादक।
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शादी के सीजन से काफी उम्मीद
त्योहारों के बाद शादियों का सीजन शुरू होगा। इसमें फूलों की डिमांड काफी बढ़ेगी। जिससे उत्पादकों को फूलों के अच्छे भाव प्राप्त होंगे। कोरोना संक्रमण के बाद से पॉली हाउस घाटे में चल रहे हैं। प्रदेश सरकार को कोरोना काल में घाटा झेल रहे पॉली हाउस स्वामियों को मुआवजा देना चाहिए। - मोहित चौधरी, फूल उत्पादक।
फूलों का अनुमानित रकबा
फसल ----------------- क्षेत्रफल
गेंदा ------------------ 50 हेक्टेयर
ग्लैडियोलस --------- 25 हेक्टेयर
रजनीगंधा ------------ 04 हेक्टेयर
पॉलीहाउस में जरबेरा --114720 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में गुलाब -- 27000 वर्ग मीटर
पॉलीहाउस में कारनेशन -- 8000 वर्ग मीटर

अश्विनी सैनी- फोटो : SAHARANPUR

जरवेरा की खेती- फोटो : SAHARANPUR