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Saharanpur News: जिला अस्पताल में लगेगा फायर फाइटिंग सिस्टम, काम शुरू
Thu, 07 Dec 2023 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:21 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगेगा। इसका काम भी शुरू हो गया है। ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन बिछेगी। अस्पताल में कहीं पर धुआं उठा तो तुरंत सायरन बजेगा। इससे आग पर जल्द काबू पाया जा सकेगा यानी अस्पताल से आग का डर दूर हो जाएगा। अभी पुराने अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। इमरजेंसी वार्ड में 20 बेड हैं। सभी पर ऑक्सीजन की सुविधा है। इसके अलावा आईसीसीयू, डिजिटल एक्सरे, सामान्य एक्सरे, सिटी स्कैन, ट्रामा सेंटर, डायलिसिस यूनिट की भी सुविधा है। अस्पताल परिसर में वार्ड, ओपीडी और पैथोलॉजी कक्ष है। सर्जिकल, हड्डी, बच्चा और बर्न वार्ड में रोजाना मरीज भर्ती होते हैं। इन सभी जगहों पर आग से बचाव के लिए पुराने संसाधन ही लगे हैं।
इसी के चलते अब एसबीडी जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए शासन से कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी है। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का काम शुरू कर दिया है। पूरे अस्पताल परिसर में ओपीडी, वार्ड से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन बिछाया जाएगा। फायर फाइटिंग सिस्टम लगने के बाद धुआं उठेगा और सायरन बजेगा। इससे उस जगह लगे सेंसर सक्रिय हो जाएंगे। ऑटोमेटिक पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे जल्द आग पर काबू पाया जा सकेगा।
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ओपीडी खत्म होने पर चलता है काम
जिला अस्पताल की ओपीडी बाधित न हो इसके लिए दोपहर बाद ही संयंत्र लगाने का काम किया जा रहा है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। इसलिए काम करते समय अनहोनी होने का डर रहता है। यहीं कारण है कि कार्यदायी संस्था ओपीडी खत्म होने के बाद ही कार्य करा रही है।
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू हो गया है। ओपीडी, वार्ड से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन जाएगी। यह सिस्टम लगने से आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। मरीजों को परेशानी न हो इसलिए ओपीडी के बाद काम किया जा रहा है।
- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। इमरजेंसी वार्ड में 20 बेड हैं। सभी पर ऑक्सीजन की सुविधा है। इसके अलावा आईसीसीयू, डिजिटल एक्सरे, सामान्य एक्सरे, सिटी स्कैन, ट्रामा सेंटर, डायलिसिस यूनिट की भी सुविधा है। अस्पताल परिसर में वार्ड, ओपीडी और पैथोलॉजी कक्ष है। सर्जिकल, हड्डी, बच्चा और बर्न वार्ड में रोजाना मरीज भर्ती होते हैं। इन सभी जगहों पर आग से बचाव के लिए पुराने संसाधन ही लगे हैं।
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इसी के चलते अब एसबीडी जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए शासन से कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी है। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का काम शुरू कर दिया है। पूरे अस्पताल परिसर में ओपीडी, वार्ड से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन बिछाया जाएगा। फायर फाइटिंग सिस्टम लगने के बाद धुआं उठेगा और सायरन बजेगा। इससे उस जगह लगे सेंसर सक्रिय हो जाएंगे। ऑटोमेटिक पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे जल्द आग पर काबू पाया जा सकेगा।
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ओपीडी खत्म होने पर चलता है काम
जिला अस्पताल की ओपीडी बाधित न हो इसके लिए दोपहर बाद ही संयंत्र लगाने का काम किया जा रहा है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। इसलिए काम करते समय अनहोनी होने का डर रहता है। यहीं कारण है कि कार्यदायी संस्था ओपीडी खत्म होने के बाद ही कार्य करा रही है।
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू हो गया है। ओपीडी, वार्ड से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन जाएगी। यह सिस्टम लगने से आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। मरीजों को परेशानी न हो इसलिए ओपीडी के बाद काम किया जा रहा है।
- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल