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अनामिका शुक्ला के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज
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अनामिका शुक्ला के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज
सहारनपुर। कूटरचित तरीके से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में नौकरी पाने वाली अनामिका शुक्ला के विरुद्ध थाना जनकपुरी में रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) की ओर से छह जून को तहरीर दी गई थी, जिस पर सोमवार को अनामिका शुक्ला के विरुद्ध धारा 420, 467, 468 और 471 में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि अनामिका शुक्ला नाम से नौकरी करने वाली महिला प्रदेश भर में मामला चर्चाओं में आने के बाद से गायब है। अधिकारियों को मामले का पता चलने के बाद अनामिका से चार जून को बीएसए कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था, मगर अनामिका ने उपस्थित होने की बजाय पांच जून को वार्डन के व्हाट्सएप नंबर पर अपना इस्तीफा भेज दिया। उधर, पूरे प्रकरण को लेकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय से जुड़े लोग टेंशन में हैं। जिला समन्वयक अनामिका शुक्ला की नियुक्ति को सात जून तक सही ठहरा रहे थे। उनका यह भी दावा है कि अनामिका लगातार कक्षाएं अटैंड करती थी, जिसकी फुटेज सीसीटीवी में है। बायोमैट्रिक में भी उपस्थिति दर्ज है।
प्रमाण पत्रों में जालसाजी कर खेला गया खेल
एक महिला द्वारा प्रदेश के 25 विद्यालयों में नौकरी के मामले में नई बात निकलकर सामने आ रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सभी जगहों पर शैक्षिक प्रमाण पत्र तो अनामिका शुक्ला के नाम के थे, मगर तैनाती अलग-अलग महिलाओं की थी। अलग-अलग व्यक्ति होने का एक सुबूत यह भी है कि सहारनपुर में पूर्णकालिक नियुक्ति थी यानी शिक्षिका को विद्यालय परिसर में ही रहना पड़ता था। एक ही तारीख में अलग-अलग जनपदों के विद्यालयों में उपस्थित होना भी इसका प्रमाण है। सवाल यह है कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी क्यों नहीं पकड़ में आई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रमाण पत्रों की रंगीन कॉपियां जमा कराई हुई हैं, जिनमें कुछ विषय आदि भी बदले गए हैं। ऐसे में तो शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी आसानी से पकड़ी गई होगी। यदि गड़बड़ी पकड़ी गई थी तो फिर नियुक्ति कैसे मिली।
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वर्जन
अनामिका शुक्ला के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में थाना जनकपुरी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अपना काम करेगी। हमने विभागीय स्तर से अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण आने का इंतजार है। बाकी की कार्रवाई उसके बाद ही होगी।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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सहारनपुर। कूटरचित तरीके से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में नौकरी पाने वाली अनामिका शुक्ला के विरुद्ध थाना जनकपुरी में रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) की ओर से छह जून को तहरीर दी गई थी, जिस पर सोमवार को अनामिका शुक्ला के विरुद्ध धारा 420, 467, 468 और 471 में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि अनामिका शुक्ला नाम से नौकरी करने वाली महिला प्रदेश भर में मामला चर्चाओं में आने के बाद से गायब है। अधिकारियों को मामले का पता चलने के बाद अनामिका से चार जून को बीएसए कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था, मगर अनामिका ने उपस्थित होने की बजाय पांच जून को वार्डन के व्हाट्सएप नंबर पर अपना इस्तीफा भेज दिया। उधर, पूरे प्रकरण को लेकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय से जुड़े लोग टेंशन में हैं। जिला समन्वयक अनामिका शुक्ला की नियुक्ति को सात जून तक सही ठहरा रहे थे। उनका यह भी दावा है कि अनामिका लगातार कक्षाएं अटैंड करती थी, जिसकी फुटेज सीसीटीवी में है। बायोमैट्रिक में भी उपस्थिति दर्ज है।
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प्रमाण पत्रों में जालसाजी कर खेला गया खेल
एक महिला द्वारा प्रदेश के 25 विद्यालयों में नौकरी के मामले में नई बात निकलकर सामने आ रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सभी जगहों पर शैक्षिक प्रमाण पत्र तो अनामिका शुक्ला के नाम के थे, मगर तैनाती अलग-अलग महिलाओं की थी। अलग-अलग व्यक्ति होने का एक सुबूत यह भी है कि सहारनपुर में पूर्णकालिक नियुक्ति थी यानी शिक्षिका को विद्यालय परिसर में ही रहना पड़ता था। एक ही तारीख में अलग-अलग जनपदों के विद्यालयों में उपस्थित होना भी इसका प्रमाण है। सवाल यह है कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी क्यों नहीं पकड़ में आई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रमाण पत्रों की रंगीन कॉपियां जमा कराई हुई हैं, जिनमें कुछ विषय आदि भी बदले गए हैं। ऐसे में तो शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी आसानी से पकड़ी गई होगी। यदि गड़बड़ी पकड़ी गई थी तो फिर नियुक्ति कैसे मिली।
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अनामिका शुक्ला के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में थाना जनकपुरी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अपना काम करेगी। हमने विभागीय स्तर से अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण आने का इंतजार है। बाकी की कार्रवाई उसके बाद ही होगी।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए