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Saharanpur News: भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे और भतीजों पर प्राथमिकी
Sat, 02 May 2026 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 02 May 2026 12:42 AM IST
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चिलकाना। चिलकाना-सरसावा मार्ग पर ग्राम पटना में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है। पेड़ों को काटे बिना नाला बना दिया गया। इतना ही नहीं सड़क और नाले की दीवार के बीच पानी भर रहा है। ऐसे में नाले की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लग रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। कहीं नाले की दीवारें मोटी तो कहीं पतली बनाई गई हैं, वहीं ऊंचाई में भी असमानता है। इससे बारिश के दौरान पानी नाली में जाने के बजाए सड़क पर भरने की आशंका बनी हुई है जिससे सड़क को नुकसान पहुंच सकता है। आरोप है कि नाली सीधी नहीं बनाई गई है और कई स्थानों पर टेढ़ी-मेढ़ी है, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है।
नाली के अंदर मिट्टी, ईंट और पत्थर भरे होने से पानी जमा हो रहा है, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। निर्माण कार्य के दौरान नाली के बीच में खड़े पेड़ों को भी नहीं हटाया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल हैं। इसके अलावा नाले पर डाली गई सीमेंट की स्लैब में दरार आने लगी है। इस कारण स्लैब के टूटने से हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नाले की खोदाई के दौरान निकली मिट्टी खुर्द-बुर्द कर दिया गया है, जिससे नाली के किनारों को पर्याप्त सहारा नहीं मिल पा रहा है। बरसात का पानी सड़क तथा नाले के पास एकत्र हो रहा है, जिस कारण नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है। जनता चैरिटेबल ट्रस्ट के महासचिव जगपाल उपाध्याय ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। कहीं नाले की दीवारें मोटी तो कहीं पतली बनाई गई हैं, वहीं ऊंचाई में भी असमानता है। इससे बारिश के दौरान पानी नाली में जाने के बजाए सड़क पर भरने की आशंका बनी हुई है जिससे सड़क को नुकसान पहुंच सकता है। आरोप है कि नाली सीधी नहीं बनाई गई है और कई स्थानों पर टेढ़ी-मेढ़ी है, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है।
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नाली के अंदर मिट्टी, ईंट और पत्थर भरे होने से पानी जमा हो रहा है, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। निर्माण कार्य के दौरान नाली के बीच में खड़े पेड़ों को भी नहीं हटाया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल हैं। इसके अलावा नाले पर डाली गई सीमेंट की स्लैब में दरार आने लगी है। इस कारण स्लैब के टूटने से हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नाले की खोदाई के दौरान निकली मिट्टी खुर्द-बुर्द कर दिया गया है, जिससे नाली के किनारों को पर्याप्त सहारा नहीं मिल पा रहा है। बरसात का पानी सड़क तथा नाले के पास एकत्र हो रहा है, जिस कारण नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ गई है। जनता चैरिटेबल ट्रस्ट के महासचिव जगपाल उपाध्याय ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।