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निगम पर आर्थिक संकट, ठेकेदारों का भुगतान नहीं, विकास कार्य प्रभावित

Mon, 01 Aug 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:48 PM IST
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Financial crisis on corporation, contractors not paid, development work affected
सहारनपुर। निर्माण कार्यों से संबंधित ठेकेदारों का नगर निगम पर करीब 13 करोड़ रुपया बकाया है। यह बकाया करीब सात माह से रुकता चला आ रहा है। भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों ने नगर निगम का नया काम लेेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम पहले पुराना भुगतान करे, तभी वह नए कार्यों के लिए आगे आएंगे। नगर निगम के आर्थिक तंगी की प्रमुख वजह नगर निगम द्वारा लक्ष्यों के अनुरूप आय नहीं होना है।
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महानगर में निर्माण संबंधी तमाम कार्यों जैसे सड़क, नाला व नाली, पुलिया, पार्कों की चहारदीवारी, इंटरलॉकिंग टाइल्स का बिछाना आदि कार्य निर्माण विभाग के अंतर्गत आते हैं। इस विभाग से करीब 100 ठेकेदार जुड़े हैं, जो टेंडर प्रक्रियाओं में प्रतिभाग कर ठेके पर काम करते हैं, लेकिन बीते करीब एक साल से नगर निगम की माली हालत लगातार खराब हो रही है। नतीजा यह है कि नगर निगम बीते आठ माह से ठेकेदारों को उनके द्वारा कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं कर रहा है। निर्माण विभाग से संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि करीब 13 करोड़ रुपया बकाया है, जिनमें से दस करोड़ रुपये के भुगतान की फाइलें तैयार हैं, लेकिन निगम के पास इतना पैसा नहीं होने की वजह से भुगतान नहीं किया जा रहा है। उधर, अब ठेेकेदारों ने मन बना लिया है कि जब तक पुराना भुगतान नहीं होगा, तब तक वह नए कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। कई ठेकेदार इसके लिए नगरायुक्त को चिट्ठी भी देने की तैयारी में हैं।
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कर विभाग की वसूली से निकल रहे वेतन
जब से निगम आर्थिक तंगी में आया है। तब से कर विभाग पर कर वसूली का दबाव बढ़ा है। ऐसे में कर विभाग की टीमें वार्डों में शिविर लगाकर वसूली कर रही हैं। इसके अलावा निगम की कमाई बढ़ाने के लिए महानगर के 300 से अधिक बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कर विभाग की वसूली की वजह से कर्मचारियों का वेतन मिल पा रहा है।
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वर्ष 2020-21 में निगम की आय की स्थिति
आय का शीर्षक-------------आय लक्ष्य (लाख में)----वास्तविक आय (लाख में)
कर प्राप्तियां----------------2274.63-------------1337.50
करेत्तर प्राप्तियां--------------916.81--------------514.76
शासकीय अनुदानों से प्राप्तियां--16957.66------------11841.07
उच्चंत प्राप्तियां--------------31.13----------------3.16
- जानकारी मिली है कि ठेकेदारों का भुगतान रुका हुआ है। संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देने को कहा गया है। हम सर्वे भी करा रहे हैं, कि जिन कार्यों का भुगतान रुका है, उनकी स्थिति क्या है। कहीं ऐसा तो नहीं कि कार्यों की गुणवत्ता नहीं होने या अधूरे होने की वजह से भुगतान रुका हो।

गजल भारद्वाज, नगरायुक्त।
ठेकेदारों का सात से आठ माह से करोड़ों रुपये का भुगतान रुकने की जानकारी नहीं है। क्योंकि पूर्व नगरायुक्त लगातार भुगतान कर रहे थे। फिलहाल मेरी जानकारी में यह आया है कि नगरायुक्त ने कुछ कार्यों को लेकर ठेकेदारों की फाइलें रोकी हुई हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। ऐसे ही ठेकेदारों का भुगतान रुका हुआ हो सकता है।
- संजीव वालिया, महापौर।
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