{"_id":"5d939bec8ebc3e939f407795","slug":"fever-in-village-behera-extinguished-another-home-lamp-saharanpur-news-mrt446310961","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव बेहड़ा में बुखार ने एक और घर का चिराग बुझा दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव बेहड़ा में बुखार ने एक और घर का चिराग बुझा दिया
विज्ञापन
Fever in village Behera extinguished another home lamp
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छुटमलपुर (सहारनपुर)। क्षेत्र में मुजफ्फराबाद पीएचसी के गांव बेहड़ा संदल सिंह में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दस से ज्यादा लोगों को लील चुके बुखार ने सोमवार की रात एक और घर का चिराग बुझा दिया। बुखार पीड़ित युवक पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती था। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव के पचास से ज्यादा बुखार पीड़ित लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
गांव बेहड़ा खुर्द निवासी 26 वर्षीय अशरफ पुत्र निहाली पिछले आठ दस दिन से बुखार से पीड़ित था। पहले तो परिजनों ने उसका उपचार गांव में कराया। आराम न मिलने पर सहारनपुर के एक अस्पताल में भरती कराया। वहां से परिजन उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले गए, वहां सोमवार की रात में उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है। इसके अतिरिक्त गांव के समर प्रताप पुत्र देवेंद्र सिंह, कुणाल राणा पुत्र पवन सिंह, लक्की पुत्र मुनीष, राज कुमार पुत्र बाबु सिंह, सुनीता पत्नी देवेंद्र, ओमवीर सिंह पुत्र देवा सिंह, उषा राणा पत्नि सुरेंद्र राणा, मिक्की राणा पुत्र चमन सिंहा, सुरेंद्र राणा पुत्र रुप सिंह, सम्राट राणा पुत्र योगेंद्र सिंह, महताब, मांगा पुत्र नाथीराम, मुनीरे पत्नी मीर हसन बुखार से पीड़ित होकर कई अस्पतालों में भर्ती हैं।
मुजफ्फराबाद की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू गोयल का कहना है कि गांव में लगातार कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर उपचार दिया गया है। वे फिर से गांव में टीम भेजने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि गांव में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं, इस कारण वायरल फैलता है। उन्होंने ग्रामीणों से सफाई रखने की अपील की।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की जांच में दो रोगी डेंगू के भी मिले थे
बेहड़ा गांव में पिछले एक माह से बुखार का प्रकोप चल रहा है। दस से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इस गांव में दो रोगी स्वास्थ्य विभाग की जांच में डेंगू के भी पाए जा चुके हैं। गांव के केतन राणा का भाई कुणाल राणा सहारनपुर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती है। केतन का कहना है कि उसके भाई को भी चिकित्सकों ने डेंगू बताया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की जांच के लिए पहली बार तो नमूने लिए थे उनकी रिपोर्ट तो दे दी, लेकिन बाद में जो नमूने लिए गए थे, उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं बताई गई है। ऐसे में यह संख्या बढ़ भी सकती है। उधर, डॉ. मीनू गोयल ने कहा यदि और रोगियों को डेंगू पाया जाता तो उन्हें निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
सीएमओ और डीएमओ ने भी दो दो बार किया गांव का दौरा
गांव में डेंगू के रोगी मिलने और बुखार से मौतों के बाद सीएमओ डॉ. बीएस सौढ़ी और डीएमओ डॉ. शिवांका गौड़ दो दो बार यहां का दौरा कर चुके हैं। उनके निर्देश के बाद गांव में दवा का छिड़काव भी कराया और गांवों से गंदगी को साफ भी कराया। एक सप्ताह तक लगातार गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर इलाज भी मुहैया कराया।
विज्ञापन
गांव बेहड़ा खुर्द निवासी 26 वर्षीय अशरफ पुत्र निहाली पिछले आठ दस दिन से बुखार से पीड़ित था। पहले तो परिजनों ने उसका उपचार गांव में कराया। आराम न मिलने पर सहारनपुर के एक अस्पताल में भरती कराया। वहां से परिजन उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले गए, वहां सोमवार की रात में उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है। इसके अतिरिक्त गांव के समर प्रताप पुत्र देवेंद्र सिंह, कुणाल राणा पुत्र पवन सिंह, लक्की पुत्र मुनीष, राज कुमार पुत्र बाबु सिंह, सुनीता पत्नी देवेंद्र, ओमवीर सिंह पुत्र देवा सिंह, उषा राणा पत्नि सुरेंद्र राणा, मिक्की राणा पुत्र चमन सिंहा, सुरेंद्र राणा पुत्र रुप सिंह, सम्राट राणा पुत्र योगेंद्र सिंह, महताब, मांगा पुत्र नाथीराम, मुनीरे पत्नी मीर हसन बुखार से पीड़ित होकर कई अस्पतालों में भर्ती हैं।
विज्ञापन
मुजफ्फराबाद की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू गोयल का कहना है कि गांव में लगातार कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर उपचार दिया गया है। वे फिर से गांव में टीम भेजने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि गांव में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं, इस कारण वायरल फैलता है। उन्होंने ग्रामीणों से सफाई रखने की अपील की।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की जांच में दो रोगी डेंगू के भी मिले थे
बेहड़ा गांव में पिछले एक माह से बुखार का प्रकोप चल रहा है। दस से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इस गांव में दो रोगी स्वास्थ्य विभाग की जांच में डेंगू के भी पाए जा चुके हैं। गांव के केतन राणा का भाई कुणाल राणा सहारनपुर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती है। केतन का कहना है कि उसके भाई को भी चिकित्सकों ने डेंगू बताया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की जांच के लिए पहली बार तो नमूने लिए थे उनकी रिपोर्ट तो दे दी, लेकिन बाद में जो नमूने लिए गए थे, उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं बताई गई है। ऐसे में यह संख्या बढ़ भी सकती है। उधर, डॉ. मीनू गोयल ने कहा यदि और रोगियों को डेंगू पाया जाता तो उन्हें निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
सीएमओ और डीएमओ ने भी दो दो बार किया गांव का दौरा
गांव में डेंगू के रोगी मिलने और बुखार से मौतों के बाद सीएमओ डॉ. बीएस सौढ़ी और डीएमओ डॉ. शिवांका गौड़ दो दो बार यहां का दौरा कर चुके हैं। उनके निर्देश के बाद गांव में दवा का छिड़काव भी कराया और गांवों से गंदगी को साफ भी कराया। एक सप्ताह तक लगातार गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर इलाज भी मुहैया कराया।