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सीसीटीवी कैमरों से काफी हद तक सुधरी यातायात व्यवस्था
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सहारनपुर के बाजोरिया पुल पर लगे सिग्नल व कैमरे
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। नागरिकों से यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से कनेक्ट सीसीटीवी कैमरों ने वह कर दिखाया है, जो यातायात विभाग अभी तक नहीं कर सका था। ऑनलाइन चालान कटने के डर से लोग यातायात के नियमों का पालन करने लगे लगे हैं। जो लोग पुलिसकर्मियों के रोकने के बाद भी इधर-उधर से निकल जाते थे वह अब 41 डिग्री तापमान में चौराहों पर पुलिसकर्मी का इशारा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि चालान कटने का डर ही लोगों को नियमों का पालन की आदत डलवाएगा।
यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए यातायात विभाग कई तरीके अपना चुका है। करीब एक दशक पहले ट्रैफिक सिग्नल भी लगाए गए थे, लेकिन उनसे भी यातायात व्यवस्था नहीं सुधरी। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी भी लगवाए गए थे, जिनका कंट्रोल पुलिसलाइन से था, लेकिन वह व्यवस्था भी फेल रही। ऐसे में विभाग चौराहों पर पुलिसकर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान खड़े कर यातायात के नियमों का पालन कराने का प्रयास करता रहा है, लेकिन अब स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम परिसर में आईसीसीसी बनाया गया है, जहां से महानगर की यातायात व्यवस्था नियंत्रित और संचालित की जा रही है। हालांकि अभी तक पूरी तरह से व्यवस्था नहीं बन सकी है, लेकिन शुरुआत ही में संकेत सुधारात्मक मिल रहे हैं। महानगर में कुल 897 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, जो प्रमुख चौराहों, तिराहों और मार्गों के साथ ही ऐसी छोटी बड़ी सड़कों पर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आपराधिक घटनाएं होने का खतरा है। अभी तक मात्र पांच चौराहों और तिराहों पर 55 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनका रिजल्ट सकारात्मक देखने को मिल रहा है। इन कैमरों के माध्यम से आईसीसीसी में तैनात पुलिसकर्मी चौराहों और तिराहों पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरों के जरिए गाड़ियों के नंबर जूम कर ऑनलाइन चालान काट रहे हैं। अभी तक यातायात पुलिसकर्मी वाहन रोककर मोबाइल ऐप के जरिए नंबर प्लेट का फोटो खींचकर चालान काटते थे। कई बार लोग राजनीतिक अन्य प्रकार का दबाव बनाकर बच निकलते थे, लेकिन ऑनलाइन चालान कटने में सिफारिशें भी खत्म हो गई हैं।
प्रतिदिन कट रहे 200 से अधिक चालान
आईसीसीसी में बैठे पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अभी तक कई हजार वाहनों के चालान काट चुके हैं। मई माह के पहले सप्ताह में 17 हजार वाहनों का चालान काटा गया था। यानी प्रतिदिन ढाई हजार से अधिक चालान काटे गए थे। यह बात समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद लोग सचेत हुए हैं। अब प्रतिदिन 200 के करीब वाहनों के चालान हो रहे हैं। यानी नियम तोड़ने वालों की संख्या तेजी से कम हुई है।
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पब्लिक एड्रेेस सिस्टम बन रहा सहयोगी
महानगर में सभी चौराहों, तिराहों और प्रमुख मार्गों पर पब्लिक एड्रेस के लिए स्पीकर्स लगाए जा रहे हैं। आईसीसीसी में बैठे कर्मचारी सीसीटीवी पर नजर रखने के साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने को कह रहे हैं। वह गाड़ी का नंबर तक बोलकर वाहन चालक को नियम में आने की नसीहत देते हैं, जिसके बाद सभी अलर्ट हो रहे हैं।
शहर में सुरक्षा भी बढ़ी
सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद चौराहों और सड़कों पर आम नागरिक खासकर महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है। अब कोई भी अपराधी किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद सीसीटीवी कैमरों की वजह से आसानी से पहचान में आ सकता है।
आईसीसीसी से न केवल महानगर की एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि नागरिकों को निर्देशित भी किया जा रहा है। अभी यह शुरुआत है, जिसके परिणाम बेहद सुखद नजर आ रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुधर रही है। आगामी दिनों में आईसीसीसी और बेहतर काम करेगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए यातायात विभाग कई तरीके अपना चुका है। करीब एक दशक पहले ट्रैफिक सिग्नल भी लगाए गए थे, लेकिन उनसे भी यातायात व्यवस्था नहीं सुधरी। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी भी लगवाए गए थे, जिनका कंट्रोल पुलिसलाइन से था, लेकिन वह व्यवस्था भी फेल रही। ऐसे में विभाग चौराहों पर पुलिसकर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान खड़े कर यातायात के नियमों का पालन कराने का प्रयास करता रहा है, लेकिन अब स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम परिसर में आईसीसीसी बनाया गया है, जहां से महानगर की यातायात व्यवस्था नियंत्रित और संचालित की जा रही है। हालांकि अभी तक पूरी तरह से व्यवस्था नहीं बन सकी है, लेकिन शुरुआत ही में संकेत सुधारात्मक मिल रहे हैं। महानगर में कुल 897 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, जो प्रमुख चौराहों, तिराहों और मार्गों के साथ ही ऐसी छोटी बड़ी सड़कों पर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आपराधिक घटनाएं होने का खतरा है। अभी तक मात्र पांच चौराहों और तिराहों पर 55 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनका रिजल्ट सकारात्मक देखने को मिल रहा है। इन कैमरों के माध्यम से आईसीसीसी में तैनात पुलिसकर्मी चौराहों और तिराहों पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरों के जरिए गाड़ियों के नंबर जूम कर ऑनलाइन चालान काट रहे हैं। अभी तक यातायात पुलिसकर्मी वाहन रोककर मोबाइल ऐप के जरिए नंबर प्लेट का फोटो खींचकर चालान काटते थे। कई बार लोग राजनीतिक अन्य प्रकार का दबाव बनाकर बच निकलते थे, लेकिन ऑनलाइन चालान कटने में सिफारिशें भी खत्म हो गई हैं।
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प्रतिदिन कट रहे 200 से अधिक चालान
आईसीसीसी में बैठे पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अभी तक कई हजार वाहनों के चालान काट चुके हैं। मई माह के पहले सप्ताह में 17 हजार वाहनों का चालान काटा गया था। यानी प्रतिदिन ढाई हजार से अधिक चालान काटे गए थे। यह बात समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद लोग सचेत हुए हैं। अब प्रतिदिन 200 के करीब वाहनों के चालान हो रहे हैं। यानी नियम तोड़ने वालों की संख्या तेजी से कम हुई है।
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पब्लिक एड्रेेस सिस्टम बन रहा सहयोगी
महानगर में सभी चौराहों, तिराहों और प्रमुख मार्गों पर पब्लिक एड्रेस के लिए स्पीकर्स लगाए जा रहे हैं। आईसीसीसी में बैठे कर्मचारी सीसीटीवी पर नजर रखने के साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने को कह रहे हैं। वह गाड़ी का नंबर तक बोलकर वाहन चालक को नियम में आने की नसीहत देते हैं, जिसके बाद सभी अलर्ट हो रहे हैं।
शहर में सुरक्षा भी बढ़ी
सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद चौराहों और सड़कों पर आम नागरिक खासकर महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है। अब कोई भी अपराधी किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद सीसीटीवी कैमरों की वजह से आसानी से पहचान में आ सकता है।
आईसीसीसी से न केवल महानगर की एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि नागरिकों को निर्देशित भी किया जा रहा है। अभी यह शुरुआत है, जिसके परिणाम बेहद सुखद नजर आ रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुधर रही है। आगामी दिनों में आईसीसीसी और बेहतर काम करेगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।

अंबेडकर चौक पर जेबरा क्रोसिंग से पहले रूका ट्रेफिक- फोटो : SAHARANPUR