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बरसात में टापू बन जाता है नदियों से घिरा फतेहपुर पेलियो गांव
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बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। चारों तरफ से नदियों से घिरा होने के कारण घाड़ का फतेहपुर पेलियो गांव बरसात के मौसम में टापू बन जाता है। नदियों में पानी आने पर ग्रामीणों का संपर्क समीपवर्ती कस्बे और बिहारीगढ़ से कट जाता है। ऐसे में बीमार होने की दशा में रोगी को समय पर उपचार तक नहीं मिल पाता है। ग्रामीण लंबे समय से सोलानी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि और अफसर लगातार उनकी अनदेखी कर रहे हैं।
शिवालिक की तलहटी में बसा घाड़ क्षेत्र का गांव फतेहपुर पेलियो चारों तरफ नदियों से घिरा है। आजादी के 74 वर्ष बाद भी इस गांव के लोग सड़क और पुल जैसी जन सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में जाने के लिए बना सड़क मार्ग खस्ताहाल हो चुका है, जिस पर धूल के गुबार उड़ते हैं। बिहारीगढ़ से गांव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग पर खुशहालीपुर गांव के पास सोलानी नदी पड़ती है। इसका फाट करीब आधा किमी चौड़ा है, जिस पर पुल या रपटा कुछ भी नहीं बना है। गांव के तीनों तरफ मोहंड , गुलरिया, खुजनावर खोल नदियों का जाल बिछा है। ऐसे में बरसात में नदियों में पानी आने पर गांव टापू बन जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि बरसात के दिनों में किसी बीमार व्यक्ति को गांव से बाहर ले जाना पड़ जाए तो वह बड़ा मुश्किल है। नदी में पानी आने की दशा में घंटों घंटों किनारे खड़ा रहना पड़ता है। पानी उतरने के बाद ही किसी बड़े वाहन से नदी पार करके बिहारीगढ़ या अन्य किसी शहर तक जाया जा सकता है। वे गांव आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग करते हैं उस वक्त तो सभी आश्वासन दे जाते हैं लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता।
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पूर्व प्रधान गिरवर सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शासन व जनप्रतिनिधियों तक पुल बनवाने की मांग को रखा लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
सरदार पाल्ली सिंह का कहना है कि नदी पर पुल न होना गांव के लोगों की मुख्य समस्या है लेकिन कोई भी नेता इस ओर ध्यान नहीं देता है। बरसात के मौसम में ग्रामीण गांव में कैद होकर रह जाते हैं। बीमार होने पर एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है।
ग्राम प्रधान मोहम्मद अफजल का कहना है कि पूर्व की सपा सरकार में वे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पुल निर्माण के लिए मिले थे। डीएम और मंडलायुक्त से भी गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बेहट विधायक नरेश सैनी का कहना है कि सोलानी नदी पर पुल बनवाने की मांग उनके द्वारा विधान सभा में कई बार उठाई गई है लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। पुल निर्माण के लिए उनके द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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शिवालिक की तलहटी में बसा घाड़ क्षेत्र का गांव फतेहपुर पेलियो चारों तरफ नदियों से घिरा है। आजादी के 74 वर्ष बाद भी इस गांव के लोग सड़क और पुल जैसी जन सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में जाने के लिए बना सड़क मार्ग खस्ताहाल हो चुका है, जिस पर धूल के गुबार उड़ते हैं। बिहारीगढ़ से गांव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग पर खुशहालीपुर गांव के पास सोलानी नदी पड़ती है। इसका फाट करीब आधा किमी चौड़ा है, जिस पर पुल या रपटा कुछ भी नहीं बना है। गांव के तीनों तरफ मोहंड , गुलरिया, खुजनावर खोल नदियों का जाल बिछा है। ऐसे में बरसात में नदियों में पानी आने पर गांव टापू बन जाता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि यदि बरसात के दिनों में किसी बीमार व्यक्ति को गांव से बाहर ले जाना पड़ जाए तो वह बड़ा मुश्किल है। नदी में पानी आने की दशा में घंटों घंटों किनारे खड़ा रहना पड़ता है। पानी उतरने के बाद ही किसी बड़े वाहन से नदी पार करके बिहारीगढ़ या अन्य किसी शहर तक जाया जा सकता है। वे गांव आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग करते हैं उस वक्त तो सभी आश्वासन दे जाते हैं लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता।
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पूर्व प्रधान गिरवर सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शासन व जनप्रतिनिधियों तक पुल बनवाने की मांग को रखा लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
सरदार पाल्ली सिंह का कहना है कि नदी पर पुल न होना गांव के लोगों की मुख्य समस्या है लेकिन कोई भी नेता इस ओर ध्यान नहीं देता है। बरसात के मौसम में ग्रामीण गांव में कैद होकर रह जाते हैं। बीमार होने पर एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है।
ग्राम प्रधान मोहम्मद अफजल का कहना है कि पूर्व की सपा सरकार में वे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पुल निर्माण के लिए मिले थे। डीएम और मंडलायुक्त से भी गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बेहट विधायक नरेश सैनी का कहना है कि सोलानी नदी पर पुल बनवाने की मांग उनके द्वारा विधान सभा में कई बार उठाई गई है लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। पुल निर्माण के लिए उनके द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है।