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लीक से हटकर कर रहे खेती, कमा रहे मुनाफा
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- मदनलाल सैनी, एफपीओ संचालक
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कृषक उत्पादक संगठन बने तो नया रास्ता खुला। किसानों ने लीक से हटकर खेती करनी शुरू की तो मुनाफा भी कमा रहे हैं। जिले में ऐसे कृषक उत्पादक संगठन न सिर्फ जैविक और औषधीय खेती करा रहे हैं, बल्कि अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेच भी रहे हैं। जनपद में नौ कृषक उत्पादक संगठनों ने अपने साथ सैकड़ों लघु एवं सीमांत किसानों जोड़ा है।
किसानों की आय को बढ़ाने की रणनीति के तहत सरकार ने प्रत्येक विकास खंड में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत किसानों का संगठन बनाकर उनसे न सिर्फ जैविक खेती कराई जा रही है बल्कि विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके तहत संगठनों को अपने साथ लघु एवं सीमांत किसानों को जोड़कर उन्हें भी उच्च गुणवत्ता युक्त खेती कराना है। जिले में नौ एफपीओ स्थापित हो चुके हैं।
इस क्षेत्र में कार्य कर रहे एफपीओ
कृषक उत्पादक संगठन से जुडे़ किसान मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन, जैविक खाद, कृषि यंत्र, लैमन ग्रास, लेमन ग्रास ऑयल का उत्पादन एवं विपणन, गेहूं, धान, आलू, दलहन, मुर्गी पालन, डेयरी के कार्यों से जुडे़ हैं।
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मंडी में कर रहे उत्पादों की बिक्री
एफपीओ से जुडे़ किसानों के जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन स्टॉलों पर फल, सब्जियां, शक्कर, खांड़, गुड़, लैमन ग्रास ऑयल, आंवला मुरब्बा, सिरका, अश्वगंधा, सरसों का तेल, मोरंगा, साबुत उड़द आदि की बिक्री की जाती हैं।
एफपीओ से जुड़े किसानों की बात
गांव बालपुर निवासी किसान मदनलाल सैनी औषधीय खेती करते हैं। अपने साथ लघु एवं सीमांत किसानों को जोड़ रखा है। करीब एक हजार बीघा में लैमन ग्रास, दो एकड़ में सहजन और दो एकड़ में जर्मन केमेवाइल की खेती करा रहे हैं। औषधीय उत्पादों को दुकानदारों और दवाखानों को बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
नया गांव के किसान सत्यपाल सिंह का पूरा फोकस जैविक खेती पर है। उनसे जुडे़ किसान जैविक सब्जियों, गेहूं, धान, तिलहन और दलहन की खेती करते हैं। उनका एफपीओ चावल और सरसों का तेल भी तैयार कर बाजार में बेचता है।
इन जगहों पर बने संगठन
मुजफ्फराबाद में दो, नकुड़ एवं गंगोह में तीन और पुंवारका, नानौता, सढ़ौली कदीम, रामपुर मनिहारान विकास खंड में एक-एक एफपीओ कार्य कर रहे हैं।
किसानों की आय को बढ़ाने की दिशा में एफपीओ अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। जिले के नौ एफपीओ के साथ बड़ी संख्या में लघु एवं सीमांत किसान जुडे़ हैं। बढ़िया मुनाफे के चलते एफपीओ के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। - रामजतन मिश्र, उप निदेशक कृषि।
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किसानों की आय को बढ़ाने की रणनीति के तहत सरकार ने प्रत्येक विकास खंड में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत किसानों का संगठन बनाकर उनसे न सिर्फ जैविक खेती कराई जा रही है बल्कि विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके तहत संगठनों को अपने साथ लघु एवं सीमांत किसानों को जोड़कर उन्हें भी उच्च गुणवत्ता युक्त खेती कराना है। जिले में नौ एफपीओ स्थापित हो चुके हैं।
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इस क्षेत्र में कार्य कर रहे एफपीओ
कृषक उत्पादक संगठन से जुडे़ किसान मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन, जैविक खाद, कृषि यंत्र, लैमन ग्रास, लेमन ग्रास ऑयल का उत्पादन एवं विपणन, गेहूं, धान, आलू, दलहन, मुर्गी पालन, डेयरी के कार्यों से जुडे़ हैं।
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मंडी में कर रहे उत्पादों की बिक्री
एफपीओ से जुडे़ किसानों के जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन स्टॉलों पर फल, सब्जियां, शक्कर, खांड़, गुड़, लैमन ग्रास ऑयल, आंवला मुरब्बा, सिरका, अश्वगंधा, सरसों का तेल, मोरंगा, साबुत उड़द आदि की बिक्री की जाती हैं।
एफपीओ से जुड़े किसानों की बात
गांव बालपुर निवासी किसान मदनलाल सैनी औषधीय खेती करते हैं। अपने साथ लघु एवं सीमांत किसानों को जोड़ रखा है। करीब एक हजार बीघा में लैमन ग्रास, दो एकड़ में सहजन और दो एकड़ में जर्मन केमेवाइल की खेती करा रहे हैं। औषधीय उत्पादों को दुकानदारों और दवाखानों को बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
नया गांव के किसान सत्यपाल सिंह का पूरा फोकस जैविक खेती पर है। उनसे जुडे़ किसान जैविक सब्जियों, गेहूं, धान, तिलहन और दलहन की खेती करते हैं। उनका एफपीओ चावल और सरसों का तेल भी तैयार कर बाजार में बेचता है।
इन जगहों पर बने संगठन
मुजफ्फराबाद में दो, नकुड़ एवं गंगोह में तीन और पुंवारका, नानौता, सढ़ौली कदीम, रामपुर मनिहारान विकास खंड में एक-एक एफपीओ कार्य कर रहे हैं।
किसानों की आय को बढ़ाने की दिशा में एफपीओ अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। जिले के नौ एफपीओ के साथ बड़ी संख्या में लघु एवं सीमांत किसान जुडे़ हैं। बढ़िया मुनाफे के चलते एफपीओ के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। - रामजतन मिश्र, उप निदेशक कृषि।

- सतपाल सिंह, एफपीओ संचालक- फोटो : SAHARANPUR