{"_id":"5efb89008ebc3e432920187e","slug":"farmers-upset-due-to-urea-shortage-saharanpur-news-mrt488995832","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरिया की किल्लत से किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूरिया की किल्लत से किसान परेशान
विज्ञापन
पृथ्वीसिंह
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जनपद के कई क्षेत्रों में किसान यूरिया की किल्लत से जूझ रहे हैं। इसका कारण यूरिया की गत वर्ष की अपेक्षा अधिक डिमांड होना बताया जा रहा है। यूरिया की आपूर्ति के लिए बफर स्टॉक का भी सहारा लिया जा रहा है। जिले में 4612 मीट्रिक टन यूरिया का बफर स्टॉक है। एक एकड़ वाले किसान को दो कट्टे और अधिक रकबे वाले किसान को अधिकतम पांच कट्टे दिए जाने के निर्देश सहकारी समितियों को दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक, दो दिन में यूरिया की एक रैक आ रही है। इसमें करीब 2600 मीट्रिक टन यूरिया होगा।
सहकारी समिति नागल, चंदेना कोली, दंघेड़ा और बसेड़ा समितियों पर यूरिया की किल्लत है। नागल सहकारी समिति के एमडी रामकुमार ने बताया कि समिति में पिछले दो दिनों से यूरिया नहीं है। इस बार डिमांड ज्यादा होने के चलते यूरिया की किल्लत हो रही है। हफ्ते में एक गाड़ी मिलती है जिसे किसान हाथों हाथ ले जाते हैं। गांगनौली सहकारी समिति और कस्बे में सरकारी दुकान पर भी यूरिया नहीं है। गांव कुकावी निवासी चौधरी पृथ्वी सिंह ने बताया कि समिति में यूरिया नहीं है। नागल की सहकारी समिति पर खड़े गांव नन्हेड़ा बुड्ढा खेड़ा निवासी खुर्शीद ने बताया कि वह पहले भी यूरिया लेने कई बार सोसाइटी पर आ चुका है, लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। बढेड़ी कोली निवासी किसान अरुण नोसरान ने बताया कि यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। सहकारी समिति गंगोह के प्रबंधक प्रवेश चौधरी का कहना है कि यूरिया की कमी नहीं है, लेकिन किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया खरीद रहे हैं। सहकारी समिति लखनौती के प्रबंधक दारा सिंह का कहना है कि यूरिया की कमी एक दो दिन में पूरी हो जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के नकुड़ तहसील अध्यक्ष चौधरी देशपाल सिंह का कहना है कि एक किसान को अधिकतम पांच कट्टे देने के निर्णय का विरोध हो रहा है। बीनपुर सोसायटी के किसान इकबाल अहमद का कहना है कि जब भी फसल बोने का समय होता है तभी व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार यूरिया खाद की आपूर्ति कम कर देती है। लखनौती सहकारी समिति से जुड़े किसान कुलदीप सिंह सैनी का कहना है की यह सरकार किसान विरोधी है किसानों के सामने आए दिन संकट खड़ी करती रहती है। सहायक निबंधक सहकारी समितियां अशोक कुमार ने कहा कि डिमांड बढ़ने से जिले में यूरिया की कमी आई है। एक दो दिन में करीब 2600 टन यूरिया की एक रैक आने वाली है। जिससे यूरिया की किल्लत समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
सहकारी समिति नागल, चंदेना कोली, दंघेड़ा और बसेड़ा समितियों पर यूरिया की किल्लत है। नागल सहकारी समिति के एमडी रामकुमार ने बताया कि समिति में पिछले दो दिनों से यूरिया नहीं है। इस बार डिमांड ज्यादा होने के चलते यूरिया की किल्लत हो रही है। हफ्ते में एक गाड़ी मिलती है जिसे किसान हाथों हाथ ले जाते हैं। गांगनौली सहकारी समिति और कस्बे में सरकारी दुकान पर भी यूरिया नहीं है। गांव कुकावी निवासी चौधरी पृथ्वी सिंह ने बताया कि समिति में यूरिया नहीं है। नागल की सहकारी समिति पर खड़े गांव नन्हेड़ा बुड्ढा खेड़ा निवासी खुर्शीद ने बताया कि वह पहले भी यूरिया लेने कई बार सोसाइटी पर आ चुका है, लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। बढेड़ी कोली निवासी किसान अरुण नोसरान ने बताया कि यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। सहकारी समिति गंगोह के प्रबंधक प्रवेश चौधरी का कहना है कि यूरिया की कमी नहीं है, लेकिन किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया खरीद रहे हैं। सहकारी समिति लखनौती के प्रबंधक दारा सिंह का कहना है कि यूरिया की कमी एक दो दिन में पूरी हो जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के नकुड़ तहसील अध्यक्ष चौधरी देशपाल सिंह का कहना है कि एक किसान को अधिकतम पांच कट्टे देने के निर्णय का विरोध हो रहा है। बीनपुर सोसायटी के किसान इकबाल अहमद का कहना है कि जब भी फसल बोने का समय होता है तभी व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार यूरिया खाद की आपूर्ति कम कर देती है। लखनौती सहकारी समिति से जुड़े किसान कुलदीप सिंह सैनी का कहना है की यह सरकार किसान विरोधी है किसानों के सामने आए दिन संकट खड़ी करती रहती है। सहायक निबंधक सहकारी समितियां अशोक कुमार ने कहा कि डिमांड बढ़ने से जिले में यूरिया की कमी आई है। एक दो दिन में करीब 2600 टन यूरिया की एक रैक आने वाली है। जिससे यूरिया की किल्लत समाप्त हो जाएगी।

खुर्शीद- फोटो : SAHARANPUR

इकबाल अहमद राव- फोटो : SAHARANPUR

देशपाल चौधरी- फोटो : SAHARANPUR

कुलदीप सैनी- फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन