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सड़कों से लगी अपनी जमीनों को न बेचें किसान : टिकैत
Sat, 08 Apr 2023 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:12 AM IST
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स्वं चौ चरण सिंह की समाधि पर पुष्पाजंलि अर्पित करते चौ राकेश टिकैत
बिहारीगढ़(सहारनपुर)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की सड़क से लगी जमीनों पर पूंजीपतियों की नजरें हैं। किसान अपनी जमीनों को कतई न बेचें उन पर खुद कोई काम कर लें अन्यथा एक दिन उन्हें पूंजीपतियों के यहां मजदूरी करनी पड़ेगी।
मनोहरपुर में भाकियू के ब्लाॅक अध्यक्ष के प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन पर केवल किसान का ही अधिकार है। जिसका सरकार भी जबरन अधिग्रहण नहीं कर सकती है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि किसान खेती छोड़कर मजदूरी करें तभी तो किसानों के गन्ने का भुगतान एक एक वर्ष के बाद किया जाता है। उन्होंने किसानों से कहा कि जब तक वह एकजुट होकर एमएसपी गारंटी कानून व अपनी जमीनें बचाने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे तब तक वह खुशहाल नहीं हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि पहले किसान अपने खेतों में मोटे अनाज पैदा करके स्वस्थ रहता था। आज सरकारें पाम आयल लेकर आ गईं, जिसे खाने से आम आदमी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जबकि पूर्व में किसान अपने खेतों में सरसों पैदा कर उसके तेल का इस्तेमाल करता था जिससे वह स्वस्थ रहता था। उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून के लिए हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने की बात कही।
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ब्लऍक अध्यक्ष उगेश कांबोज, देवेंद्र कांबोज, युवा जिलाध्यक्ष अजय कांबोज, मंडल उपाध्यक्ष डाॅ. राजबीर कांबोज, युवा तहसील अध्यक्ष सोविंद्र कांबोज, दिलशाद, विवेक कांबोज, राजकुमार, अमित धीमान, जिले सिंह मौजूद रहे।
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मनोहरपुर में भाकियू के ब्लाॅक अध्यक्ष के प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन पर केवल किसान का ही अधिकार है। जिसका सरकार भी जबरन अधिग्रहण नहीं कर सकती है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि किसान खेती छोड़कर मजदूरी करें तभी तो किसानों के गन्ने का भुगतान एक एक वर्ष के बाद किया जाता है। उन्होंने किसानों से कहा कि जब तक वह एकजुट होकर एमएसपी गारंटी कानून व अपनी जमीनें बचाने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे तब तक वह खुशहाल नहीं हो सकेगा।
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उन्होंने बताया कि पहले किसान अपने खेतों में मोटे अनाज पैदा करके स्वस्थ रहता था। आज सरकारें पाम आयल लेकर आ गईं, जिसे खाने से आम आदमी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जबकि पूर्व में किसान अपने खेतों में सरसों पैदा कर उसके तेल का इस्तेमाल करता था जिससे वह स्वस्थ रहता था। उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून के लिए हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने की बात कही।
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ब्लऍक अध्यक्ष उगेश कांबोज, देवेंद्र कांबोज, युवा जिलाध्यक्ष अजय कांबोज, मंडल उपाध्यक्ष डाॅ. राजबीर कांबोज, युवा तहसील अध्यक्ष सोविंद्र कांबोज, दिलशाद, विवेक कांबोज, राजकुमार, अमित धीमान, जिले सिंह मौजूद रहे।