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सस्ते में कोल्हुओं पर गन्ना बेचने को मजबूर किसान

Thu, 25 Nov 2021 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:33 AM IST
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Farmers forced to sell sugarcane cheaply on crushers
बिहारीगढ़ में चलता कोल्हू - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। गेहूं बुवाई के लिए खेत खाली करने की जल्दी और तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ किसान सस्ते में गन्ना कोल्हुओं में डाल रहे हैं। कोल्हुओं में गन्ने का भाव 230 से 250 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जबकि प्रदेश सरकार ने अगेती प्रजातियों का 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित कर रखा है।
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जिले में सभी छह चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है, लेकिन कुछ किसान कोल्हुओं में कम रेट पर गन्ना डाल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह रबी फसलों की बुवाई के लिए जल्द खेत खाली करना और रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना है। इसके अलावा चीनी मिलों द्वारा किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करना भी बड़ा कारण है। जिले के किसानों का चार चीनी मिलों पर अभी भी करीब 240 करोड़ रुपये बकाया हैं। किसान रोजमर्रा के खर्च के लिए कोल्हुओं पर नकद में कम रेट पर गन्ना डाल रहे हैं।
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बोले किसान -- गेहूं बुर्वाई के लिए खेत कर रहे खाली
गांव इसाकपुर निवासी रामनाथ ने बताया कि वे अपना गन्ना 250 रुपये क्विंटल कोल्हुओं में डाल रहे हैं। गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली करना है। शुगर मिल की पर्ची भी कम आ रही है, साथ ही मिल ने अभी तक गत सीजन का ही पूरा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है।
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कम पर्चियां जारी कर रहा मिल
बड़ोली नया गांव निवासी किसान सुनील कुमार का कहना है कि मिल कम इंडेंट जारी कर रहा है। इससे किसानों को गन्ना औने पौने दामों में कोल्हू पर डालना पड़ रहा है। यदि समय से खेत खाली नहीं हुए तो गेहूं की बुर्वाई पछेती होगी। उन्होंने भी 225 रुपये क्विंटल के भाव पर गन्ना कोल्हू में डाला है।
लागत भी नहीं निकल रही
साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव मंझाडी निवासी किसान मन्नू सिंह सैनी का कहना है कि उसके पास छह बीघा पेड़ी गन्ना है, लेकिन अभी तक एक भी पर्ची नहीं आई है। ऐसे में मजबूरीवश गन्ना कोल्हू में 230 रुपये क्विंटल डालना पड रहा है। इससे फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है।

रोजमर्रा के खर्च के लिए कोल्हू में डाल रहे गन्ना
गांव गंगोली निवासी किसान नितिन कुमार ने बताया कि चीनी मिल से कम पर्ची आ रही हैं और भुगतान भी काफी देर होती है। घर का खर्च, शादियों और बीमारी आदि के लिए भी आर्थिक जरूरतें हैं। इसके चलते कोल्हू में नकद 250 रुपये क्विंटल गन्ना बेचना पड़ रहा है।
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