{"_id":"59f232864f1c1b8d698b7e41","slug":"farmers-demanded-a-similar-compensation-for-acquisition","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने अधिग्रहण का एक समान मुआवजा मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने अधिग्रहण का एक समान मुआवजा मांगा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
किसानों की समस्याएं सुनते हुए डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में बाईपास के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में एक समान मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित गांवों के किसान बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी पीके पांडे को मिले। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को अलग अलग मुआवजा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को वरिष्ठ किसान नेता चौधरी प्रीतम सिंह और चौधरी राजपाल सिंह जगहैता गुर्जर के नेतृत्व में बाईपास प्रभावित गांवों के किसान जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने डीएम को किसानों की मांगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इससे पूर्व कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि सभी किसानों को भूमि अधिग्रहण में एक समान मुआवजा चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी खेतों से किसानों को लगभग बराबर ही कृषि उत्पादन मिलता है।
विज्ञापन
ऐसे में किसानों को अलग अलग मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। प्रशासन की इस नीति को किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी किसान बाईपास में बनने वालेे अंडरपास, नाली आदि के बारे में अपने अपने गांव में ही सहमति तैयार कर लें।
आवश्यकता वाले हर स्थान पर इन सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस भूमि अधिग्रहण में जिले के करीब 80 गांव प्रभावित हो रहे हैं। पहल सिंह यादव, सतपाल टोली, प्रदीप नंबरदार नंदी, संदीप एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को वरिष्ठ किसान नेता चौधरी प्रीतम सिंह और चौधरी राजपाल सिंह जगहैता गुर्जर के नेतृत्व में बाईपास प्रभावित गांवों के किसान जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने डीएम को किसानों की मांगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
इससे पूर्व कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि सभी किसानों को भूमि अधिग्रहण में एक समान मुआवजा चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी खेतों से किसानों को लगभग बराबर ही कृषि उत्पादन मिलता है।
विज्ञापन
ऐसे में किसानों को अलग अलग मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। प्रशासन की इस नीति को किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी किसान बाईपास में बनने वालेे अंडरपास, नाली आदि के बारे में अपने अपने गांव में ही सहमति तैयार कर लें।
आवश्यकता वाले हर स्थान पर इन सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस भूमि अधिग्रहण में जिले के करीब 80 गांव प्रभावित हो रहे हैं। पहल सिंह यादव, सतपाल टोली, प्रदीप नंबरदार नंदी, संदीप एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।