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किसान सेठपाल सिंह को आज मिलेगा पदमश्री सम्मान
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सेठपाल
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को सोमवार यानि आज पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें पद्मश्री प्रदान करेंगे।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कृषि विविधिकरण के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए नंदी फिरोजपुर गांव के किसान सेठपाल सिंह के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन की घोषणा की गई थी। राष्ट्रपति भवन से पत्र मिलने के बाद सेठपाल सिंह रविवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें पद्मश्री पुरस्कार राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को अपराह्न पांच बजे होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रदान किया जाएगा।
उन्हें खेती में नए-नए प्रयोग करने के लिए पहले भी राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ खेती की नई तकनीकी का प्रयोग किया बल्कि फसल चक्र के साथ ही कृषि विविधीकरण को भी अपनाया। वे तालाब की बजाय खेत में सिंघाड़ा उत्पादन करते हैं। इसके साथ ही वे कमल के फूल, कमल ककड़ी, मत्स्य पालन, पशुपालन, सब्जी एवं मशरूम की खेती भी करते हैं। उन्होंने सहफसली के क्षेत्र में भी नए प्रयोग किए। गन्ने की फसल के साथ सहफसली के तौर पर वे प्याज, सौंफ, आलू, सरसों, मसूर और हल्दी की बेहतरीन खेती करते हैं।
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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कृषि विविधिकरण के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए नंदी फिरोजपुर गांव के किसान सेठपाल सिंह के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन की घोषणा की गई थी। राष्ट्रपति भवन से पत्र मिलने के बाद सेठपाल सिंह रविवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें पद्मश्री पुरस्कार राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को अपराह्न पांच बजे होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रदान किया जाएगा।
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उन्हें खेती में नए-नए प्रयोग करने के लिए पहले भी राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ खेती की नई तकनीकी का प्रयोग किया बल्कि फसल चक्र के साथ ही कृषि विविधीकरण को भी अपनाया। वे तालाब की बजाय खेत में सिंघाड़ा उत्पादन करते हैं। इसके साथ ही वे कमल के फूल, कमल ककड़ी, मत्स्य पालन, पशुपालन, सब्जी एवं मशरूम की खेती भी करते हैं। उन्होंने सहफसली के क्षेत्र में भी नए प्रयोग किए। गन्ने की फसल के साथ सहफसली के तौर पर वे प्याज, सौंफ, आलू, सरसों, मसूर और हल्दी की बेहतरीन खेती करते हैं।
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