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रमजान में पड़ोसी राज्यों को भी लुभा रही सहारनपुर की फैनी
Sun, 12 May 2019 11:58 PM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Sun, 12 May 2019 11:58 PM IST
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रमजान शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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पवित्र रमजान माह चल रहा है। सहरी और इफ्तारी में रोजेदारों की पहली पसंद फैनी है। खास बात यह है कि रमजान के दौरान यहां तैयार की जाने वाली फैनी हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड राज्यों के शहरों तक भेजी जाती है। यहां से इन राज्यों में बड़े पैमाने पर फैनी सप्लाई हो रही है। इसके लिए बाहर के कारोबारियों ने एडवांस बुकिंग भी कराई है।
महानगर में फैनी, खजला, सवईया और शीरमाल बनाने की करीब18 फैक्ट्रियां है। इनमें रोजाना मांग के अनुरूप 14 से 18 क्विंटल फैनी तक तैयार की जा रही है। रोजेदार सहरी और इफ्तारी में फैनी को खूब पसंद करते हैं। शहर में नखासा बाजार, चौकी सराय, मोहल्ला सराय, एकता कॉलोनी और पीरवाली गली में फैनी, खजला, सवईया और शीरमाल बनाने की बड़ी फैक्ट्रियां हैं।
इन दिनों वहां हर समय भट्टियां चल रही है। इसके अलावा छोटे कारोबारी अपने घरों पर भी यह खाद्य सामग्री तैयार कर बेचते हैं। कारोबारी बताते हैं कि चार दशकों से सहारनपुर की फैनी सबसे ज्यादा मशहूर है। सहारनपुर की फैनी का स्वाद चखने के लिए हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल के लोग यहां का रुख करते हैं और हर वर्ष रमजान में इसकी सबसे ज्यादा खरीददारी होती है। इसके अलावा इन राज्यों के व्यापारी एडवांस बुकिंग पर माल तैयार कराकर ले जाते हैं।
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स्वादिष्ट फैनी की सबसे अधिक मांग
नखासा बाजार के कारोबारी दिलशाद का कहना है कि सहारनपुर की फैनी खरीदने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड के व्यापारी और अन्य लोग आते हैं। महानगर में रोजाना 14 से 18 कुंतल फैनी तैयार होती है। यहां तैयार होने वाली फैनी स्वाद में अच्छी होने के साथ ही जल्द हजम होने वाली और गर्मी में सेहत के लिए भी ठीक है। कारोबारी हाजी गुलबहार बताते हैं कि फैनी घी, रिफाइंड, मैदा, नमक और रंग डालकर तैयार की जाती है।
कुछ ही देर में फैनी बन जाती है। रोजेदार इफ्तारी और सहरी के समय दूूध के साथ इसका इस्तेमाल करते हैं। चौकी सराय के कारोबारी दानिश का कहना है कि फैनी रमजान में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। सहारनपुर के अलावा उनके यहां रोजाना पड़ोसी राज्यों के ग्राहक भी पहुंचते हैं। मोहल्ला सराय के कारोबारी जावेद का कहना है कि खजला, सवईया और शीरमाल की भी मांग है। लेकिन सबसे ज्यादा बिक्री फैनी की है। एकता कालोनी निवासी फैक्टरी के स्वामी हाजी गुलबहार का कहना है कि पुराने ग्राहकों के साथ ही नए ग्राहक और खुद बाहरी कारोबारी भी फोन, ईमेल, व्हाट्सअप सहित अन्य माध्यमों से एडवांस बुकिंग करवा रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में अधिक क्रेज
कारोबारियों की माने तो हरियाणा और पंजाब के शहरों के साथ ही उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में यहां की फैनी का सबसे अधिक क्रेज है। इन राज्यों के करीब होने के कारण यहां के लोगों के लिए सहारनपुर से फैनी मंगाना आसान भी रहता है।
रेट
फैनी------------80 से 100 रुपये प्रति किलो
सवईया----------60 से 800 रुपये प्रति किलो
खजला----------80 से 100 रुपये प्रति किलो
शीरमाल---------50 से लेकर 80 रुपये तक जोड़ा
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महानगर में फैनी, खजला, सवईया और शीरमाल बनाने की करीब18 फैक्ट्रियां है। इनमें रोजाना मांग के अनुरूप 14 से 18 क्विंटल फैनी तक तैयार की जा रही है। रोजेदार सहरी और इफ्तारी में फैनी को खूब पसंद करते हैं। शहर में नखासा बाजार, चौकी सराय, मोहल्ला सराय, एकता कॉलोनी और पीरवाली गली में फैनी, खजला, सवईया और शीरमाल बनाने की बड़ी फैक्ट्रियां हैं।
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इन दिनों वहां हर समय भट्टियां चल रही है। इसके अलावा छोटे कारोबारी अपने घरों पर भी यह खाद्य सामग्री तैयार कर बेचते हैं। कारोबारी बताते हैं कि चार दशकों से सहारनपुर की फैनी सबसे ज्यादा मशहूर है। सहारनपुर की फैनी का स्वाद चखने के लिए हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल के लोग यहां का रुख करते हैं और हर वर्ष रमजान में इसकी सबसे ज्यादा खरीददारी होती है। इसके अलावा इन राज्यों के व्यापारी एडवांस बुकिंग पर माल तैयार कराकर ले जाते हैं।
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स्वादिष्ट फैनी की सबसे अधिक मांग
नखासा बाजार के कारोबारी दिलशाद का कहना है कि सहारनपुर की फैनी खरीदने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड के व्यापारी और अन्य लोग आते हैं। महानगर में रोजाना 14 से 18 कुंतल फैनी तैयार होती है। यहां तैयार होने वाली फैनी स्वाद में अच्छी होने के साथ ही जल्द हजम होने वाली और गर्मी में सेहत के लिए भी ठीक है। कारोबारी हाजी गुलबहार बताते हैं कि फैनी घी, रिफाइंड, मैदा, नमक और रंग डालकर तैयार की जाती है।
कुछ ही देर में फैनी बन जाती है। रोजेदार इफ्तारी और सहरी के समय दूूध के साथ इसका इस्तेमाल करते हैं। चौकी सराय के कारोबारी दानिश का कहना है कि फैनी रमजान में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। सहारनपुर के अलावा उनके यहां रोजाना पड़ोसी राज्यों के ग्राहक भी पहुंचते हैं। मोहल्ला सराय के कारोबारी जावेद का कहना है कि खजला, सवईया और शीरमाल की भी मांग है। लेकिन सबसे ज्यादा बिक्री फैनी की है। एकता कालोनी निवासी फैक्टरी के स्वामी हाजी गुलबहार का कहना है कि पुराने ग्राहकों के साथ ही नए ग्राहक और खुद बाहरी कारोबारी भी फोन, ईमेल, व्हाट्सअप सहित अन्य माध्यमों से एडवांस बुकिंग करवा रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में अधिक क्रेज
कारोबारियों की माने तो हरियाणा और पंजाब के शहरों के साथ ही उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में यहां की फैनी का सबसे अधिक क्रेज है। इन राज्यों के करीब होने के कारण यहां के लोगों के लिए सहारनपुर से फैनी मंगाना आसान भी रहता है।
रेट
फैनी------------80 से 100 रुपये प्रति किलो
सवईया----------60 से 800 रुपये प्रति किलो
खजला----------80 से 100 रुपये प्रति किलो
शीरमाल---------50 से लेकर 80 रुपये तक जोड़ा