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Saharanpur News: ग्लोकल विश्वविद्यालय की बनाई फर्जी वेबसाइट, बेची डिग्रियां
Fri, 12 Sep 2025 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 01:03 AM IST
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सहारनपुर। मिर्जापुर स्थित ग्लोकल विश्वविद्यालय की वेबसाइट बनाकर छात्रों को फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
ग्लोकल विश्वविद्यालय की डीन डॉ. रेशमा ताहिर ने तहरीर देकर बताया कि विश्वविद्यालय की असली और अधिकृत वेबसाइट https://glocaluniversity.edu.in/ है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की कोई अन्य वेबसाइट मान्य नहीं है, लेकिन अज्ञात साइबर आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों की भिन्न-भिन्न फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट बनाकर जारी किए। इसका पता लगने पर रजिस्ट्रार ने संबंधित फर्जी वेबसाइटों से प्राप्त नकली प्रमाणपत्र और उनके तकनीकी साक्ष्य विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विभाग से जुटाए। साथ ही फर्जी वेबसाइटों का ट्रैक रिकॉर्ड भी निकलवाया। डॉ. रेशमा ताहिर ने यह भी बताया कि इस मामले में पूर्व में भी छह जून व नौ जून 2025 को एसएसपी को शिकायती पत्र दिए गए थे। इसके साथ ही 17 जुलाई व 12 जुलाई को भी डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे न सिर्फ छवि धूमिल हो रही है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
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ग्लोकल विश्वविद्यालय की डीन डॉ. रेशमा ताहिर ने तहरीर देकर बताया कि विश्वविद्यालय की असली और अधिकृत वेबसाइट https://glocaluniversity.edu.in/ है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की कोई अन्य वेबसाइट मान्य नहीं है, लेकिन अज्ञात साइबर आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों की भिन्न-भिन्न फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट बनाकर जारी किए। इसका पता लगने पर रजिस्ट्रार ने संबंधित फर्जी वेबसाइटों से प्राप्त नकली प्रमाणपत्र और उनके तकनीकी साक्ष्य विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विभाग से जुटाए। साथ ही फर्जी वेबसाइटों का ट्रैक रिकॉर्ड भी निकलवाया। डॉ. रेशमा ताहिर ने यह भी बताया कि इस मामले में पूर्व में भी छह जून व नौ जून 2025 को एसएसपी को शिकायती पत्र दिए गए थे। इसके साथ ही 17 जुलाई व 12 जुलाई को भी डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे न सिर्फ छवि धूमिल हो रही है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
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