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Saharanpur News: अनुदान पाने को सास-ससुर के बनाए फर्जी हस्ताक्षर
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-जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां किया आवेदन, आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शादी अनुदान योजना के तहत पैसा लेने के लिए एक युवक ने सास-ससुर के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन किया। लेखपाल की जांच में पता चला कि हस्ताक्षर फर्जी हैं। शिकायत पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि मोहित पुत्र महेंद्र निवासी गांव मेघछप्पर ने 20 अगस्त 2022 को एक युवती से कोर्ट मैरिज की थी। युवती के माता-पिता इस शादी से खुश नहीं थे और विरोध कर रहे थे। मोहित को किसी व्यक्ति ने बताया कि अंतरजातीय शादी अनुदान योजना के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन करने पर उसे ढाई लाख रुपये मिल जाएंगे। वह समाज कल्याण अधिकारी के यहां गया तो पता चला कि एक शपथ पत्र पत्नी के माता-पिता का भी देना होगा, लेकिन मोहित को पता था कि उसके सास-ससुर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। इसके बाद आरोपी ने अपने पिता की मदद से सास-ससुर के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एक शपथ पत्र तैयार कराया। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां अनुदान के लिए आवेदन किया। इसकी जांच करने के लिए लेखपाल सास-ससुर के घर पहुंचा, जिन्होंने बताया कि उन्होंने कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसकी जानकारी लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद थाना कुतुबशेर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शादी अनुदान योजना के तहत पैसा लेने के लिए एक युवक ने सास-ससुर के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन किया। लेखपाल की जांच में पता चला कि हस्ताक्षर फर्जी हैं। शिकायत पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि मोहित पुत्र महेंद्र निवासी गांव मेघछप्पर ने 20 अगस्त 2022 को एक युवती से कोर्ट मैरिज की थी। युवती के माता-पिता इस शादी से खुश नहीं थे और विरोध कर रहे थे। मोहित को किसी व्यक्ति ने बताया कि अंतरजातीय शादी अनुदान योजना के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन करने पर उसे ढाई लाख रुपये मिल जाएंगे। वह समाज कल्याण अधिकारी के यहां गया तो पता चला कि एक शपथ पत्र पत्नी के माता-पिता का भी देना होगा, लेकिन मोहित को पता था कि उसके सास-ससुर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। इसके बाद आरोपी ने अपने पिता की मदद से सास-ससुर के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एक शपथ पत्र तैयार कराया। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां अनुदान के लिए आवेदन किया। इसकी जांच करने के लिए लेखपाल सास-ससुर के घर पहुंचा, जिन्होंने बताया कि उन्होंने कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसकी जानकारी लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद थाना कुतुबशेर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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