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Saharanpur News: फर्जी फर्म, असली मालिक, 18 करोड़ की लगाई चपत

Tue, 11 Nov 2025 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 11 Nov 2025 12:26 AM IST
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Fake firm, real owner, cheated of Rs 18 crore
सहारनपुर। झांसी, लखनऊ और मुरादाबाद की तरह जिले में भी पंजीकृत फर्मों ने टैक्स चोरी कर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। केंद्र व राज्य कर के अधीन पंजीकृत फर्मों की जांच की गई तो डेढ़ महीने में सात फर्म फर्जी पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने अलग-अलग थाने में फर्म व उनके मालिकों पर केस दर्ज कराया है।
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जिले में करीब 54 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनमें राज्य और केंद्र के व्यापारी जीएसटी के दायरे में आते हैं। राज्य कर आयुक्त के निर्देश पर सभी फर्मों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में आठ खंड हैं। सभी खंड के सहायक आयुक्त अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर और सत्यापन कर रही है। अक्तूबर से 10 नवंबर के बीच टीम ने केंद्रीय जीएसटी फर्मों की जांच की गई। इस दौरान सात फर्में ऐसी मिली, जो इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा चुकी है। इन सभी फर्मों के खिलाफ थाना सदर बाजार, थाना कुतुबशेर और शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में सामने आया कि पकड़ी गई फर्में केवल कागजों पर कारोबार कर रही थीं। इनमें से कई ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन कराया था। इन्हें निरस्त कराने के लिए केंद्र जीएसटी को पत्र भेजा गया है।
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-- एआई तकनीक का कर रहे इस्तेमाल
राज्य कर विभाग में खंड-सात के सहायक आयुक्त अनिल कुमार दिनकर का कहना है कि बोगस फर्माें की जांच के लिए राज्य कर विभाग ने अत्याधुनिक डेटा आधारित प्रक्रिया अपनाई है। डेटा का गहन विश्लेषण के बाद संदिग्ध फर्माें को ट्रेस किया जा रहा है। मौके पर जाकर सत्यापन किया जाता। कागजों में गड़बड़ी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर देखा जाता है तो फर्म धरातल पर मिलती ही नहीं। इससे फर्म के फर्जीवाड़े का खुलासा हो जा रहा है।
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इन पर भी हुई कार्रवाई
- नंदिनी ओवरसीज के नाम से फर्म पंजीकृत है। फर्म का कार्यालय मिशन मार्केट में दिखाया गया। जांच में पाया कि फर्म का पंजीयन मनोज निवासी मंगोलपुरी नई दिल्ली ने कराया था।

- गुरु कृपा इंटरप्राइजेज नामक फर्म ने फर्जी तरीके से पंजीयन लिया। जांच में पता चला कि फर्म का पंजीकरण मुनचुन कुमार निवासी बिहार शरीफ ने कराया था। जांच में मुनचुन कुमार ने अन्य फर्मों से मिलीभगत कर वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 28.69 लाख रुपये का आईटीसी क्लेम किया है।
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