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नकली नोट: 18 दिन गुपचुप जांच के बाद की गई रिपोर्ट, नकली मुद्रा के लिए सामान्य स्याही और पेपर का हुआ इस्तेमाल
Wed, 02 Sep 2026 06:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Sep 2026 06:50 AM IST
सार
जब अधिकारियों को नोटों में जाली नोट होने और बड़े गबन की आशंका पुष्ट हो गई तब पुलिस में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से आरोपियों का अता पता नहीं चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने की जांच गुपचुप तरीके से 18 दिनों तक चलती रही। जब अधिकारियों को नोटों में जाली नोट होने और बड़े गबन की आशंका पुष्ट हो गई तब पुलिस में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद से आरोपियों का अता पता नहीं चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
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सामान्य स्याही और पेपर का हुआ इस्तेमाल
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।
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असली नोटों के बीच गड्डी में छिपाए थे करोड़ों के जाली नोट
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में हुए 17 करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच तेज हो गई है।मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की टीम जांच के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में पांच लाख के नोटों का ऐसा बंडल मिला है, जिसमें 10 गड्डियों में से आठ गड्डियां जाली नोटों की थीं।
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पहली और आखिरी गड्डी असली और बीच में नकली नोटों की गड्डियां रखी गईं थीं। जांच टीम को ऐसे कई और बंडल मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं, आरोपी अधिकारियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
महानगर के घंटाघर स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में टीम नोटों की जांच कर रही है। दोपहर के समय आरबीआई की टीम पहुंची, जिसने कई घंटे तक जांच-पड़ताल की। बताया जा रहा कि 500 रुपये के 100 नोटों की एक गड्डी में 50 हजार रुपये होते हैं। ऐसी 10 गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल तैयार किया जाता है।
इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर जाली नोटों की अदला-बदली का खेल किए जाने की आशंका है। जांच के दौरान शुरुआती रैक में रखे बंडल सामान्य मिले। इसके बाद जैसे-जैसे टीम आगे की रैक तक पहुंची, नकली नोटों वाली गड्डियां मिलने लगीं। पांच-पांच लाख के बंडलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया था कि सामान्य जांच में नकली नोट तुरंत पकड़ में न आएं। यह भी सामने आया कि कई गड्डियां ऐसी भी मिलीं, जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ असली नोट थे और बीच में जाली नोट लगाए गए थे।
आरबीआई टीम ने खंगाली करेंसी चेस्ट, जांच की आंच हरियाणा तक
मामले में मंगलवार को आरबीआई की टीम भी पहुंच गई। टीम में शामिल अधिकारियों ने सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट खंगाली। वहीं, पुलिस ने गबन के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा में दबिश दी। जाली नोट कांड मामले में मंगलवार सुबह आरबीआई के जोनल कार्यालय की टीम ने दस्तक दे दी है। टीम में करीब छह अधिकारी हैं, जो दो गाड़ियों से सहारनपुर पहुंचे। सबसे पहले गाड़ी सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट पहुंची। टीम ने करेंसी चेस्ट में अब तक हुई नोटों की काउंटिंग के बारे में जाना। बंडल के दस्तावेज चेक किए गए। यह भी देखा कि
कौन से बंडल किस शाखा से आए हैं।
- टीम में शामिल अफसरों ने बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की। टीम करीब चार घंटे तक करेंसी चेस्ट में रही। इस मामले में पुलिस ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कई टीमें गठित हैं। एक टीम ने हरियाणा के यमुनानगर, जगाधरी, अंबाला सहित कई जिलों में दबिश दी। क्योंकि, आरोपियों में दो बैंक प्रबंधक यमुनानगर जगाधरी के रहने वाले हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है।
- जांच में नोटों के सीरियल नंबर भी अहम भूमिका निभाएंगे। टीम पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।