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स्कूलों के विकास कार्यों में गोलमाल, सीडीओ नाराज
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द्यिलय का निरीक्षण करते सीडीओ प्रणय सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में चल रहे विकास कार्यों में गोलमाल की पोल खुल गई है। सीडीओ प्रणय सिंह ने निरीक्षण करके जहां स्कूलों के कायाकल्प में गोलमाल उजागर किया वहीं संबंधित शिक्षक और अधिकारियों को फटकार लगाई।
सोमवार को सीडीओ कांकरकुई के प्राथमिक और लंढौरा गुर्जर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कांकरकुई के प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में टाइल्स लगी नहीं मिली। दिव्यांगों के लिए रैंप और रेलिंग भी नहीं लगाई गई। इसी तरह लंढौरा गुर्जर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दिव्यांग सुलभ शौचालय बदहाल मिला। यहां भी रैंप और रेलिंग की सुविधा नहीं। रसोई घर में भी शेड नहीं मिला। इतना ही नहीं विद्यालय की दीवार तिरछी मिली।
इस पर सीडीओ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को समन्वय स्थापित करके खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने प्रधानाचार्य से 2019-20 और 2020-21 की कंपोजिट ग्रांट की जानकारी मांगी, लेकिन प्रधानाचार्य द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। इस पर सीडीओ ने दो साल में खर्च की गई ग्रांट के बिल व वाउचर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सीडीओ ने दोनों गांवों के पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण किया। शौचालय की छत पर प्लास्टर होना नहीं मिला। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी व सचिव को कार्य पूरा कराकर दो दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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सोमवार को सीडीओ कांकरकुई के प्राथमिक और लंढौरा गुर्जर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कांकरकुई के प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में टाइल्स लगी नहीं मिली। दिव्यांगों के लिए रैंप और रेलिंग भी नहीं लगाई गई। इसी तरह लंढौरा गुर्जर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दिव्यांग सुलभ शौचालय बदहाल मिला। यहां भी रैंप और रेलिंग की सुविधा नहीं। रसोई घर में भी शेड नहीं मिला। इतना ही नहीं विद्यालय की दीवार तिरछी मिली।
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इस पर सीडीओ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को समन्वय स्थापित करके खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने प्रधानाचार्य से 2019-20 और 2020-21 की कंपोजिट ग्रांट की जानकारी मांगी, लेकिन प्रधानाचार्य द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। इस पर सीडीओ ने दो साल में खर्च की गई ग्रांट के बिल व वाउचर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सीडीओ ने दोनों गांवों के पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण किया। शौचालय की छत पर प्लास्टर होना नहीं मिला। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी व सचिव को कार्य पूरा कराकर दो दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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