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Saharanpur News: कम पे स्केल के अधिकारी भी ले रहे सरकारी गाड़ी का लाभ
Fri, 25 Jul 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 25 Jul 2025 12:33 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर में कई ऐसे अधिकारियों को भी सरकारी गाड़ियां मुहैया कराई गई है, जो पे स्केल के आधार पर गाड़ी के हकदार नहीं हैं। हालांकि निगम का कहना है कि जरूरत को देखते हुए गाड़ी दी गई हैं। अन्यथा कार्य प्रभावित होगा।
वर्तमान में नगर निगम के अधिकारियों के पास छोटी बड़ी करीब 25 गाड़ियां हैं। इनमें इनोवा से लेकर बोलेरो और अन्य गाड़ियां शामिल हैं। नियमानुसार विभागाध्यक्ष या फिर 5400 पे स्केल से अधिक वाले अधिकारियों को सरकारी गाड़ी रखने की अनुमति है, लेकिन नगर निगम में 4600 पे स्केल तक वाले अधिकारियों को सरकारी गाड़ी मुहैया कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत के हिसाब से गाड़ी देना मजबूरी है, जबकि हकीकत यह है कि कई अधिकारी सरकारी गाड़ी से केवल घर से दफ्तर और दफ्तर से घर जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि ऐसे दस से अधिक अधिकारी हैं, जो सरकारी गाड़ी रखने के हकदार नहीं हैं। गाड़ियों पर नगर निगम के खर्च की बात करें तो एक बड़ी गाड़ी का महीने का कुल खर्च 60 से 70 हजार रुपये है। इसमें गाड़ी का किराया, डीजल खर्च और चालक का मानदेय सभी शामिल हैं।
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अधिकारियों को सरकारी गाड़ी मुहैया कराने की सरकार के दो नियम हैं। पे स्केल से हटकर एक नियम कार्य की प्रकृति को लेकर भी है। यदि अधिकारी पर फील्ड का कार्य है तो गाड़ी देनी पड़ती है। नगर निगम में यही किया जा रहा है।
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- डॉ. अजय कुमार, महापौर
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वर्तमान में नगर निगम के अधिकारियों के पास छोटी बड़ी करीब 25 गाड़ियां हैं। इनमें इनोवा से लेकर बोलेरो और अन्य गाड़ियां शामिल हैं। नियमानुसार विभागाध्यक्ष या फिर 5400 पे स्केल से अधिक वाले अधिकारियों को सरकारी गाड़ी रखने की अनुमति है, लेकिन नगर निगम में 4600 पे स्केल तक वाले अधिकारियों को सरकारी गाड़ी मुहैया कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत के हिसाब से गाड़ी देना मजबूरी है, जबकि हकीकत यह है कि कई अधिकारी सरकारी गाड़ी से केवल घर से दफ्तर और दफ्तर से घर जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि ऐसे दस से अधिक अधिकारी हैं, जो सरकारी गाड़ी रखने के हकदार नहीं हैं। गाड़ियों पर नगर निगम के खर्च की बात करें तो एक बड़ी गाड़ी का महीने का कुल खर्च 60 से 70 हजार रुपये है। इसमें गाड़ी का किराया, डीजल खर्च और चालक का मानदेय सभी शामिल हैं।
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अधिकारियों को सरकारी गाड़ी मुहैया कराने की सरकार के दो नियम हैं। पे स्केल से हटकर एक नियम कार्य की प्रकृति को लेकर भी है। यदि अधिकारी पर फील्ड का कार्य है तो गाड़ी देनी पड़ती है। नगर निगम में यही किया जा रहा है।
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- डॉ. अजय कुमार, महापौर