{"_id":"6217d14d177ee10ce06f117e","slug":"error-found-in-the-chassis-number-of-tractors-32-tractors-caught-saharanpur-news-mrt578209284","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में मिली गड़बड़ी, पकड़े 32 ट्रैक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में मिली गड़बड़ी, पकड़े 32 ट्रैक्टर
विज्ञापन
ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में मिली गड़बड़ी, पकडे़ 32 ट्रैक्टर
सहारनपुर। जिले में संचालित हो रहे ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है। एसओजी और थानों की पुलिस गोपनीय रूप से मामले की जांच शुरू की। बृहस्पतिवार की देर शाम पुलिस ने ऐसे 32 ट्रैक्टर पकड़े हैं, जिनके चेसिस नंबर निर्माता कंपनी की ओर से डाले गए चेसिस नंबर से नहीं मिल रहे हैं। वहीं, ट्रैक्टर स्वामियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने कंपनियों की एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे हैं, लेकिन पुलिस की जांच में कंपनी के अधिकारियों ने ट्रैक्टर उनकी कंपनी के न होने का दावा किया है।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि जनपद में दो ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के ट्रैक्टरों का चेसिस नंबर बदलकर बेचा जा रहा है। एसओजी ने पुलिस के साथ मामले की जांच शुरू की। कई ट्रैक्टर स्वामियों और किसानों से ट्रैक्टरों के कागजात लेकर कंपनी से मिलान कराकर जांच की, लेकिन इन ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर कंपनी द्वारा जारी किए चेसिस नंबर से नहीं मिले हैं। एसओजी ने निर्माता कंपनियों की एजेंसी पर जाकर भी जांच की। एसओजी ने बृहस्पतिवार की देर शाम 32 ट्रैक्टर पकड़े हैं, जिनके चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है।
आखिर कहां से आए यह ट्रैक्टर
पुलिस को सूचना मिली थी कि 100 से अधिक ट्रैक्टर फर्जीवाड़े के जरिए संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस ने कागजात पर लिखे चेसिस नंबर से ट्रैक्टर पर लिखे चेसिस नंबर मिलाए तो गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह ट्रैक्टर कहां से आए हैं। पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
विज्ञापन
ट्रकों में भी गड़बड़ी होने की आशंका, पहले भी हो चुका है खुलासा
पुलिस को इसी तरह कई ट्रक भी संचालित होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने इस दिशा में भी जांच शुरू की है। तीन माह पूर्व पुलिस ने ऐसे 30 ट्रक बरामद किए थे, जो कट चुके या चोरी हो चुके ट्रकों के कागजात के आधार चेसिस नंबर ट्रकों पर लिखवाकर संचालित किए जा रहे थे।
पुलिस द्वारा मामले की जांच जा रही है। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर गड़बड़ी मिली है। ट्रैक्टर बिल पर दूसरा और ट्रैक्टर पर लिखे चेसिस नंबर अलग-अलग मिले हैं। वहीं, कंपनी ने भी दावा किया है कि ट्रैक्टर उनके यहां से नहीं खरीदे गए, जबकि ट्रैक्टर स्वामी ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे जाने की बात कही है। जांच के बाद जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल 32 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है। - आकाश तोमर, एसएसपी
विज्ञापन
सहारनपुर। जिले में संचालित हो रहे ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है। एसओजी और थानों की पुलिस गोपनीय रूप से मामले की जांच शुरू की। बृहस्पतिवार की देर शाम पुलिस ने ऐसे 32 ट्रैक्टर पकड़े हैं, जिनके चेसिस नंबर निर्माता कंपनी की ओर से डाले गए चेसिस नंबर से नहीं मिल रहे हैं। वहीं, ट्रैक्टर स्वामियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने कंपनियों की एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे हैं, लेकिन पुलिस की जांच में कंपनी के अधिकारियों ने ट्रैक्टर उनकी कंपनी के न होने का दावा किया है।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि जनपद में दो ट्रैक्टर निर्माता कंपनी के ट्रैक्टरों का चेसिस नंबर बदलकर बेचा जा रहा है। एसओजी ने पुलिस के साथ मामले की जांच शुरू की। कई ट्रैक्टर स्वामियों और किसानों से ट्रैक्टरों के कागजात लेकर कंपनी से मिलान कराकर जांच की, लेकिन इन ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर कंपनी द्वारा जारी किए चेसिस नंबर से नहीं मिले हैं। एसओजी ने निर्माता कंपनियों की एजेंसी पर जाकर भी जांच की। एसओजी ने बृहस्पतिवार की देर शाम 32 ट्रैक्टर पकड़े हैं, जिनके चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है।
विज्ञापन
आखिर कहां से आए यह ट्रैक्टर
पुलिस को सूचना मिली थी कि 100 से अधिक ट्रैक्टर फर्जीवाड़े के जरिए संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस ने कागजात पर लिखे चेसिस नंबर से ट्रैक्टर पर लिखे चेसिस नंबर मिलाए तो गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह ट्रैक्टर कहां से आए हैं। पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
विज्ञापन
ट्रकों में भी गड़बड़ी होने की आशंका, पहले भी हो चुका है खुलासा
पुलिस को इसी तरह कई ट्रक भी संचालित होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने इस दिशा में भी जांच शुरू की है। तीन माह पूर्व पुलिस ने ऐसे 30 ट्रक बरामद किए थे, जो कट चुके या चोरी हो चुके ट्रकों के कागजात के आधार चेसिस नंबर ट्रकों पर लिखवाकर संचालित किए जा रहे थे।
पुलिस द्वारा मामले की जांच जा रही है। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर गड़बड़ी मिली है। ट्रैक्टर बिल पर दूसरा और ट्रैक्टर पर लिखे चेसिस नंबर अलग-अलग मिले हैं। वहीं, कंपनी ने भी दावा किया है कि ट्रैक्टर उनके यहां से नहीं खरीदे गए, जबकि ट्रैक्टर स्वामी ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की एजेंसियों से ट्रैक्टर खरीदे जाने की बात कही है। जांच के बाद जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल 32 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है। - आकाश तोमर, एसएसपी