सहारनपुर। राधा विहार स्थित औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में 1008 पार्थिव शिवलिंग पूजा में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि संपूर्ण ब्रह्मांड पार्थिव शिव पिंड रूप होकर शिव में समाहित है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रावण मास पूजा में 1008 पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया गया, जिसमें गांव शंकलापुरी स्थित पांवधोई नदी की उद्गम स्थल से मिट्टी लाकर 1008 पार्थिव शिवलिंग बनाए गए। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि संपूर्ण सृष्टि नश्वर है, जो समय अनुसार शिव में समाहित होनी निश्चित है। इसी आधार पर पार्थिव शिवलिंग पूजा के माध्यम से समस्त पापों का संबंध नश्वर होने से पहले ही कर लेना आवश्यक है। यही जीवन का मोक्ष कहलाता है। उन्होंने कहा की पार्थिव शिवलिंग पूजा समस्त पापों को नष्ट करके मुक्ति प्रदान करती है। पार्थिव शिवलिंग पूजा सर्वप्रथम पार्वती मां ने शिव को प्राप्त करने के लिए की थी। पार्थिव शिवलिंग का पूजन अभिषेक कर उसे पवित्र नदी में विसर्जित करते हैं तो भक्त की सभी मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान अरुण स्वामी, पंडित ऋषभ शर्मा, पंडित योगेश तिवारी, पंडित नीरज शर्मा, ज्ञानेंद्र पुंडीर, रमेश शर्मा, दिनेश ठाकुर, नरेश चंदेल, पुनीत ठाकुर, गीता, बबीता, विभा, संगीता, सुचेता, ममता, शैलेश, वर्षा, बबली मौजूद रहे।