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चौराहों पर अतिक्रमण, ट्रैफिक सिग्नल से कैसे संचालित होगा यातायात
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में यातायात व्यवस्था ट्रैफिक सिग्नलों से नियंत्रित होनी है। उसकी तैयारियां चल रही हैं। सिग्नल भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इन चौराहों और तिराहों पर अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। ऐसे में अतिक्रमण की वजह से चौराहों पर सिग्नल से यातायात नियंत्रित करना मुश्किल होगा। क्योंकि सिग्नल रेड होने पर बाई तरफ से निकलने का रास्ता तक नहीं है।
नगर निगम परिसर में आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) तैयार किया गया है। यहीं से शहर का यातायात सिग्नल के माध्यम से संचालित होगा। शहर के 16 चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। पूर्व में ट्रैफिक सिग्नल के माध्यम से यातायात को संचालित करके देखा जा चुका है, जो फेल रहा था। नतीजा यह रहा कि ट्रैफिक सिग्नल बंद कर फिर से यातायात पुलिस और होमगार्ड्स पर ही यातायात व्यवस्था छोड़ दी गई थी। पेश है प्रमुख चौराहों और तिराहों पर हुए अतिक्रमण की पड़ताल करती रिपोर्ट...
प्रमुख चौराहों और तिराहों की हाल
-- घंटाघर -- घंटाघर चौराहा नहीं, बल्कि पंचराहा है। नेहरू मार्केट से घंटाघर को होते हुए यदि देहरादून रोड पर जाना हो तो बाईं तरफ ट्रांसफार्मर रखा है। इस वजह से करीब 30 फुट सड़क पर अतिक्रमण है। दूसरी साइड में गांधी आश्रम, एक साइड में श्री हनुमान मंदिर है। रेलवे रोड से यदि अंबाला रोड की ओर जाएं तो बिजली के खंभे और अतिक्रमण है।
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-- नवाबगंज चौक -- चकराता रोड से नवाबगंज होकर यदि बेरीबाग जाना हो तो बाई तरफ जगह खाली नहीं है। बेरीबाग से आने वालों को यदि पुल जोगियान की ओर जाना हो तो बाई तरफ बिजली के खंभे और अन्य उपकरण लगे हैं। सड़क पर 35 फुट तक अतिक्रमण है। पुल जोगियान से मटिया महल जाना हो तो बाईं तरफ विशाल पेड़ और पुलिस का बूथ बना है।
-- पुरानी चुंगी -- चकराता रोड पर पुरानी चुंगी चौराहा है। यहां नुमाइश कैंप से आने वालों को नवाबगंज चौक की ओर आना हो तो बाईं तरफ पीपल का पेड़ और बिजली के खंभे लगे हैं। यहां भी करीब 35 फुट तक अतिक्रमण है।
-- दीवानी कचहरी तिराहा -- दीवानी कचहरी तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। यहां सदर कोतवाली की ओर से आने वालों को यदि दिल्ली रोड की ओर जाना हो तो बाईं तरफ बिजली के खंभे हैं, जिनकी वजह से करीब आठ फुट सड़क अतिक्रमण से घिरी है। पुल की ओर से आने वालों को यदि सदर कोतवाली की ओर जाना हो तो बाईं तरफ में बिजली के खंभे और दुकानदारों का अतिक्रमण है।
अतिक्रमण हटाना नहीं चाहता निगम
अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्या है, जिसकी वजह से बाजारों के साथ ही प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रहती है। बोर्ड का गठन होने के बाद महापौर ने 50 साल पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण हटाने का वादा किया था, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा है। वहीं, कुछ दिन पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण के लिए व्यापारियों को परेशान न किया जाए।
----- वर्जन
शहर के यातायात को ट्रैफिक सिग्नल से संचालित करने पर काम चल रहा है। फिलहाल ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। यातायात के सही रूप से संचालन के लिए चौराहों और तिराहों पर हुआ किसी भी तरह का अतिक्रमण हटाना होगा।
-- प्रेमचंद, एसपी यातायात।
----- वर्जन
पूर्व में ट्रैफिक सिग्नल क्यों सफल नहीं हो पाए इसका पता नहीं है, फिलहाल ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। कई चौराहों और तिराहों पर लगाए भी जा चुके हैं। उसके बाद संबंधित चौराहों और तिराहों से हर तरह का अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि बाईं तरफ यातायात के लिए खोला जा सके।
-- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, नगर निगम
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नगर निगम परिसर में आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) तैयार किया गया है। यहीं से शहर का यातायात सिग्नल के माध्यम से संचालित होगा। शहर के 16 चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। पूर्व में ट्रैफिक सिग्नल के माध्यम से यातायात को संचालित करके देखा जा चुका है, जो फेल रहा था। नतीजा यह रहा कि ट्रैफिक सिग्नल बंद कर फिर से यातायात पुलिस और होमगार्ड्स पर ही यातायात व्यवस्था छोड़ दी गई थी। पेश है प्रमुख चौराहों और तिराहों पर हुए अतिक्रमण की पड़ताल करती रिपोर्ट...
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प्रमुख चौराहों और तिराहों की हाल
-- घंटाघर -- घंटाघर चौराहा नहीं, बल्कि पंचराहा है। नेहरू मार्केट से घंटाघर को होते हुए यदि देहरादून रोड पर जाना हो तो बाईं तरफ ट्रांसफार्मर रखा है। इस वजह से करीब 30 फुट सड़क पर अतिक्रमण है। दूसरी साइड में गांधी आश्रम, एक साइड में श्री हनुमान मंदिर है। रेलवे रोड से यदि अंबाला रोड की ओर जाएं तो बिजली के खंभे और अतिक्रमण है।
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-- नवाबगंज चौक -- चकराता रोड से नवाबगंज होकर यदि बेरीबाग जाना हो तो बाई तरफ जगह खाली नहीं है। बेरीबाग से आने वालों को यदि पुल जोगियान की ओर जाना हो तो बाई तरफ बिजली के खंभे और अन्य उपकरण लगे हैं। सड़क पर 35 फुट तक अतिक्रमण है। पुल जोगियान से मटिया महल जाना हो तो बाईं तरफ विशाल पेड़ और पुलिस का बूथ बना है।
-- पुरानी चुंगी -- चकराता रोड पर पुरानी चुंगी चौराहा है। यहां नुमाइश कैंप से आने वालों को नवाबगंज चौक की ओर आना हो तो बाईं तरफ पीपल का पेड़ और बिजली के खंभे लगे हैं। यहां भी करीब 35 फुट तक अतिक्रमण है।
-- दीवानी कचहरी तिराहा -- दीवानी कचहरी तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। यहां सदर कोतवाली की ओर से आने वालों को यदि दिल्ली रोड की ओर जाना हो तो बाईं तरफ बिजली के खंभे हैं, जिनकी वजह से करीब आठ फुट सड़क अतिक्रमण से घिरी है। पुल की ओर से आने वालों को यदि सदर कोतवाली की ओर जाना हो तो बाईं तरफ में बिजली के खंभे और दुकानदारों का अतिक्रमण है।
अतिक्रमण हटाना नहीं चाहता निगम
अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्या है, जिसकी वजह से बाजारों के साथ ही प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रहती है। बोर्ड का गठन होने के बाद महापौर ने 50 साल पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण हटाने का वादा किया था, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा है। वहीं, कुछ दिन पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण के लिए व्यापारियों को परेशान न किया जाए।
----- वर्जन
शहर के यातायात को ट्रैफिक सिग्नल से संचालित करने पर काम चल रहा है। फिलहाल ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। यातायात के सही रूप से संचालन के लिए चौराहों और तिराहों पर हुआ किसी भी तरह का अतिक्रमण हटाना होगा।
-- प्रेमचंद, एसपी यातायात।
----- वर्जन
पूर्व में ट्रैफिक सिग्नल क्यों सफल नहीं हो पाए इसका पता नहीं है, फिलहाल ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। कई चौराहों और तिराहों पर लगाए भी जा चुके हैं। उसके बाद संबंधित चौराहों और तिराहों से हर तरह का अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि बाईं तरफ यातायात के लिए खोला जा सके।
-- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, नगर निगम