{"_id":"605cd0e78ebc3ed8b949df57","slug":"encouraged-by-honoring-female-corona-warriors-saharanpur-news-mrt5317059121","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला कोरोना योद्धाओं को सम्मानित कर बढ़ाया हौसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला कोरोना योद्धाओं को सम्मानित कर बढ़ाया हौसला
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना योद्धाओं ने लॉकडाउन और अनलॉक में शानदार कार्य किया, अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। महिलाएं इसमें पीछे नहीं रहीं, मुश्किल परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बगैर आगे बढ़कर पूरे दमखम से कार्य किया और अपराजिता कहलाईं, लेकिन कोरोना से यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए अधिक सावधानी बरतनी है।
यह विचार जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की धर्मपत्नी निशा सिंह ने व्यक्त किए। वह बृहस्पतिवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत मल्हीपुर रोड स्थित नालंदा वर्ल्ड स्कूल में आयोजित कोरोना योद्धाओं (महिलाओं) के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
मुख्य अतिथि निशा सिंह ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों और आंगनबाड़ियों आदि ने कोरोना काल में बहुत अच्छा काम किया है, जितनी तारीफ की जाए कम है। प्रत्येक वह महिला कोरोना योद्धा हैं, जिसने अपना घर संभालने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया। इनमें गृहणियां और शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खुद मास्क पहनें और दूसरों को भी प्रेरित करें, ताकि कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ने ना पाए।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने कहा कि नारी अब अबला नहीं है, बल्कि हर मोर्चे पर अपनी प्रतिभा को साबित कर रही हैं। आगामी दिनों में भी वह और ऊर्जा के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हुए समाज को नई दिशा देंगे। नगर शिक्षा अधिकारी निशा रानी ने कहा कि कोरोना योद्धाओं को सम्मानित कर यह नेक कार्य किया गया है। इससे सभी का हौसला बढ़ेगा। इस दौरान छात्रा माही चौधरी ने कोरोना से बचाव के संबंध में विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डायरेक्टर डैनी सक्सेना ने किया। इस दौरान राजकीय हाईस्कूल की प्रधानाचार्या सीमा शेखर सहित नालंदा वर्ल्ड स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
यह हुए सम्मानित
कोरोना योद्धाओं में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. निशा, डॉ. प्रतिभा, डॉ. डोली, डॉ. इंदिरा, डॉ. अनीता, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. किरण राय, स्टाफ नर्स दीपशिखा, सुनयना आलम, विभा धीमान और शालू शामिल रहीं। पुलिसकर्मियों में सरिता सिंह, श्वेता शर्मा, सुमिता, करुणा चौधरी, कुसुम चौधरी, शिवानी चौधरी, स्वाति, सविता, अलका, पूजा शर्मा, मंजू शर्मा, उमा को सम्मानित किया गया। सफाईकर्मियों में मुन्नी देवी, ओमवती, कांता और सुमन शामिल रहीं, जबकि आंगनबाड़ियों में मुख्य सेविका सुनीता चौधरी, कुसुमलता, रूपा शुक्ला, मोहिनी सैनी, कविता चौधरी को सम्मानित किया गया।
कोरोना योद्धाओं की बात
-- महिला थाना प्रभारी सरिता सिंह ने कहा कि जो भी कोरोना योद्धा सम्मानित हुई हैं, निश्चित रूप से वह और लगन से अपनी ड्यूटी को करेंगी। लॉकडाउन में एक-एक पुलिसकर्मी ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए 24 घंटे सड़क पर रहकर ड्यूटी को निभाया।
-- मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स शालू ने कहा कि एक तरफ ड्यूटी थी, दूसरी तरफ परिवार, मगर लॉकडाउन में ड्यूटी को तरजीह दी। अवकाश तक लेने की इच्छा जाहिर नहीं की। इस सम्मान के लिए अमर उजाला का आभार।
-- स्वास्थ्यकर्मी सीमा ने बताया कि कोरोना काल में जो मेहनत की गई है, यह उसी का नतीजा है कि आज समाज सम्मान दे रहा है। भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया जाएगा।
-- स्टाफ नर्स सुनयना आलम ने कहा कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने ड्यूटी के निर्धारित समय से ज्यादा भी कार्य किया, क्योंकि वह परिस्थिति ही ऐसी थी, जब सभी को आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभानी थी।
-- स्टाफ नर्स विभा धीमान ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन ने उनको जो सम्मान दिया है वह उसे कभी नहीं भूलेंगी। इससे उन्हें और बेहतर कार्य करने का बल मिलेगा। -- पुलिसकर्मी निशा का कहना है कि यह सम्मान ही नहीं, बल्कि एक ताकत है, जो और बेहतर कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित करेगी। इसके लिए आयोजकों का धन्यवाद।
-- डॉ. किरण राय सम्मान पाकर खुश नजर आई। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने जो मेहनत की थी यह उसी का नतीजा है।
-- लैब टैक्नीशियन अमिता ने कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि काम का सम्मान है। यदि हम अपने काम को निष्ठा और लगन से करते हैं तो सम्मान अपने आप मिलता है।
-- उपनिरीक्षक श्वेता शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में कई बार कपड़े बदलना और 50 बार तक हैंडवाश करके खुद को सुरक्षित रखा और ड्यूटी भी निभाई। लॉकडाउन से एक माह पहले ही उनकी शादी हुई थी, बावजूद वह ड्यूटी पर डटी रहीं। वह इस सम्मान को कभी नहीं भूलेंगी।
-- आंगनबाड़ी मोहिनी सैनी ने लॉकडाउन में एक परिवार की पीड़ा को बयां किया, जिसके बच्चे सहारनपुर में थे और परिजन मुरादाबाद में। उनके यहां दूध और राशन पहुंचाने में कठिनाई थी, बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाई।
-- यह आयोजन कोरोना योद्घाओं के लिए सेल्यूट है। मुझे और स्कूल परिवार को कोरोना योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का हिस्सा बनकर सुख की जो अनुुभूति हुई है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। -- सुभाष चौधरी, चेयरमैन, नालंदा वर्ल्ड स्कूल।
विज्ञापन
यह विचार जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की धर्मपत्नी निशा सिंह ने व्यक्त किए। वह बृहस्पतिवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत मल्हीपुर रोड स्थित नालंदा वर्ल्ड स्कूल में आयोजित कोरोना योद्धाओं (महिलाओं) के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि निशा सिंह ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों और आंगनबाड़ियों आदि ने कोरोना काल में बहुत अच्छा काम किया है, जितनी तारीफ की जाए कम है। प्रत्येक वह महिला कोरोना योद्धा हैं, जिसने अपना घर संभालने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया। इनमें गृहणियां और शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खुद मास्क पहनें और दूसरों को भी प्रेरित करें, ताकि कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ने ना पाए।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने कहा कि नारी अब अबला नहीं है, बल्कि हर मोर्चे पर अपनी प्रतिभा को साबित कर रही हैं। आगामी दिनों में भी वह और ऊर्जा के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हुए समाज को नई दिशा देंगे। नगर शिक्षा अधिकारी निशा रानी ने कहा कि कोरोना योद्धाओं को सम्मानित कर यह नेक कार्य किया गया है। इससे सभी का हौसला बढ़ेगा। इस दौरान छात्रा माही चौधरी ने कोरोना से बचाव के संबंध में विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डायरेक्टर डैनी सक्सेना ने किया। इस दौरान राजकीय हाईस्कूल की प्रधानाचार्या सीमा शेखर सहित नालंदा वर्ल्ड स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहा।
यह हुए सम्मानित
कोरोना योद्धाओं में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. निशा, डॉ. प्रतिभा, डॉ. डोली, डॉ. इंदिरा, डॉ. अनीता, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. किरण राय, स्टाफ नर्स दीपशिखा, सुनयना आलम, विभा धीमान और शालू शामिल रहीं। पुलिसकर्मियों में सरिता सिंह, श्वेता शर्मा, सुमिता, करुणा चौधरी, कुसुम चौधरी, शिवानी चौधरी, स्वाति, सविता, अलका, पूजा शर्मा, मंजू शर्मा, उमा को सम्मानित किया गया। सफाईकर्मियों में मुन्नी देवी, ओमवती, कांता और सुमन शामिल रहीं, जबकि आंगनबाड़ियों में मुख्य सेविका सुनीता चौधरी, कुसुमलता, रूपा शुक्ला, मोहिनी सैनी, कविता चौधरी को सम्मानित किया गया।
कोरोना योद्धाओं की बात
-- महिला थाना प्रभारी सरिता सिंह ने कहा कि जो भी कोरोना योद्धा सम्मानित हुई हैं, निश्चित रूप से वह और लगन से अपनी ड्यूटी को करेंगी। लॉकडाउन में एक-एक पुलिसकर्मी ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए 24 घंटे सड़क पर रहकर ड्यूटी को निभाया।
-- मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स शालू ने कहा कि एक तरफ ड्यूटी थी, दूसरी तरफ परिवार, मगर लॉकडाउन में ड्यूटी को तरजीह दी। अवकाश तक लेने की इच्छा जाहिर नहीं की। इस सम्मान के लिए अमर उजाला का आभार।
-- स्वास्थ्यकर्मी सीमा ने बताया कि कोरोना काल में जो मेहनत की गई है, यह उसी का नतीजा है कि आज समाज सम्मान दे रहा है। भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया जाएगा।
-- स्टाफ नर्स सुनयना आलम ने कहा कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने ड्यूटी के निर्धारित समय से ज्यादा भी कार्य किया, क्योंकि वह परिस्थिति ही ऐसी थी, जब सभी को आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभानी थी।
-- स्टाफ नर्स विभा धीमान ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन ने उनको जो सम्मान दिया है वह उसे कभी नहीं भूलेंगी। इससे उन्हें और बेहतर कार्य करने का बल मिलेगा। -- पुलिसकर्मी निशा का कहना है कि यह सम्मान ही नहीं, बल्कि एक ताकत है, जो और बेहतर कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित करेगी। इसके लिए आयोजकों का धन्यवाद।
-- डॉ. किरण राय सम्मान पाकर खुश नजर आई। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने जो मेहनत की थी यह उसी का नतीजा है।
-- लैब टैक्नीशियन अमिता ने कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि काम का सम्मान है। यदि हम अपने काम को निष्ठा और लगन से करते हैं तो सम्मान अपने आप मिलता है।
-- उपनिरीक्षक श्वेता शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में कई बार कपड़े बदलना और 50 बार तक हैंडवाश करके खुद को सुरक्षित रखा और ड्यूटी भी निभाई। लॉकडाउन से एक माह पहले ही उनकी शादी हुई थी, बावजूद वह ड्यूटी पर डटी रहीं। वह इस सम्मान को कभी नहीं भूलेंगी।
-- आंगनबाड़ी मोहिनी सैनी ने लॉकडाउन में एक परिवार की पीड़ा को बयां किया, जिसके बच्चे सहारनपुर में थे और परिजन मुरादाबाद में। उनके यहां दूध और राशन पहुंचाने में कठिनाई थी, बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाई।
-- यह आयोजन कोरोना योद्घाओं के लिए सेल्यूट है। मुझे और स्कूल परिवार को कोरोना योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का हिस्सा बनकर सुख की जो अनुुभूति हुई है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। -- सुभाष चौधरी, चेयरमैन, नालंदा वर्ल्ड स्कूल।

- स्टाफ नर्स विभा धीमान को सम्मानित करतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR

- आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता मोहिनी सैनी को कोरोना योद्धा सम्मान देतीं जिला कार्यक्रम अधिकारी आ- फोटो : SAHARANPUR

स्वच्छताग्रही को सम्मानित करतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR

- महिला थाना प्रभारी को कोरोना योद्धा सम्मान देतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR

- मुख्य सेविका सुनीता चौधरी को कोरोना योद्धा सम्मान देतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR

- स्टाफ नर्स सुनयना आलम को कोरोना योद्धा सम्मान देतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR

- महिला चिकित्स को कोरोना योद्धा सम्मान देतीं मुख्य अतिथि निशा सिंह- फोटो : SAHARANPUR