{"_id":"5997357a4f1c1b2a5f8b4c94","slug":"education-ministers-surrounded-the-minister-of-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को घेरा, जाम लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को घेरा, जाम लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
राज्यमंत्री का घेराव करतीं शिक्षामित्र।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में समायोजन रद होने से नाराज शिक्षामित्र शुक्रवार को सर्किट हाउस पहुंची बेसिक शिक्षाराज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल की कार के आगे लेट गए। इसके बाद मंत्री का घेराव करते हुए ज्ञापन सौंपा।
जिसमें समस्या के समाधान की मांग की गई। बाद में जुलूस लेकर निकले शिक्षामित्रों ने घंटाघर और कलक्ट्रेट तिराहे पर जाम लगाया। इस दौरान शिक्षामित्रों की पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ नोकझोंक भी हुई।
बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा और फिर बीएसए कार्यालय पहुंचकर सत्याग्रह जारी रखा। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल शुक्रवार की सुबह सर्किट हाउस पहुंची थीं।
विज्ञापन
पता चलते ही तमाम शिक्षामित्र संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा की जिलाध्यक्ष अंजु कश्यप और नरेश कुमार के नेतृत्व में सुबह साढ़े सात बजे सर्किट हाउस पहुंच गए। उन्होंने मंत्री से मिलने का समय मांगा, मगर मंत्री ने उनसे मिलने से मना कर दिया।
इसके बाद सभी शिक्षामित्र मंत्री के बाहर निकलने का इंतजार करने लगे। जैसे ही मंत्री बाहर निकलकर गाड़ी में सवार हुईं तो अनेक शिक्षामित्र उनकी गाड़ी के सामने लेट गए। ऐसे में मंत्री को उनसे बात करनी पड़ी।
शिक्षामित्रों ने मंत्री का घेराव करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षामित्रों के हित में निर्णय लेने की मांग की। मंत्री ने शिक्षामित्रों की बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद सभी शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे, जहां सत्याग्रह शुरू किया। दोपहर 12 बजे शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय से जुलूस लेकर कलक्ट्रेट के लिए निकले। उन्होंने घंटाघर पर जाम लगाया।
यहां से कलक्ट्रेट तिराहा पहुंचे, जहां करीब 40 मिनट तक जाम लगाए रखा। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम पीके पांडेय से मिले और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान रवि कुमार, संजय सानियाल, अहसान मलिक, सबी हैदर, मंसूर अली, बाबर, निखलेश, शब्बू खान, अलका, मोहतसीम, शाहिद, तहसीन, संजय, शबानाज, संगीता, पूजा अग्रवाल, मो.अमजद, गुरदीप, जनक सिंह, कुलदीप, धीरेंद्र, निरंजन, शिव कुमार, रविकांत, धूम सिंह, महीपाल सिंह, रेनू, कविता, सुरेंद्र त्यागी आदि रहे।
विज्ञापन
जिसमें समस्या के समाधान की मांग की गई। बाद में जुलूस लेकर निकले शिक्षामित्रों ने घंटाघर और कलक्ट्रेट तिराहे पर जाम लगाया। इस दौरान शिक्षामित्रों की पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा और फिर बीएसए कार्यालय पहुंचकर सत्याग्रह जारी रखा। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल शुक्रवार की सुबह सर्किट हाउस पहुंची थीं।
विज्ञापन
पता चलते ही तमाम शिक्षामित्र संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा की जिलाध्यक्ष अंजु कश्यप और नरेश कुमार के नेतृत्व में सुबह साढ़े सात बजे सर्किट हाउस पहुंच गए। उन्होंने मंत्री से मिलने का समय मांगा, मगर मंत्री ने उनसे मिलने से मना कर दिया।
इसके बाद सभी शिक्षामित्र मंत्री के बाहर निकलने का इंतजार करने लगे। जैसे ही मंत्री बाहर निकलकर गाड़ी में सवार हुईं तो अनेक शिक्षामित्र उनकी गाड़ी के सामने लेट गए। ऐसे में मंत्री को उनसे बात करनी पड़ी।
शिक्षामित्रों ने मंत्री का घेराव करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षामित्रों के हित में निर्णय लेने की मांग की। मंत्री ने शिक्षामित्रों की बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद सभी शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे, जहां सत्याग्रह शुरू किया। दोपहर 12 बजे शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय से जुलूस लेकर कलक्ट्रेट के लिए निकले। उन्होंने घंटाघर पर जाम लगाया।
यहां से कलक्ट्रेट तिराहा पहुंचे, जहां करीब 40 मिनट तक जाम लगाए रखा। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम पीके पांडेय से मिले और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान रवि कुमार, संजय सानियाल, अहसान मलिक, सबी हैदर, मंसूर अली, बाबर, निखलेश, शब्बू खान, अलका, मोहतसीम, शाहिद, तहसीन, संजय, शबानाज, संगीता, पूजा अग्रवाल, मो.अमजद, गुरदीप, जनक सिंह, कुलदीप, धीरेंद्र, निरंजन, शिव कुमार, रविकांत, धूम सिंह, महीपाल सिंह, रेनू, कविता, सुरेंद्र त्यागी आदि रहे।