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ग्रामीणों के विरोध के चलते जांच टीम लौटी बैरंग
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नासिरपुर में जांच अधिकारी का विरोध करते ग्रामीण
- फोटो : SAHARANPUR
नागल (सहारनपुर)। ग्रामीणों द्वारा दो साल पूर्व ग्राम पंचायत नासिरपुर डिगोली के तत्कालीन प्रधान पर धांधली के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार को शिकायत की जांच करने पहुंची टीम को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। पक्षपात का आरोप लगने के बाद टीम बिना जांच किए ही लौट गई।
जानकारी के अनुसार दो वर्ष पूर्व गांव इसाकपुर निवासी जॉनी कुमार ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए प्रधान द्वारा गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी। इस प्रकरण अधिकारियों ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा शर्मा को मामले की जांच सौंपी थी। शिकायतकर्ता को जांच टीम ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे गांव में आने का समय दिया था। आरोप है कि टीम सुबह 9 बजे ही गांव में पहुंच गई। इस पर ग्रामीण संदीप कुमार, आत्माराम, दीपक कुमार, कुबेर दत्त, सेठ पाल, मांगेराम आदि ने टीम का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी पूर्व प्रधान के प्रभाव में हैं। वे विकासखंड के अवर अभियंता को भी साथ नहीं लाई हैं। साथ ही निर्धारित समय से दो घंटे पूर्व ही गांव में पहुंची हैं। इन्ही बातों को लेकर ग्रामीणों ने टीम का जोरदार विरोध किया। इसके चलते टीम वापिस लौट गई।
उधर जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा शर्मा का कहना है आरोप मिथ्या है। मार्च में क्लोजिंग के चलते व्यस्तता रहती है। इसलिए वह 2 घंटे पहले आ गई थी। अवर अभियंता विकासखंड पर उपलब्ध नहीं थे। अब वह मीटिंग के चलते वापस जिला कार्यालय जा रही है।
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जानकारी के अनुसार दो वर्ष पूर्व गांव इसाकपुर निवासी जॉनी कुमार ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए प्रधान द्वारा गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी। इस प्रकरण अधिकारियों ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा शर्मा को मामले की जांच सौंपी थी। शिकायतकर्ता को जांच टीम ने शुक्रवार को सुबह 11 बजे गांव में आने का समय दिया था। आरोप है कि टीम सुबह 9 बजे ही गांव में पहुंच गई। इस पर ग्रामीण संदीप कुमार, आत्माराम, दीपक कुमार, कुबेर दत्त, सेठ पाल, मांगेराम आदि ने टीम का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी पूर्व प्रधान के प्रभाव में हैं। वे विकासखंड के अवर अभियंता को भी साथ नहीं लाई हैं। साथ ही निर्धारित समय से दो घंटे पूर्व ही गांव में पहुंची हैं। इन्ही बातों को लेकर ग्रामीणों ने टीम का जोरदार विरोध किया। इसके चलते टीम वापिस लौट गई।
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उधर जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा शर्मा का कहना है आरोप मिथ्या है। मार्च में क्लोजिंग के चलते व्यस्तता रहती है। इसलिए वह 2 घंटे पहले आ गई थी। अवर अभियंता विकासखंड पर उपलब्ध नहीं थे। अब वह मीटिंग के चलते वापस जिला कार्यालय जा रही है।
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