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परवरिश की कमी से इस्लाम धर्म छोड़ दूसरा मजहब अपना रहीं बेटियां : गोरा
Fri, 12 Dec 2025 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:47 AM IST
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देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बेटियों के इस्लाम धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि परवरिश की कमी इसकी असल वजह है। इसलिए माता-पिता को चाहिए वे बेटियों के साथ दोस्ताना रिश्ता बनाएं ताकि उन्हें गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सके।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि अक्सर देखने में आ रहा है कि बेटियां इस्लाम धर्म को छोड़कर दूसरा धर्म अपना रही है, इसको देखते हुए कुछ लोगों ने बेटियों की पढ़ाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने साफ कहा कि इसकी असल वजह तालीम नहीं बल्कि परवरिश की कमी है, उन्हें रोकना या दबाना कोई हल नहीं है बल्कि उनसे दोस्ताना रिश्ता बनाना, प्यार भरा माहौल बनाकर रखना और उनकी मन की बात जानना उन्हें गलत रास्तों पर जाने से रोक सकता है।
कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि घरों से इस्लामी तालीम का निकल जाना और उस पर अमल न करना भी इसकी एक बड़ी वजह है। बच्चों को दुनियावी तालीम हासिल कराने के लिए माता पिता हर कोशिश करते हैं। इसकी वजह से उनकी परवरिश पीछे ही छूट जाती है, जो उन्हें गलत रास्ते पर ले जाती है। बाहरी ताकतें बेटियों को बहका न सकें इसलिए जरूरी है कि घरों का माहौल ठीक किया जाए।
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि अक्सर देखने में आ रहा है कि बेटियां इस्लाम धर्म को छोड़कर दूसरा धर्म अपना रही है, इसको देखते हुए कुछ लोगों ने बेटियों की पढ़ाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने साफ कहा कि इसकी असल वजह तालीम नहीं बल्कि परवरिश की कमी है, उन्हें रोकना या दबाना कोई हल नहीं है बल्कि उनसे दोस्ताना रिश्ता बनाना, प्यार भरा माहौल बनाकर रखना और उनकी मन की बात जानना उन्हें गलत रास्तों पर जाने से रोक सकता है।
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कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि घरों से इस्लामी तालीम का निकल जाना और उस पर अमल न करना भी इसकी एक बड़ी वजह है। बच्चों को दुनियावी तालीम हासिल कराने के लिए माता पिता हर कोशिश करते हैं। इसकी वजह से उनकी परवरिश पीछे ही छूट जाती है, जो उन्हें गलत रास्ते पर ले जाती है। बाहरी ताकतें बेटियों को बहका न सकें इसलिए जरूरी है कि घरों का माहौल ठीक किया जाए।
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