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Saharanpur: शहर की 12 कॉलोनियों में 18 घंटे ठप रही पेयजल आपूर्ति, बोतलें खरीदकर बुझाई प्यास
Sat, 27 Aug 2022 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 12:04 AM IST
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महानगर में जलापूर्ति बाधित होने पर रेंच का पुल मोहल्ले में हैंडपंप से पानी बाल्टी में लेकर जाते प
- फोटो : SAHARANPUR
पानी की बड़ी पाइपलाइन टूट जाने की वजह से पुराने सहारनपुर शहर की 12 कॉलोनियों के हजारों घरों में पानी की आपूर्ति बंद हो गई। करीब 18 घंटे तक आपूर्ति ठप रहने की वजह से हजारों घरों में पानी के लिए हाहाकार मच गया। नागरिक पानी की बूंद बूंद के लिए बिलबिला उठे। मामला दो विभागों से जुड़ा होने की वजह से कई घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद जल कल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर लाइन को जोड़ने का कार्य शुरू कराया।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुराने शहर में रेंच का पुल क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। बृहस्पतिवार की रात जल निगम क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का कार्य कर रहा था। जेसीबी से सड़क की खोदाई के दौरान क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए डाली गई बड़ी पाइप लाइन टूट गई। इससे क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। लाइन टूटते ही पुरानी मंडी, पुल कम्बोहान, सराय हिसामुद्दीन, सराय शाहजी, भैय्या जी का बाग, गणपत सराय, शिवपुरी मंडी, जाटव नगर, ढोलीखाल, काजी का मोहल्ला, दाऊद सराय, चौक बाजदारान आदि के हजारों घरों में आपूर्ति बंद हो गई।
रात तो किसी तरह कट गई, लेकिन अगले दिन शुक्त्रस्वार की सुबह जब लोग उठे तो नलों में पानी नहीं था। चूंकि पूरी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में शुक्त्रस्वार विशेष रहता है, जिसमें पानी की खपत भी अन्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में संबंधित कॉलोनियों के लोग परेशान हो उठे। पार्षद मंसूर बदर ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के जल कल विभाग और जल निगम के अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क कर लाइन को जुड़वाने को कहा। बदर का आरोप है कि बार-बार फोन करने के बाद भी संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। शुक्त्रस्वार की दोपहर तक भी लाइन ठीक करने के लिए किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई।
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बोतलें खरीदकर बुझाई प्यास
मंसूर बदर ने बताया कि करीब 18 घंटे तक पानी की आपूर्ति नहीं होने पर कई लोग पेयजल तक को तरस गए। जहां हैंडपंप की व्यवस्था थी वहां लोगों ने हैंडपंप से पानी लिया। कुछ लोग बर्तन लेकर आस पड़ोस के घरों से पीने के लिए पानी लेने पहुंचे, जबकि आर्थिक रूप से थोड़ा भी सक्षम लोगों ने पानी की बोतलें खरीदकर अपनी और परिजनों की प्यास बुझाई।
पाइपलाइन टूटने की सूचना मिलते ही हमने सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर भेजा था। इसके बाद हम खुद भी मौके पर पहुंचे थे। चूंकि सीवर लाइन जल निगम डाल रहा है और ऐसे में लाइन जोड़ने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। लोगों को जल्द से जल्द पानी मिल सके। इसके लिए हमने जल निगम के अधिकारियों से संपर्क कर तुरंत टीम को काम पर लगाया। भारी जलभराव की वजह से लाइन को जोड़ने में समय लगा। - मनोज कुमार आर्य, महप्रबंधक, जल कल।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुराने शहर में रेंच का पुल क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। बृहस्पतिवार की रात जल निगम क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का कार्य कर रहा था। जेसीबी से सड़क की खोदाई के दौरान क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए डाली गई बड़ी पाइप लाइन टूट गई। इससे क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। लाइन टूटते ही पुरानी मंडी, पुल कम्बोहान, सराय हिसामुद्दीन, सराय शाहजी, भैय्या जी का बाग, गणपत सराय, शिवपुरी मंडी, जाटव नगर, ढोलीखाल, काजी का मोहल्ला, दाऊद सराय, चौक बाजदारान आदि के हजारों घरों में आपूर्ति बंद हो गई।
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रात तो किसी तरह कट गई, लेकिन अगले दिन शुक्त्रस्वार की सुबह जब लोग उठे तो नलों में पानी नहीं था। चूंकि पूरी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में शुक्त्रस्वार विशेष रहता है, जिसमें पानी की खपत भी अन्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में संबंधित कॉलोनियों के लोग परेशान हो उठे। पार्षद मंसूर बदर ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के जल कल विभाग और जल निगम के अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क कर लाइन को जुड़वाने को कहा। बदर का आरोप है कि बार-बार फोन करने के बाद भी संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। शुक्त्रस्वार की दोपहर तक भी लाइन ठीक करने के लिए किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई।
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बोतलें खरीदकर बुझाई प्यास
मंसूर बदर ने बताया कि करीब 18 घंटे तक पानी की आपूर्ति नहीं होने पर कई लोग पेयजल तक को तरस गए। जहां हैंडपंप की व्यवस्था थी वहां लोगों ने हैंडपंप से पानी लिया। कुछ लोग बर्तन लेकर आस पड़ोस के घरों से पीने के लिए पानी लेने पहुंचे, जबकि आर्थिक रूप से थोड़ा भी सक्षम लोगों ने पानी की बोतलें खरीदकर अपनी और परिजनों की प्यास बुझाई।
पाइपलाइन टूटने की सूचना मिलते ही हमने सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर भेजा था। इसके बाद हम खुद भी मौके पर पहुंचे थे। चूंकि सीवर लाइन जल निगम डाल रहा है और ऐसे में लाइन जोड़ने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। लोगों को जल्द से जल्द पानी मिल सके। इसके लिए हमने जल निगम के अधिकारियों से संपर्क कर तुरंत टीम को काम पर लगाया। भारी जलभराव की वजह से लाइन को जोड़ने में समय लगा। - मनोज कुमार आर्य, महप्रबंधक, जल कल।

टूटी पेयजल की पाइपलाइन को ठीक करते निगम कर्मी- फोटो : SAHARANPUR

सीवर लाइन डालने के दौरान टूटी पेयजल की पाइपलाइन से हुआ जलभराव।- फोटो : SAHARANPUR