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पेयजल योजना का नलकूप खराब, पाइप लाइनें भी फटीं
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। ग्राम समूह पेयजल योजना का एक नलकूप पिछले तीन दिन से खराब पड़ा है। कई जगहों पर पाइप लाइनें भी फटी पड़ी हैं। उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा है।
जानकारी के अनुसार योजना का नलकूप नंबर 2 तीन दिन पूर्व विद्युत फाल्ट के कारण खराब हो गया था। इसकी सूचना स्थानीय कर्मचारी द्वारा जल निगम अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी इसे ठीक नहीं किया जा सका है। इससे जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। एक ही नलकूप चलने से कसबे से बाहर के गांवों गंदेवड़ा, नानका, कमेशपुर आदि में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सर्दी की बारिश के मौसम में लोगों को हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। शकील अहमद, राव राशिद, अनूप सिंह, फरमान, राजीव आदि का कहना है कि वे योजना पर कई बार शिकायत कर आए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कई जगहों पर पाइप लाइन भी फटी पड़ी हैं जिस कारण दूषित पानी की समस्या भी आती है।
बता दें कि चार माह पूर्व जल निगम को ग्रामीण एवं नगरीय में बांट दिया गया था। उक्त विभाजन में सहारनपुर के समस्त कर्मचारी नगरीय शाखा के अधीन आ गए, जबकि ग्रामीण पेयजल योजनाएं ग्रामीण शाखाओं के अधीन तो कर दी गई, लेकिन यहां कर्मचारी तैनात नहीं किए गए। ऐसे में इन योजनाओं पर रख रखाव संबंधी कार्य ठप पड़े हैं। उधर, परियोजना प्रबंधक प्रवीण कुट्टी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वे आज ही इसे दिखवा कर नलकूप को ठीक कराने का काम करेंगे।
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जानकारी के अनुसार योजना का नलकूप नंबर 2 तीन दिन पूर्व विद्युत फाल्ट के कारण खराब हो गया था। इसकी सूचना स्थानीय कर्मचारी द्वारा जल निगम अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी इसे ठीक नहीं किया जा सका है। इससे जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। एक ही नलकूप चलने से कसबे से बाहर के गांवों गंदेवड़ा, नानका, कमेशपुर आदि में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सर्दी की बारिश के मौसम में लोगों को हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। शकील अहमद, राव राशिद, अनूप सिंह, फरमान, राजीव आदि का कहना है कि वे योजना पर कई बार शिकायत कर आए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कई जगहों पर पाइप लाइन भी फटी पड़ी हैं जिस कारण दूषित पानी की समस्या भी आती है।
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बता दें कि चार माह पूर्व जल निगम को ग्रामीण एवं नगरीय में बांट दिया गया था। उक्त विभाजन में सहारनपुर के समस्त कर्मचारी नगरीय शाखा के अधीन आ गए, जबकि ग्रामीण पेयजल योजनाएं ग्रामीण शाखाओं के अधीन तो कर दी गई, लेकिन यहां कर्मचारी तैनात नहीं किए गए। ऐसे में इन योजनाओं पर रख रखाव संबंधी कार्य ठप पड़े हैं। उधर, परियोजना प्रबंधक प्रवीण कुट्टी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वे आज ही इसे दिखवा कर नलकूप को ठीक कराने का काम करेंगे।
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