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800 साल में पहली बार गोगा म्हाड़ी पर छड़ियां पहुंचने पर संशय

Tue, 25 Aug 2020 12:34 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 12:34 AM IST
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Doubt on reaching sticks at Goga Mhadi for the first time in 800 years
छड़ी के भक्त अनिल सैनी। - फोटो : SAHARANPUR
800 साल में पहली बार गोगा म्हाड़ी पर छड़ियां पहुंचने पर संशय
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सहारनपुर। कोरोना काल ने तमाम त्योहार फीके कर दिए हैं। 800 साल के इतिहास में पहली बार गोगा म्हाड़ी पर छड़ियां पहुंचने को लेकर संशय बना है। भक्त म्हाड़ी पर छड़ियां ले जाने की अनुमति मांग रहे हैं, मगर प्रशासन की तरफ से अभी अनुमति नहीं मिली है। देश का प्रसिद्ध तीन दिवसीय गुघाल मेला श्री जाहरवीर गोगा की म्हाड़ी पर 26 छड़ियां पहुंचने पर शुरू होता है।
हर वर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी पर शहर से ढाई किलोमीटर दूर गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा महाराज की म्हाड़ी पर तीन दिवसीय मेला लगता है। विभिन्न इलाकों से ढोल और बैंडबाजों के साथ सभी 26 छड़ियां नेजे की अगुवाई में मेला गुघाल परिसर स्थित श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पहुंचती हैं और यहां से पूजन के बाद गोगा म्हाड़ी की ओर प्रस्थान करती हैं। तीसरे दिन छड़ियां इसी रास्ते से श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर होते हुए लौट जाती हैं। इन तीन दिनों में वेस्ट यूपी, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली से पांच लाख से अधिक श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाने पहुंचते हैं।
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मांगी है प्रशासन से अनुमति
इस बार शुक्ल पक्ष की दशमी 28 अगस्त को है। कोरोना काल की वजह से मेले का आयोजन नहीं होगा। नेजा और छड़ियां म्हाड़ी पर ले जाने के लिए भक्त अनुमति मांग रहे हैं। सोमवार को भी ताराचंद सैनी, अनिल प्रताप सैनी, ओमप्रकाश, पंकज उपाध्याय, विनोद प्रकाश, पवन सैनी, भगवत गिरि, पिंटू जाटव और रिंकू भगत आदि ने कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की है कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए म्हाड़ी पर नेजा और छड़ियां ले जाने की अनुमति दी जाए। अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि अभी प्रशासन की तरफ से अनुमति नहीं मिली है।
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मेला आयोजन से जुड़ी हैं कई किंवदंती
शारदानगर निवासी छड़ी के भक्त और कमेटी के संरक्षक ताराचंद सैनी और अनिल सैनी ने बताया कि 800 वर्ष से म्हाड़ी पर हर वर्ष मेला लगता आ रहा है। किंवदंती है कि अंग्रेजों की हुकूमत के दौरान कलेक्टर ने मेला रुकवाने के आदेश दिए थे। इसी दौरान कलेक्टर के घर में सांप निकल आए थे। तब कलेक्टर ने म्हाड़ी पर जाकर पूजा की और तीन दिवसीय मेला शुरू कराया था।
कबली भगत को दिया था नेजा
सरदार छड़ी के भक्त विनोद प्रकाश, बिंद्रा छड़ी प्रेमवाली के भक्त पंकज उपाध्याय, चौधरन छड़ी के भक्त गुलशन सागर ने बताया कि बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज अकसर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार जाते थे। सहारनपुर में वह गंगोह मार्ग पर रुका करते थे। किंवदंती है कि कबली भगत गंगोह मार्ग पर तालाब से मछलियां पकड़ रहा था। जाहरवीर महाराज ने कबली भगत से कहा था कि मछली पकड़ने का काम छोड़कर म्हाड़ी बनवाकर पूजा करे। कबली भगत को चांदी का नेजा दिया था। तब कबली भगत ने म्हाड़ी का निर्माण कराया था।

सरसावा में बाबा जाहरवीर की ननिहाल
छड़ियों के भक्तों ने बताया कि बाबा श्री जाहरवीर का जन्म राजस्थान के चुरू जिले के गांव ददरेगा में हुआ था। चुरू जिले का नाम बाद में राजगढ़ हो गया। इनके पिता जेवर सिंह और माता बाछल थीं। बताते हैं कि श्री जाहरवीर गोगा के जन्म से पूर्व उनके पिता जेवर सिंह को बाबा गुरु गोरखनाथ ने आशीर्वाद देकर कहा था कि तुम्हारे घर ऐसा पुत्र जन्म लेगा, जो दुष्टों का विनाश करेगा और धर्म की रक्षा करेगा। तब माता बाछल ने पुत्र को जन्म दिया, जिनका नाम श्री जाहरवीर रखा गया। प्राचीन काल में सहारनपुर के कस्बा सरसावा का नाम सिरसा पट्टन था और श्री जाहरवीर गोगा महाराज की माता बाछल यहीं की रहने वाली थीं। वह राजा कुंवरपाल की पुत्री थी।

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर बने छड़ियों के खड़े होने के स्थान।

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर बने छड़ियों के खड़े होने के स्थान।- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी नेज और सरदार छड़ी के खड़े होने का स्थान और पास में लगी प?

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी नेज और सरदार छड़ी के खड़े होने का स्थान और पास में लगी प?- फोटो : SAHARANPUR

ंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर नेजे और सरदार छड़ी खड़े होने का स्थान व पूजन करते श्र?

ंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर नेजे और सरदार छड़ी खड़े होने का स्थान व पूजन करते श्र?- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर लगी श्री जाहरवीर गोगा महाराज की मूर्ति।

गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर लगी श्री जाहरवीर गोगा महाराज की मूर्ति।- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाकर लौटते श्रद्घालु।

गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाकर लौटते श्रद्घालु।- फोटो : SAHARANPUR

छड़ी के भक्त ताराचंद सैनी।

छड़ी के भक्त ताराचंद सैनी।- फोटो : SAHARANPUR

छड़ी के भक्त विनोद प्रकाश

छड़ी के भक्त विनोद प्रकाश- फोटो : SAHARANPUR

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