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ट्यूशन से लौट रहे बच्चे को कुत्तों ने नोचा, हालत गंभीर
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कुत्तों के हमले से घायल रिहान।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ट्यूशन से लौट रहे 12 वर्षीय बच्चे को कुत्तों ने नोंचकर घायल कर दिया। कुत्ते बच्चे के सिर और माथे से मांस उताकर ले गए। बच्चे को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि अंसारीयान निवासी एजाज हुसैन का 12 वर्षीय बेटा रिहान ब्लॉसम स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। बुधवार की शाम वह ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। जैसे ही वह कंबो का पुल पर पहुंचा तो कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने उसके सिर के पीछे के हिस्से और माथे पर काटते हुए मांस तक उतार लिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बच्चे को कुत्तों से छुड़ाया। मौके पर पहुंचे इकबाल जुबैरी, इसरार जुबैरी, कलीम जुबैरी, फकरुद्दीन अहमद, सईद अहमद, सदाकत आदि ने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया। मंसूर बदर ने महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। शहरवासियों को कुत्तों के हमलों से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
कम नहीं हो रहा कुत्तों का आतंक
कुत्तों के आतंक की यह पहली घटना नहीं है। बीते वर्ष कमेला कॉलोनी क्षेत्र में कुत्तों ने बच्चे को नोच लिया था। दो वर्ष पहले शेखपुरा कदीम में आठ से दस कुत्ते 12 वर्षीय बच्चे को नोंचकर मार डाला था। कुत्तों के आतंक को कम करने के नाम से नसबंदी अभियान चलाया था। दो वर्ष पहले कुत्तों की नसबंदी के नाम पर नौ लाख रुपये खर्च किए। मगर उसके बाद भी कुत्तों के आतंक और संख्या में कमी नहीं है।
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पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि अंसारीयान निवासी एजाज हुसैन का 12 वर्षीय बेटा रिहान ब्लॉसम स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। बुधवार की शाम वह ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। जैसे ही वह कंबो का पुल पर पहुंचा तो कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने उसके सिर के पीछे के हिस्से और माथे पर काटते हुए मांस तक उतार लिया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह बच्चे को कुत्तों से छुड़ाया। मौके पर पहुंचे इकबाल जुबैरी, इसरार जुबैरी, कलीम जुबैरी, फकरुद्दीन अहमद, सईद अहमद, सदाकत आदि ने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया। मंसूर बदर ने महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। शहरवासियों को कुत्तों के हमलों से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
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कम नहीं हो रहा कुत्तों का आतंक
कुत्तों के आतंक की यह पहली घटना नहीं है। बीते वर्ष कमेला कॉलोनी क्षेत्र में कुत्तों ने बच्चे को नोच लिया था। दो वर्ष पहले शेखपुरा कदीम में आठ से दस कुत्ते 12 वर्षीय बच्चे को नोंचकर मार डाला था। कुत्तों के आतंक को कम करने के नाम से नसबंदी अभियान चलाया था। दो वर्ष पहले कुत्तों की नसबंदी के नाम पर नौ लाख रुपये खर्च किए। मगर उसके बाद भी कुत्तों के आतंक और संख्या में कमी नहीं है।
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