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Saharanpur News: बच्चों को न दें मोबाइल और लैपटॉप, आंखें हो रहीं कमजोर
Thu, 10 Oct 2024 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 10 Oct 2024 12:27 AM IST
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सहारनपुर। मोबाइल देखने का चलन तेजी से बढ़ा है। मोबाइल की लत नौनिहालों के जीवन को खतरे में डाल रही हैं। इससे उनकी आंखों की कोशिकाएं सूख रही हैं। जिला अस्पताल में आंखों की समस्या लेकर पहुंचने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन औसतन 30 से 35 बच्चे आंखों के उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
आज विश्व दृष्टि दिवस है। मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर आंखों की रोशनी को कमजोर रहे हैं। कोरोना काल के बाद इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। ऑनलाइन पढ़ाई हो या फिर जूम मीटिंग। अब सब मोबाइल व लैपटॉप से हो रहा है। घरों में मोबाइल और लैपटॉप पर बच्चों का समय अधिक बीत रहा है। मोबाइल और लैपटॉप की रोशनी रेटिना पर ऐसा असर डाल रही है कि आंखों के अंदर की कोशिकाएं सूखने लगती है। इसकी वजह से बच्चे आंखों की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनु तनेजा कहना है कि मोबाइल और लैपटॉप के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बच्चों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। मोबाइल ज्यादा देखने से बच्चों की आंखों पर असर पड़ रहा है। उनकी सलाह है कि अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल न दिखाएं।
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-- ऐसे करें बचाव
- बच्चों को मोबाइल कम से कम दें।
- दिन में तीन से चार बार अपनी आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।
- कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो उचित दूरी बना कर रखें।
- धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा पहनें।
- समय-समय पर आंखों का चेकअप कराते रहें।
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आज विश्व दृष्टि दिवस है। मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर आंखों की रोशनी को कमजोर रहे हैं। कोरोना काल के बाद इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। ऑनलाइन पढ़ाई हो या फिर जूम मीटिंग। अब सब मोबाइल व लैपटॉप से हो रहा है। घरों में मोबाइल और लैपटॉप पर बच्चों का समय अधिक बीत रहा है। मोबाइल और लैपटॉप की रोशनी रेटिना पर ऐसा असर डाल रही है कि आंखों के अंदर की कोशिकाएं सूखने लगती है। इसकी वजह से बच्चे आंखों की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनु तनेजा कहना है कि मोबाइल और लैपटॉप के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बच्चों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। मोबाइल ज्यादा देखने से बच्चों की आंखों पर असर पड़ रहा है। उनकी सलाह है कि अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल न दिखाएं।
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- बच्चों को मोबाइल कम से कम दें।
- दिन में तीन से चार बार अपनी आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।
- कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हों तो उचित दूरी बना कर रखें।
- धूप या किसी धूल-मिट्टी वाली जगह पर जाएं तो चश्मा पहनें।
- समय-समय पर आंखों का चेकअप कराते रहें।