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Saharanpur News: बुखार होने पर लापरवाही न करें, कराएं टीबी की जांच
Tue, 24 Mar 2026 01:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:30 AM IST
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सहारनपुर। मंगलवार यानी आज विश्व क्षय दिवस है। जरूरी नहीं है कि दो सप्ताह से ज्यादा खांसने वाले मरीज ही टीबी रोगी हों, अगर लंबे समय तक बुखार भी है तो टीबी रोग की जांच कराएं। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो घबराएं नहीं। नियमित दवा लेने से यह ठीक हो जाती है। बीच में दवा छोड़ने से बैक्टीरिया में मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) होने से उपचार जटिल हो जाता है।
विश्व टीबी दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और नियमित उपचार के प्रति सजग करना है, ताकि इसको खत्म किया जा सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि टीबी का सही समय पर सही व नियमित इलाज जरूरी है। बीच-बीच में दवा छोड़ने से या फिर उपचार नहीं कराने से यह जानलेवा हो जाती है। जानकारी के अभाव की वजह से लोगों को पता नहीं चलता कि वह टीबी की चपेट में आ चुके हैं। जिसकी वजह से नाजुक हालात में पहुंच जाते हैं। सरकार का पूरा फोकस टीबी को खत्म करने पर है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को लंबे समय तक चलने वाली महंगी दवाएं निशुल्क दी जाती है। टीबी का इलाज तब तक कराएं जब तक डॉक्टर बंद नहीं करें। अपने हिसाब से दवा बंद न करें।
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-- तीन साल में 201 ग्राम पंचायतें हुई टीबी मुक्त
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि तीन साल में 201 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई है। वर्ष 2023 में 35, 2024 में 76 और 2025 में 90 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त की गई। सात ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें तीन साल से टीबी मरीज नहीं मिला, जबकि 13 ग्राम पंचायतों में दो साल से टीबी का मामला नहीं मिला है। मंगलवार यानी आज कलक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रमों में 90 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
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विश्व टीबी दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और नियमित उपचार के प्रति सजग करना है, ताकि इसको खत्म किया जा सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि टीबी का सही समय पर सही व नियमित इलाज जरूरी है। बीच-बीच में दवा छोड़ने से या फिर उपचार नहीं कराने से यह जानलेवा हो जाती है। जानकारी के अभाव की वजह से लोगों को पता नहीं चलता कि वह टीबी की चपेट में आ चुके हैं। जिसकी वजह से नाजुक हालात में पहुंच जाते हैं। सरकार का पूरा फोकस टीबी को खत्म करने पर है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को लंबे समय तक चलने वाली महंगी दवाएं निशुल्क दी जाती है। टीबी का इलाज तब तक कराएं जब तक डॉक्टर बंद नहीं करें। अपने हिसाब से दवा बंद न करें।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि तीन साल में 201 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई है। वर्ष 2023 में 35, 2024 में 76 और 2025 में 90 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त की गई। सात ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें तीन साल से टीबी मरीज नहीं मिला, जबकि 13 ग्राम पंचायतों में दो साल से टीबी का मामला नहीं मिला है। मंगलवार यानी आज कलक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रमों में 90 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
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