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मौलाना अबुल कलाम आजाद के बलिदान पर चर्चा

Thu, 12 Nov 2020 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 11:03 PM IST
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Discussion on Maulana Abul Kalam Azad's sacrifice
बेहट। घघरौली स्थित मदरसा जामिया रहमत में ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मौलाना अबुल कलाम आजाद के बलिदान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाओं एवं उपलब्धियों के बारे में चर्चा की गई।
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जामिया प्रबंधक एवं ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के जिलाध्यक्ष मौलाना डॉ. अब्दुल मालिक मुगीसी ने कहा, कि मौलाना आजाद एक धार्मिक विद्वान, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, समाज सुधारक, लेखक और संचालक थे। उनके अनुसार स्वतंत्र भारत में शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य नई पीढ़ी में मानसिक जागरूकता पैदा करना था। मौलाना मौलाना आजाद कहते थे, कि शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य जीविका अर्जित करना नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण करना है और यहीं शिक्षा का सबसे उपयोगी पहलू है। रईस अली, मुफ्ती हाशिम, डॉ. इरशाद, मुफ्ती दिलनवाज, कारी नसीम, कारी साकिब, कारी असजद, कारी शाहवेज, कारी अजवद, कारी दानिश व कारी अब्दुल सलाम आदि रहे।
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