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मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अफसरों में बेचैनी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:18 AM IST
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डीएम कार्यालय की सड़क का निर्माण करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर अफसरों में खलबली मची है। सरकारी कार्यालयों में सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जा रही है। कलक्ट्रेट परिसर में पुरानी सड़क को उखाड़कर नई सड़क का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसी तरह अन्य विभागों में भी दिन-रात कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 अगस्त के बाद कभी सहारनपुर का दौरा संभावित है। इसको देखते हुए कलक्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, विकास भवन, जिला अस्पताल, विकास प्राधिकरण सहित सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों की व्यवस्थाओं को अफसर दुरुस्त कराने में लगे हैं।
कार्यालयों में साफ-सफाई और रंग-पुताई का कार्य तेजी से चल रहा है। कलक्ट्रेट में कुछ समय पूर्व बनी सड़क को जेसीबी से उखाड़ दिया गया। यहां नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ कलक्ट्रेट के सभी कार्यालयों में लगे दरवाजों को भी बदला जा रहा है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी पीके पांडेय ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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घोटालों की समीक्षा हुई तो गिरेगी अधिकारियों पर गाज
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर आने की संभावना को लेकर विभागों में खलबली मची हुई है। खलबली सिर्फ मुख्यमंत्री के आने की नहीं, विभागों के गोलमालों पर जवाब मांगा गया तो कई बड़े अधिकारी भी नप सकते हैं।
सहारनपुर में तो सड़क से लेकर शौचालयों तक में गोलमाल के मामले सामने आ चुके हैं। जिससे अधिकारियों की हालत पतली हो रही है। कहीं महाराजगंज में हुई कार्रवाई की पुनरावृत्ति न हो जाए। आला अधिकारियों से लेकर सभी विभागों के अधिकारी फाइलों में लीपापोती करने में लगे हैं। सहारनपुर में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों गोलमाल हो चुके हैं।
शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला सहकारी बैंक, नगर निगम में वाहन खरीद में घोटाला, चूना घोटाला, लाइट घोटाला, जिला पंचायती राज विभाग का शौचालय घोटाला, पीडब्लूडी का सड़कों में गोलमाल, बिजली विभाग में गोलमाल के मामले हाल में ही हुए हैं। जिला पूर्ति कार्यालय तो अभी तक घोटालों की आग में झुलस रहा है। थानों में सुनवाई नहीं हो रही है।
इन मामलों की मुख्यमंत्री ने सहारनपुर दौरे के दौरान समीक्षा की और जवाब मांगा तो जिले के कई अधिकारी नप सकते हैं। महाराजगंज में मुख्यमंत्री द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई की सहारनपुर में पुनरावृत्ति हो सकती है। जिसको लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है। अधिकारी न सिर्फ फाइलों को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं बल्कि घपले के मामलों में लीपापोती कर जवाब तैयार कर रहे हैं।
थाने से लेकर विभागों के कार्यालयों तक में फाइलों को अप टू डेट करने में लगे हुए हैं। यहां तक कि सदर कोतवाली से चार साल पूर्व स्थानांतरित एक सिपाही को अब इसलिए बुलाया जा रहा है क्योंकि उस पर मालखाने का अभी तक चार्ज बना हुआ है। अब तक उससे चार्ज ही नहीं लिया गया था, न उसकी तलाश की गई।
अब तलाश की गई तो वह हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में तैनात मिला है। उसे बुलानेे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चार्ज स्थानांतरित हो सके और मालखाने में कितना क्या है, उसका पता चल सके। कहीं मुख्यमंत्री ने पूछ लिया तो मामला खराब हो जाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 अगस्त के बाद कभी सहारनपुर का दौरा संभावित है। इसको देखते हुए कलक्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, विकास भवन, जिला अस्पताल, विकास प्राधिकरण सहित सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों की व्यवस्थाओं को अफसर दुरुस्त कराने में लगे हैं।
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कार्यालयों में साफ-सफाई और रंग-पुताई का कार्य तेजी से चल रहा है। कलक्ट्रेट में कुछ समय पूर्व बनी सड़क को जेसीबी से उखाड़ दिया गया। यहां नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ कलक्ट्रेट के सभी कार्यालयों में लगे दरवाजों को भी बदला जा रहा है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी पीके पांडेय ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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घोटालों की समीक्षा हुई तो गिरेगी अधिकारियों पर गाज
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर आने की संभावना को लेकर विभागों में खलबली मची हुई है। खलबली सिर्फ मुख्यमंत्री के आने की नहीं, विभागों के गोलमालों पर जवाब मांगा गया तो कई बड़े अधिकारी भी नप सकते हैं।
सहारनपुर में तो सड़क से लेकर शौचालयों तक में गोलमाल के मामले सामने आ चुके हैं। जिससे अधिकारियों की हालत पतली हो रही है। कहीं महाराजगंज में हुई कार्रवाई की पुनरावृत्ति न हो जाए। आला अधिकारियों से लेकर सभी विभागों के अधिकारी फाइलों में लीपापोती करने में लगे हैं। सहारनपुर में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों गोलमाल हो चुके हैं।
शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला सहकारी बैंक, नगर निगम में वाहन खरीद में घोटाला, चूना घोटाला, लाइट घोटाला, जिला पंचायती राज विभाग का शौचालय घोटाला, पीडब्लूडी का सड़कों में गोलमाल, बिजली विभाग में गोलमाल के मामले हाल में ही हुए हैं। जिला पूर्ति कार्यालय तो अभी तक घोटालों की आग में झुलस रहा है। थानों में सुनवाई नहीं हो रही है।
इन मामलों की मुख्यमंत्री ने सहारनपुर दौरे के दौरान समीक्षा की और जवाब मांगा तो जिले के कई अधिकारी नप सकते हैं। महाराजगंज में मुख्यमंत्री द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई की सहारनपुर में पुनरावृत्ति हो सकती है। जिसको लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है। अधिकारी न सिर्फ फाइलों को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं बल्कि घपले के मामलों में लीपापोती कर जवाब तैयार कर रहे हैं।
थाने से लेकर विभागों के कार्यालयों तक में फाइलों को अप टू डेट करने में लगे हुए हैं। यहां तक कि सदर कोतवाली से चार साल पूर्व स्थानांतरित एक सिपाही को अब इसलिए बुलाया जा रहा है क्योंकि उस पर मालखाने का अभी तक चार्ज बना हुआ है। अब तक उससे चार्ज ही नहीं लिया गया था, न उसकी तलाश की गई।
अब तलाश की गई तो वह हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में तैनात मिला है। उसे बुलानेे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चार्ज स्थानांतरित हो सके और मालखाने में कितना क्या है, उसका पता चल सके। कहीं मुख्यमंत्री ने पूछ लिया तो मामला खराब हो जाएगा।