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Saharanpur News: मृतकों के सम्मान पर संकट, दो गज जमीन के इंतजार में पूरा गांव

Sat, 27 Jun 2026 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 27 Jun 2026 01:01 AM IST
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Dignity of the dead at stake; entire village awaits a small patch of land for burial.
सहारनपुर। सदर तहसील के शाहपुर गांव में मृतकों के सम्मान पर संकट खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन की तरफ से अंतिम संस्कार के लिए जो भूखंड उपलब्ध कराया गया था किसी ने उसके पिलर उखाड़कर जमीन जोत दी। गांव में कोई अन्य श्मशान घाट भी नहीं है। मौजूदा हालात में यदि किसी का निधन हो जाए तो ग्रामीणों के पास ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां वह अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कर सकें।
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शाहपुर कदीम में करीब 500 परिवार रहते हैं, जिनकी आबादी करीब ढाई हजार है। अभी तक ग्रामीण एक खेत में अंतिम संस्कार करते थे। क्षेत्र से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे निकलने के बाद खेत मालिक ने करीब दो वर्ष पहले अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था, लेकिन ग्रामीणों के पास कोई अन्य विकल्प न होने के चलते वह उसी खेत में अंतिम संस्कार करते आ रहे थे, साथ ही ग्रामीण प्रशासन से भी श्मशान घाट के लिए जमीन मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
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पूर्व प्रधान सोनू ने बताया कि मई 2026 में सदर तहसील प्रशासन ने गांव के ही पास जमीन चिह्नित की थी। प्रशासन ने भूमि के चारों ओर सीमेंट के पिलर लगाकर उसकी ढोलबंदी भी कराई थी। ग्रामीणों से कहा था कि वह इस भूमि पर अंतिम संस्कार कर सकते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद बंधी थी कि अब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए निजी खेत में नहीं जाना पड़ेगा। आरोप है कि दो दिन पहले ही एक व्यक्ति ने पिलरों को उखाड़कर जमीन जोत दी है। इसके बाद ग्रामीणों के सामने अंतिम संस्कार का संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीणों की बात :
- पूर्व बीडीसी रविंद्र का कहना है कि वह दो साल से प्रशासन से श्मशान घाट के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। मई में प्रशासन ने जमीन दी थी, जिसके पिलर एक व्यक्ति ने उखाड़ दिए हैं। उनके पास अंतिम संस्कार के लिए कोई जगह नहीं है।
- ग्रामीण संजय ने बताया कि ग्रामीणों के पास अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट नहीं है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
- अमित सैनी ने बताया कि ग्रामीणों के सामने अंतिम संस्कार का संकट पैदा हो गया है, जो दुर्भाग्य की बात है। पड़ोसी गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार कर नहीं सकते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह ग्रामीणों को जगह उपलब्ध कराए।

- सुनील सैनी ने बताया कि यदि प्रशासन जगह नहीं देता है तो ग्रामीण हाईवे पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर होंगे।
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जिस भूमि की बात की जा रही है वह बंजर में दर्ज है। इस पर कब्जा लिया गया था। पता चला है कि किसी व्यक्ति ने पिलर उखाड़ दिए हैं। टीम भेजकर दोबारा कब्जा लिया जाएगा। ग्रामीणों के पास श्मशान घाट के लिए अलग जगह है।
- सुबोध कुमार, एसडीएम सदर।
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