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डीजल की महंगाई ने डेढ़ गुना बढ़ा दी फसल की लागत

Thu, 21 Oct 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 11:33 PM IST
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Diesel inflation increased the cost of the crop by one and a half times
सहारनपुर। डीजल की महंगाई ने फसलों की लागत में डेढ़ गुना वृद्धि कर दी है। तीन साल में डीजल का दाम करीब 30 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया। इस कारण एक एकड़ गेहूं की खेती में रोटावेटर से बुआई का खर्च करीब 528 रुपये और डीजल पंप या ट्रैक्टर चलाकर सिंचाई करने पर 1322 रुपये और थ्रेसिंग का खर्च भी लगभग 644 रुपये बढ़ जाएगा। हाल ही में एनपीके के दाम में इजाफा हुआ है। उसका भी असर गेहूं की लागत को प्रभावित करेगा।
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दरअसल, वर्ष 2019 में डीजल का दाम अक्तूबर माह में करीब 67 रुपये प्रति लीटर था। इसके बाद अक्तूबर 2020 में 70 रुपये लीटर हुआ और अब 96.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस समय गेहूं की बुआई का समय आ गया है। उसके लिए रोटावेटर से गेहूं की बुआई के बाद सिंचाई और थ्रेसिंग का कार्य होगा। डीजल की बढ़ी कीमतों से आकलन किया जाए तो एक एकड़ में रोटावेटर से गेहूूं बुआई में 528 रुपये, पांच बार सिंचाई पर 1322 रुपये और थ्रेसिंग के खर्च में 353 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एनपीके के 50 किलो बैग पर 265 रुपये की बढ़ोतरी हाल ही में हुई है। पूर्व में जो कट्टा 1175 रुपये का मिल रहा था, वह अब 1440 रुपये का हो गया है।
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एक एकड़ भूमि की जुताई में छह लीटर डीजल खर्च
रोटावेटर से जुताई करने पर एक एकड़ में करीब छह लीटर डीजल खर्च होता है, जबकि एक सिंचाई करने पर करीब नौ लीटर डीजल और थ्रेसिंग करने पर 12 लीटर डीजल का खर्च आता है।
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किसान नेताओं की बात
बीज एवं कीटनाशक महंगे, डीजल के रेट में लगातार बढ़ोतरी से गेहूं की फसल की लागत को बढ़ा दिया है, जबकि सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात कर रही है। महंगाई के चलते किसानों की आमदनी कम हुई है। -- चौधरी विनय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू।

लागत को देखते हुए गेहूं का लाभकारी मूल्य 5600 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। नहीं तो किसानों को डीजल सहित खेती में काम आने वाले अन्य वस्तुओं पर अनुदान दिया जाए। डीजल के रेट बढ़ने से गेहूं की खेती की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है। -- श्यामवीर त्यागी, प्रांतीय संयोजक भारतीय किसान संघ।
रबी सीजन में इस तरह बढ़ी महंगाई
रोटावेटर से जुताई का खर्च प्रति एकड़
वर्ष ---------- खर्च
2019 -------- 1208 रुपये
2020 -------- 1268 रुपये
2021 -------- 1737 रुपये
एक एकड़ में पांच बार की सिंचाई का खर्च
वर्ष ------------ खर्च
2019 --------- 3020
2020 --------- 3170
2021 --------- 4342
एक एकड़ के गेहूं की थ्रेसिंग में खर्च
वर्ष ----------- खर्च
2019 ---------- 805
2020 ---------- 845
2021 --------- 1158
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