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Saharanpur News: अजरूद्दीन के पास से मिली डायरी खोलेगी राज--
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सहारनपुर। लखनऊ एटीएस द्वारा पकड़े गए सहारनपुर निवासी संदिग्ध आतंकी अजरूद्दीन के पास से एक डायरी मिली है, जिससे एटीएस के हाथ कई अहम सुराग लग सकते हैं, जिसकी जांच चल रही है।
बताया जा रहा है कि एकता कॉलोनी निवासी अजरूद्दीन कई आतंकी संगठनों से जुड़ा था, जिसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने की कमान सौंपी गई थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक अजरूद्दीन अलकायदा बर्र-ए-सगीर और उसके सहयोगी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के संपर्क में था।
एटीएस ने 26 सितंबर को संदिग्ध आतंकी लुकमान की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद एटीएस ने शामली, हरिद्वार, रुड़की से कई संदिग्धों को पकड़ा था। लुकमान से हुई पूछताछ के आधार पर अजरूद्दीन का नाम सामने आया था और एटीएस ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसके पास से एक डायरी एटीएस ने बरामद हूूई हैं, जिसमें कई मोबाइल फोन नंबर लिखे हैं, जिनकी एटीएस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस कार्रवाई के बारे में स्थानीय अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है।
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हेलमेट बेचने का काम करता था अजरूद्दीन
अजरूद्दीन हेलमेट बेचने का काम करता था। वह जिले में सड़क किनारे दुकान लगाता था। उसके पिता भी यही काम करते हैं। पिता चिरागूद्दीन का कहना है कि अजरूद्दीन के बार में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उनका बेटे पर लगे आरोप गलत हैं। अजरूद्दीन के दो भाई ओर हैं, जो सड़कों पर दुकान लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं। अजरूद्दीन कक्षा 11 तक पढ़ा है।
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बताया जा रहा है कि एकता कॉलोनी निवासी अजरूद्दीन कई आतंकी संगठनों से जुड़ा था, जिसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने की कमान सौंपी गई थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक अजरूद्दीन अलकायदा बर्र-ए-सगीर और उसके सहयोगी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के संपर्क में था।
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एटीएस ने 26 सितंबर को संदिग्ध आतंकी लुकमान की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद एटीएस ने शामली, हरिद्वार, रुड़की से कई संदिग्धों को पकड़ा था। लुकमान से हुई पूछताछ के आधार पर अजरूद्दीन का नाम सामने आया था और एटीएस ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसके पास से एक डायरी एटीएस ने बरामद हूूई हैं, जिसमें कई मोबाइल फोन नंबर लिखे हैं, जिनकी एटीएस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस कार्रवाई के बारे में स्थानीय अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है।
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हेलमेट बेचने का काम करता था अजरूद्दीन
अजरूद्दीन हेलमेट बेचने का काम करता था। वह जिले में सड़क किनारे दुकान लगाता था। उसके पिता भी यही काम करते हैं। पिता चिरागूद्दीन का कहना है कि अजरूद्दीन के बार में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उनका बेटे पर लगे आरोप गलत हैं। अजरूद्दीन के दो भाई ओर हैं, जो सड़कों पर दुकान लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं। अजरूद्दीन कक्षा 11 तक पढ़ा है।