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धराली आपदा: 22 दिन बाद भी गंगोह के मुकेश और दीपांशु का सुराग नहीं
Thu, 28 Aug 2025 11:16 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:16 PM IST
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गंगोह। धराली आपदा को 22 दिन बीत गए, लेकिन गंगोह के जुखेड़ी गांव निवासी मुकेश (22) पुत्र रामसिंह और दीपांशु (19) पुत्र मोनू का अब तक कोई अता-पता नहीं चला।
बता दें कि गंगोह के गांव जुखेड़ी निवासी मुकेश और दीपांशु धराली में वेल्डिंग का काम करने गए थे। पांच अगस्त को हुए हादसे के बाद से उनका परिवारों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। दोनों परिवार दिन-रात यही दुआ कर रहे थे कि उनके बेटे किसी तरह सुरक्षित लौट आएंगे, लेकिन बीतते वक्त के साथ यह उम्मीद लगभग टूट चुकी है। मुकेश के पिता राम सिंह गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी बार-बार बेटे का नाम लेकर रो पड़ते हैं, जबकि मां सुदेश का कहना है कि अब तो आंखों से आंसू भी सूख चुके हैं। दीपांशु की मां मधु हर फोन कॉल पर चौंककर उठ जाती हैं, शायद कोई अच्छी खबर मिले। परिवारजन बताते हैं कि हर दो-तीन दिन में कंट्रोल रूम से कॉल आती है। कॉल आते ही पलभर के लिए दिल धड़क उठता है कि शायद कोई सूचना होगी, लेकिन फिर वही इंतजार और मायूसी रह जाती है। 22 दिन बाद भी घरों का माहौल वैसा ही है।
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बता दें कि गंगोह के गांव जुखेड़ी निवासी मुकेश और दीपांशु धराली में वेल्डिंग का काम करने गए थे। पांच अगस्त को हुए हादसे के बाद से उनका परिवारों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। दोनों परिवार दिन-रात यही दुआ कर रहे थे कि उनके बेटे किसी तरह सुरक्षित लौट आएंगे, लेकिन बीतते वक्त के साथ यह उम्मीद लगभग टूट चुकी है। मुकेश के पिता राम सिंह गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी बार-बार बेटे का नाम लेकर रो पड़ते हैं, जबकि मां सुदेश का कहना है कि अब तो आंखों से आंसू भी सूख चुके हैं। दीपांशु की मां मधु हर फोन कॉल पर चौंककर उठ जाती हैं, शायद कोई अच्छी खबर मिले। परिवारजन बताते हैं कि हर दो-तीन दिन में कंट्रोल रूम से कॉल आती है। कॉल आते ही पलभर के लिए दिल धड़क उठता है कि शायद कोई सूचना होगी, लेकिन फिर वही इंतजार और मायूसी रह जाती है। 22 दिन बाद भी घरों का माहौल वैसा ही है।
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