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डीजीपी और प्रमुख सचिव पहुंचे सहारनपुर, बवाल की समीक्षा की
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 08 May 2017 12:47 AM IST
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सहारनपुर पहुंचे डीजीपी और प्रमुख सचिव।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में शब्बीरपुर में दलित और ठाकुरों के बीच खूनी संघर्ष और आगजनी की घटना के बाद रविवार को हालात का जायजा लेने सहारनपुर पहुंचे प्रमुख सचिव गृह देवाशीश पांडा और डीजीपी सुलखान सिंह ने सर्किट हाउस में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बात की और उसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक की।
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बाद में पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने सड़क दूधली और शब्बीरपुर की घटना में पुलिस के स्तर पर कोई चूक होने की बात से इंकार किया और कहा कि पुलिस को जो करना चाहिए था पुलिस ने उतना किया है। इससे अधिक नहीं कर सकती थी।
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उन्होंने घटना के लिए दोषी लोगों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। उधर, सर्किट हाउस से निकलते समय डीजीपी का घेराव कर दलितों ने अपने ऊपर हो रहे हमलों का जवाब मांगा।
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प्रमुुख सचिव गृह देवाशीश पांडा और डीजीपी सुलखान सिंह रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ अलग-अलग बैठक कर घटना की जानकारी ली।
इसके बाद मंडल के तीनों जिलों के डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारियों के साथ करीब एक घंटा बैठक की। शब्बीरपुर और सड़क दूधली में हुए बवाल की जानकारी ली। साथ ही आगामी दिनों में आने वाले त्योहार और निकाय चुनाव के मद्देनजर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
दोपहर डेढ़ बजे पत्रकार वार्ता में प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि शब्बीरपुर की घटना में मृतक के परिवारीजनों और जिन लोगों के घर जलाए गए हैं, उनको मुआवजा दिलाने की कोशिश की जा रही है। उनके नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।
डीजीपी ने पुलिस के सामने दलितों के घरों में आगजनी होने और उपद्रवियों द्वारा तलवारें लहराने की बात से इंकार किया, साथ ही शब्बीरपुर से दलितों के पलायन की बात को भी नकार दिया।
उन्होंने कहा कि जो भी लोग गांव में नहीं हैं, वह पुलिस की कार्रवाई के डर से भागे हुए हैं। एसएसपी आवास पर उपद्रवियों द्वारा कथित तौर पर की गई तोड़फोड़ के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
उन्होंने कहा, सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाकर शांति व्यवस्था को कायम किया जाएगा। भाईचारा कायम करने को गांव और शहर में अभियान भी चलेगा।