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Saharanpur News: अष्टमी पर शाकंभरी में उमड़े श्रद्धालु, डीएम-एसएसपी ने संभाला मोर्चा
Fri, 27 Mar 2026 01:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:41 AM IST
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शाकंभरी सिद्धपीठ में मां के दर्शनों को लगी लंबी लाइन। संवाद
शाकंभरी। चैत्र नवरात्र के अष्टमी पर्व पर सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कई घंटों तक लंबी कतारों में खड़े रहकर मां भगवती के दर्शन किए। भीड़ अधिक होने का पता चलने पर दोपहर के समय डीएम और एसएसपी ने वहां पहुंचकर खुद व्यवस्था संभाली।
बृहस्पतिवार को अष्टमी और नवमी पर्व के अवसर पर सुबह तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली, पैदल एवं चार पहिया वाहनों से बड़ी संख्या में सिद्धपीठ पहुंचे। दर्शन के लिए चार से पांच घंटे तक लाइनों में इंतजार करना पड़ा। दोपहर के समय श्रद्धालुओं की कतार अस्थायी पुल पार कर पुलिस चौकी तक पहुंच गई। मेले के दौरान जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
डीएम मनीष बंसल एवं एसएसपी अभिनंदन सिंह ने मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, मेडिकल कैंप, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी तथा अनाउंसमेंट सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने पर जोर दिया। डीएम और एसएसपी ने वहां खड़े होकर खुद श्रद्धालुओं को कतार में लगवाया। इस दौरान एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम मानवेंद्र, सीओ मुनीश चंद्र, एसडीएम अंकुर वर्मा, सीओ वैभव पांडे आदि रहे।
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सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, अब तक 70 बच्चे परिजनों से मिलवाए
चैत्र मेले इस बार पुलिस-प्रशासन के कड़े बंदोबस्त दिखाई दिए। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि 19 तारीख को मेले का शुभारंभ हुआ था, तब से लेकर बृहस्पतिवार तक 70 बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जो मेले में पिछड़ गए थे। अस्थायी अस्पताल में रोजाना 200 से 250 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित कर आठ-आठ घंटों की शिफ्ट में मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए यातायात व्यवस्था, पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड की तैनाती भी की गई है। संपूर्ण व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को मेला प्रभारी, 18 जोनल मजिस्ट्रेट, 48 सेक्टर मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, 04 उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा 05 पुलिस उपाधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर नियुक्त 450 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात किए गए है। जिला पंचायत को साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब हर रोज बढ़ेगी भीड़
मेले का शुभारंभ 19 मार्च से हुआ था। रोजाना भीड़ बढ़ रही है। 27 मार्च को राम नवमी, 28 मार्च को दशमी, 30 मार्च को त्रयोदशी, 1 अप्रैल को चतुर्दशी और 2 अप्रैल को पूर्णिमा तथा हनुमान जयंती पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने की संभावना है।
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बृहस्पतिवार को अष्टमी और नवमी पर्व के अवसर पर सुबह तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली, पैदल एवं चार पहिया वाहनों से बड़ी संख्या में सिद्धपीठ पहुंचे। दर्शन के लिए चार से पांच घंटे तक लाइनों में इंतजार करना पड़ा। दोपहर के समय श्रद्धालुओं की कतार अस्थायी पुल पार कर पुलिस चौकी तक पहुंच गई। मेले के दौरान जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
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डीएम मनीष बंसल एवं एसएसपी अभिनंदन सिंह ने मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, मेडिकल कैंप, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी तथा अनाउंसमेंट सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने पर जोर दिया। डीएम और एसएसपी ने वहां खड़े होकर खुद श्रद्धालुओं को कतार में लगवाया। इस दौरान एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम मानवेंद्र, सीओ मुनीश चंद्र, एसडीएम अंकुर वर्मा, सीओ वैभव पांडे आदि रहे।
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सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, अब तक 70 बच्चे परिजनों से मिलवाए
चैत्र मेले इस बार पुलिस-प्रशासन के कड़े बंदोबस्त दिखाई दिए। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि 19 तारीख को मेले का शुभारंभ हुआ था, तब से लेकर बृहस्पतिवार तक 70 बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जो मेले में पिछड़ गए थे। अस्थायी अस्पताल में रोजाना 200 से 250 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित कर आठ-आठ घंटों की शिफ्ट में मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए यातायात व्यवस्था, पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड की तैनाती भी की गई है। संपूर्ण व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को मेला प्रभारी, 18 जोनल मजिस्ट्रेट, 48 सेक्टर मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, 04 उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा 05 पुलिस उपाधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर नियुक्त 450 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात किए गए है। जिला पंचायत को साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब हर रोज बढ़ेगी भीड़
मेले का शुभारंभ 19 मार्च से हुआ था। रोजाना भीड़ बढ़ रही है। 27 मार्च को राम नवमी, 28 मार्च को दशमी, 30 मार्च को त्रयोदशी, 1 अप्रैल को चतुर्दशी और 2 अप्रैल को पूर्णिमा तथा हनुमान जयंती पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने की संभावना है।