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धरातल पर विकास कराने की कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 13 Feb 2017 12:14 AM IST
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सहारनपुर का वुडकार्विंग कारोबार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में वुडकार्विंग के जरिये देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला सहारनपुर में इस समय चुनावी रंग में रंगा हुआ है। यहां नगर विधानसभा सीट पर दस साल में हुए तीन विधानसभा चुनावों में भाजपा ही जीतती चली आ रही है।
2014 में हुए विधानसभा उप चुनावों में राजीव गुंबर विधायक बने। काफी कुछ बदलाव आया है पिछले सालों में मतदाताओं का मिजाज भी बदला है और नेताओं के किए जाने वाले वादों को भी भांपा है।
मतदाताओं का रुख जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शहर के कई इलाकों में जाकर लोगों से जनप्रतिनिधियों के बारे में जानने का प्रयास किया। जिनमें से अधिकांश मतदाताओं ने जाति धर्म की बजाय विकास कराने वाले और उनकी समस्याओं का निराकरण कराने वाले को ही तरजीह दी।
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हालांकि कई स्थानों पर पारंपरिक वोटर भी नजर आए जो विकास तो चाहते हैं, लेकिन वोट उसी को देना चाहते हैं जो उनकी नजर में चढ़ चुका है। शहर में अब हर गली, मोहल्ले, बाजार एवं नुक्कड़ पर चुनावी चर्चाएं हो रहीं हैं।
मतदाता समस्याओं की पूरी लिस्ट बनाकर बैठे हैं और जो भी वोट मांगने के लिए आ रहा है तीखे शब्दों में अपनी शर्तें सामने रख रहे हैं। नुमाइश कैंप के गोपाल नगर के लोग तो समस्याओं का निराकरण न हो पाने से इतने नाराज हो चुके हैं कि मतदान तक का बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
रिंकू, अमित, सुनील, योगेश समेत कई लोगों ने कहा कि कई विधायक बदल गए, लेकिन यहां न तो सफाई की व्यवस्था कराई गई, न सीवर लाइन डलवाई गई और न जल भराव का ही समाधान कराया गया।
लोहानी सराय में महबूब, सुल्तान, रहीस, मुबारिक, राशिद, निजात का कहना है कि यहां बारिश होते ही हाल ऐसा हो जाता है कि मानो नहर चल रही हो। सड़क इतनी संकरी है कि जरा देर में जाम लग जाता है और फिर लोग आपस में झगड़ा करते हैं।
सड़कों पर गंदगी रहती है, सफाई की कोई व्यवस्था नहीं। साफ पानी इलाके में नहीं आ रहा। फिर से नेता वोट मांगने आ रहे हैं। सुभाषनगर में मंदिर के पास लोग वहां पर फैलने वाली गंदगी पर चर्चा कर रहे थे।
एक ओर तो बॉबी, इंद्रपुरी, महेंद्र सिंह, इंद्रजीत, अश्वनी कुमार, डब्बू, नरेंद्र, अनिल, धर्मपाल बैठे थे तो महिलाओं का गुट रजनी, मुक्ति, रोमिता, मिन्नी, प्रीति, डिंपल भी वहीं बैठे वोट देने को लेकर चर्चा कर रहे थे।
उनका कहना था कि वोट तो जिसको देते आए हैं उसी को ही देंगे, लेकिन कसक यही है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ। मंदिर के पास कूड़ा दान बना दिया है, बारिश होते ही मोहल्ला टापू की तरह बन जाता है, स्ट्रीट लाइट जलती नहीं, पीने का पानी इतना गंदा आता है कि घरों में आरओ न लगवाएं तो पूरा मोहल्ला ही बीमार हो जाए। सीवर आज तक मोहल्ले में पड़ा ही नहीं।
गलीरा रोड की ओर के मोहल्ला हरिनगर, सूर्यनगर के लोग तो वोट देकर अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। यहां तो जन सुविधाएं ही नहीं हैं। हरिनगर के राजेंद्र, दिनेश, मानस, राहुल, आशु, महेंद्र कहते हैं कि यहां कोई नेता वोट लेने के बाद आज तक लौट कर नहीं आया।
यहां तो नरक जैसी स्थिति है। गंदा पानी भरा हुआ है, सड़कें हैं नहीं, सीवर लाइन तो सपना ही है, पेयजल की व्यवस्था नहीं है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे यह क्षेत्र विकास से अछूता ही है।
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2014 में हुए विधानसभा उप चुनावों में राजीव गुंबर विधायक बने। काफी कुछ बदलाव आया है पिछले सालों में मतदाताओं का मिजाज भी बदला है और नेताओं के किए जाने वाले वादों को भी भांपा है।
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मतदाताओं का रुख जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शहर के कई इलाकों में जाकर लोगों से जनप्रतिनिधियों के बारे में जानने का प्रयास किया। जिनमें से अधिकांश मतदाताओं ने जाति धर्म की बजाय विकास कराने वाले और उनकी समस्याओं का निराकरण कराने वाले को ही तरजीह दी।
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हालांकि कई स्थानों पर पारंपरिक वोटर भी नजर आए जो विकास तो चाहते हैं, लेकिन वोट उसी को देना चाहते हैं जो उनकी नजर में चढ़ चुका है। शहर में अब हर गली, मोहल्ले, बाजार एवं नुक्कड़ पर चुनावी चर्चाएं हो रहीं हैं।
मतदाता समस्याओं की पूरी लिस्ट बनाकर बैठे हैं और जो भी वोट मांगने के लिए आ रहा है तीखे शब्दों में अपनी शर्तें सामने रख रहे हैं। नुमाइश कैंप के गोपाल नगर के लोग तो समस्याओं का निराकरण न हो पाने से इतने नाराज हो चुके हैं कि मतदान तक का बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
रिंकू, अमित, सुनील, योगेश समेत कई लोगों ने कहा कि कई विधायक बदल गए, लेकिन यहां न तो सफाई की व्यवस्था कराई गई, न सीवर लाइन डलवाई गई और न जल भराव का ही समाधान कराया गया।
लोहानी सराय में महबूब, सुल्तान, रहीस, मुबारिक, राशिद, निजात का कहना है कि यहां बारिश होते ही हाल ऐसा हो जाता है कि मानो नहर चल रही हो। सड़क इतनी संकरी है कि जरा देर में जाम लग जाता है और फिर लोग आपस में झगड़ा करते हैं।
सड़कों पर गंदगी रहती है, सफाई की कोई व्यवस्था नहीं। साफ पानी इलाके में नहीं आ रहा। फिर से नेता वोट मांगने आ रहे हैं। सुभाषनगर में मंदिर के पास लोग वहां पर फैलने वाली गंदगी पर चर्चा कर रहे थे।
एक ओर तो बॉबी, इंद्रपुरी, महेंद्र सिंह, इंद्रजीत, अश्वनी कुमार, डब्बू, नरेंद्र, अनिल, धर्मपाल बैठे थे तो महिलाओं का गुट रजनी, मुक्ति, रोमिता, मिन्नी, प्रीति, डिंपल भी वहीं बैठे वोट देने को लेकर चर्चा कर रहे थे।
उनका कहना था कि वोट तो जिसको देते आए हैं उसी को ही देंगे, लेकिन कसक यही है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ। मंदिर के पास कूड़ा दान बना दिया है, बारिश होते ही मोहल्ला टापू की तरह बन जाता है, स्ट्रीट लाइट जलती नहीं, पीने का पानी इतना गंदा आता है कि घरों में आरओ न लगवाएं तो पूरा मोहल्ला ही बीमार हो जाए। सीवर आज तक मोहल्ले में पड़ा ही नहीं।
गलीरा रोड की ओर के मोहल्ला हरिनगर, सूर्यनगर के लोग तो वोट देकर अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। यहां तो जन सुविधाएं ही नहीं हैं। हरिनगर के राजेंद्र, दिनेश, मानस, राहुल, आशु, महेंद्र कहते हैं कि यहां कोई नेता वोट लेने के बाद आज तक लौट कर नहीं आया।
यहां तो नरक जैसी स्थिति है। गंदा पानी भरा हुआ है, सड़कें हैं नहीं, सीवर लाइन तो सपना ही है, पेयजल की व्यवस्था नहीं है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे यह क्षेत्र विकास से अछूता ही है।