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स्वच्छता प्रतियोगिता के बावजूद महानगर में कूड़े के ढेर

Wed, 02 Nov 2022 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 11:03 PM IST
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Despite the cleanliness competition, heaps of garbage in the metropolis
संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। महानगर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत वार्डों के बीच स्वच्छता प्रतियोगिता कराई जा रही है। यह तीन नवंबर तक चलेगी। इसमें सभी 70 वार्ड प्रतिभाग कर रहे हैं। इसके तहत टॉप तीन वार्डों को पुरस्कृत किया जाएगा। हकीकत यह है कि प्रतियोगिता के बावजूद महानगर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं है। डलावघरों पर कचरे के ढेर बरकरार हैं। इनके समय से उठान नहीं होने की वजह से कचरा दिन भर सड़कों तक फैला रहता है।
प्रतियोगिता में प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था, ओडीएफ स्टेटस, सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय का रखरखाव और उनकी सफाई, घर-घर से कचरा कलेक्शन, कूड़े का पृथक्करण और निस्तारण, प्रतिबंधित पॉलिथीन के उपयोग पर रोक, वार्ड स्तर पर कूड़ा प्रबंधन और कूड़ाघर तक पहुंचाने की व्यवस्था, सड़कों और बाजारों में दो समय की सफाई, वॉल पेंटिंग, पौधरोपण आदि शामिल हैं। इनमें से एक या दो बिंदुओं पर ही कुछ हद तक कार्य हो रहा है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य सड़कों, बाजारों, कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था है। यह भी ठीक से नहीं हो पा रही है।
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पुल खुमरान स्थित डलावघर पर कईं दिन का कचरा इकट्ठा होने से सड़क तक फैला है। इससे राहगीरों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को परेशानी हो रही है। कुटिया मंदिर के पीछे अविकसित कॉलोनी के करीब दो बीघा क्षेत्र में कईं माह से कचरा डाला जा रहा है। आरोप है कि यहां निजी सफाईकर्मी कचरा डालते हैं। शकलापुरी मार्ग पर भी निजी सफाईकर्मी कचरा डाल रहे हैं। प्रतियोगिता में सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय और पेशाबघर साफ किए जाने थे। उनकी हालत बदतर है। गांधी पार्क स्थित यूरिनल की कईं माह से सफाई नहीं हुई है।
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कुरड़ी को खत्म नहीं कर सका निगम
नगर निगम बनने के दौरान, जिन 32 गांवों को शहर में शामिल किया गया था। वहां भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। यहां आज भी कुरड़ी डाली जा रही है। सड़कों किनारे गोबर और घरों का कचरा डाले जाने की व्यवस्था को निगम खत्म नहीं कर सका है। कूड़ेदानों से कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। ज्ञानागढ़ इसका उदाहरण है।

वज्रन
बड़े डलावघरों से दिन में दो से तीन बार कचरा उठता है। सफाईकर्मी दिनभर कचरा डालते रहते हैं। इससे लगता है कि कचरा उठ नहीं रहा है। स्वच्छता की बात करें तो निगम ने ज्यादातर डलावघर खत्म कर दिए हैं। शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।-राजीव कुमार, क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक
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