फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Deoband to people in desperate need of clean water

देवबंद के लोगों को स्वच्छ पानी की दरकार

Wed, 18 Jan 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 18 Jan 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
Deoband to people in desperate need of clean water
देवबंद में बहता हिंडन का दूषित पानी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के देवबंद में गंगा-जमुनी तहजीब वाली सहारनपुर जनपद की देवबंद विधानसभा सीट पर इस बार मुद्दा केवल पानी का होगा, क्योंकि हिंडन नदी का प्रदूषित पानी पिछले एक दशक के दौरान करीब 250 लोगों की जिंदगी निगल चुका है।
विज्ञापन


जबकि 12 गांव के लोग 20 सालों से सिंचाई के पानी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ आश्वासन की ही डोज मिली है। समस्या का किसी ने समाधान नहीं कराया।       
विज्ञापन


देवबंद विधानसभा के लगभग 21 गांव हिंडन नदी के प्रदूषित पानी से परेशान हैं। एक दशक के दौरान 250 से अधिक लोग कैंसर, पीलिया, चर्मरोग आदि जानलेवा बीमारियों से दम तोड़ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंडन में बहने वाले बदबूदार झागयुक्त दूषित पानी ने करीब 120 फीट की गहराई तक भूजल स्तर को प्रदूषित कर दिया है। दूसरे करीब 12 गांव के लोग सिंचाई का पानी नहीं मिलने से परेशान हैं।

इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीण चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय ले चुके हैं। ग्रामीणों की माने तो तहसील दिवस से लेकर प्रदेश, केंद्र सरकार तक वह गुहार लगा चुके है। परंतु कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला है।  
     
हिंडन के प्रदूषित पानी से हो रही मौतों से परेशान क्षेत्र की जनता ने बाबा मंगल गिरी व बाबा दर्शन सिंह के नेतृत्व में वर्ष 2014 में शिमलाना स्थित शिव मंदिर में नदी बचाओ आंदोलन के तहत भूख हड़ताल की थी।

क्षेत्रीय विधायक व तत्कालीन मंत्री  राजेंद्र सिंह राणा ने बाबा को नदी में बहने वाले पानी को ट्रीटमेेंट प्लांट लगाकर स्वच्छ कराने एवं नदी प्रभावित गांव में पीने के लिए पानी की टंकी बनवाने का आश्वासन दिलाकर नौ दिन बाद अनशन समाप्त कराया था। 

लेकिन एक साल बाद भी कुछ नहीं होने पर बाबा मंगल गिरी ने 2015 में भगवानपुर स्थित औघड़नाथ मंदिर में फिर भूख हड़ताल शुरू की। 
यहां भी आठ दिन बाद तत्कालीन एडीएम ई दिनेश चंद्रा, एसडीएम रामपुर और सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने अनशनकारी बाबा को आश्वासन दिलाकर उनका अनशन समाप्त करा दिया था। लेकिन समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई है।    

  
लिंक नहर नल्हेड़ा रजवाहे से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण 12 गांव के किसान परेशान हैं। जिनमें जड़ौदापांड़ा, शेरपुर, किशनपुरा, लौटनी, जयपुर, घिसरपड़ी, बालूमाजरा, मौरा, उमरी मजबता बडृली नयागांव शामिल हैं।   
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed