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जिले भर में पैर पसार रहा डेंगू, विभाग कम कर रहा सुविधाएं
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जिला अस्पताल स्थित डेंगू वार्ड
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जनपद के लगभग सभी ब्लॉक में डेंगू पैर पसार चुका है। ऐसे में विभागीय व्यवस्थाएं दुरुस्त और विस्तारित होनी चाहिए थीं, लेकिन एसबीडी जिला अस्पताल ने डेंगू मरीजों के लिए बनाए गए 50 बेड के वार्ड से 43 बेड कम कर दिए हैं। अब केवल सात बेड का वार्ड चल रहा है।
टपरी कलां में डेंगू के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के निर्देश पर जनपद में डेंगू मरीजों के लिए 190 बेड के दो वार्ड बनाए गए थे। इनमें 140 बेड का वार्ड राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी तथा 50 बेड का वार्ड एसबीडी जिला अस्पताल में बनाया गया था। जिला अस्पताल में 50 बेड की व्यवस्था इमरजेंसी वार्ड, बर्न वार्ड और मुख्य बिल्डिंग के प्रथम तल पर जनरल वार्ड के पास की गई थी। कोरोना में लगे स्टाफ को भी इमरजेंसी वार्ड में ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा डेंगू के गंभीर मरीजों के लिए दो अतिरिक्त एंबुलेंस इमरजेंसी पर 24 घंटे रखने की बात कही गई थी। यह व्यवस्था एक माह भी नहीं चल सकी है। वर्तमान में इमरजेंसी वार्ड से डेंगू वार्ड खत्म कर दिया गया है। बर्न वार्ड के भी जिस कमरे को डेंगू वार्ड बनाया गया था, उसमें सभी मरीज बर्न के रखे गए हैं। अब केवल मुख्य बिल्डिंग के प्रथम तल पर मात्र सात बेड का डेंगू वार्ड चल रहा है, जिसमें कई मरीज भर्ती हैं।
एंटीजन किट की रिपोर्ट को नहीं मानता विभाग
जिले भर में बुखार का प्रकोप है। निजी पैथोलॉजी लैब द्वारा की जा रही जांच में डेंगू की भी पुष्टि कई मरीजों में हो रही है। चिकित्सा विभाग एंटीजन किट की जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करता है। यही वजह है कि अभी तक जनपद में डेंगू के 68 ही मामलों की पुष्टि की गई है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि एंटीजन किट से की जाने वाली जांच शत प्रतिशत सही नहीं होती है। कई बार लैब संचालक गलत रिपोर्ट देकर मरीजों को भ्रमित करते हैं।
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संचारी रोगों पर नियंत्रण को अभियान
शहर के मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन, सराय फैज अली, वाल्मीकि बस्ती, आनंद नगर, सराय शाहजी, पीरजी मोहल्ला और दूसरे मोहल्लों में डेंगू/मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए पार्षद मंसूर बदर की देख रेख में एंटी लार्वा का छिड़काव और विशेष सफाई अभियान चलाया गया। पार्षद मंसूर बदर ने लोगों से साफ सफाई अपनाने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरों से बचने को तमाम उपाय अपनाने तथा बीमार होने पर योग्य चिकित्सक से इलाज कराने की अपील की। सफाई निरीक्षक आनंद कुमार और सफाई नायक अब्दुल गफ्फार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। इस मौके पर बहार जुबैरी, इमरान अंसारी, बिलाल अंसारी, हाजी रियाज, खलीक, अब्दुल गफार, सोनू, चौधरी नानू, पप्पू, फैसल, रमेश वाल्मीकि, सैयद इरफान आदि मौजूद रहे।
वायरल बुखार के मरीज बढ़ने की वजह से इमरजेंसी वार्ड में डेंगू वार्ड के लिए आरक्षित कक्ष को सामान्य मरीजों के लिए किया गया है। इसी तरह बर्न वार्ड में जले के मरीज अधिक आने की वजह से डेंगू वार्ड खत्म किया गया है। चूंकि अस्पताल मात्र 320 बेड का है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से व्यवस्था बदलनी पड़ रही है।
डॉ. आभा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।
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टपरी कलां में डेंगू के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के निर्देश पर जनपद में डेंगू मरीजों के लिए 190 बेड के दो वार्ड बनाए गए थे। इनमें 140 बेड का वार्ड राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी तथा 50 बेड का वार्ड एसबीडी जिला अस्पताल में बनाया गया था। जिला अस्पताल में 50 बेड की व्यवस्था इमरजेंसी वार्ड, बर्न वार्ड और मुख्य बिल्डिंग के प्रथम तल पर जनरल वार्ड के पास की गई थी। कोरोना में लगे स्टाफ को भी इमरजेंसी वार्ड में ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा डेंगू के गंभीर मरीजों के लिए दो अतिरिक्त एंबुलेंस इमरजेंसी पर 24 घंटे रखने की बात कही गई थी। यह व्यवस्था एक माह भी नहीं चल सकी है। वर्तमान में इमरजेंसी वार्ड से डेंगू वार्ड खत्म कर दिया गया है। बर्न वार्ड के भी जिस कमरे को डेंगू वार्ड बनाया गया था, उसमें सभी मरीज बर्न के रखे गए हैं। अब केवल मुख्य बिल्डिंग के प्रथम तल पर मात्र सात बेड का डेंगू वार्ड चल रहा है, जिसमें कई मरीज भर्ती हैं।
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एंटीजन किट की रिपोर्ट को नहीं मानता विभाग
जिले भर में बुखार का प्रकोप है। निजी पैथोलॉजी लैब द्वारा की जा रही जांच में डेंगू की भी पुष्टि कई मरीजों में हो रही है। चिकित्सा विभाग एंटीजन किट की जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करता है। यही वजह है कि अभी तक जनपद में डेंगू के 68 ही मामलों की पुष्टि की गई है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि एंटीजन किट से की जाने वाली जांच शत प्रतिशत सही नहीं होती है। कई बार लैब संचालक गलत रिपोर्ट देकर मरीजों को भ्रमित करते हैं।
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शहर के मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन, सराय फैज अली, वाल्मीकि बस्ती, आनंद नगर, सराय शाहजी, पीरजी मोहल्ला और दूसरे मोहल्लों में डेंगू/मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए पार्षद मंसूर बदर की देख रेख में एंटी लार्वा का छिड़काव और विशेष सफाई अभियान चलाया गया। पार्षद मंसूर बदर ने लोगों से साफ सफाई अपनाने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरों से बचने को तमाम उपाय अपनाने तथा बीमार होने पर योग्य चिकित्सक से इलाज कराने की अपील की। सफाई निरीक्षक आनंद कुमार और सफाई नायक अब्दुल गफ्फार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। इस मौके पर बहार जुबैरी, इमरान अंसारी, बिलाल अंसारी, हाजी रियाज, खलीक, अब्दुल गफार, सोनू, चौधरी नानू, पप्पू, फैसल, रमेश वाल्मीकि, सैयद इरफान आदि मौजूद रहे।
वायरल बुखार के मरीज बढ़ने की वजह से इमरजेंसी वार्ड में डेंगू वार्ड के लिए आरक्षित कक्ष को सामान्य मरीजों के लिए किया गया है। इसी तरह बर्न वार्ड में जले के मरीज अधिक आने की वजह से डेंगू वार्ड खत्म किया गया है। चूंकि अस्पताल मात्र 320 बेड का है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से व्यवस्था बदलनी पड़ रही है।
डॉ. आभा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।