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Saharanpur News: जैन कॉलेज के छात्रों का प्रदर्शन, कलक्ट्रेट के बाहर लगाया जाम
Sat, 18 Nov 2023 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Nov 2023 12:15 AM IST
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सहारनपुर। जेवी जैन कॉलेज के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट तिराहे पर मानव शृंखला बनाकर जाम लगाया। उन्होंने प्रबंध सचिव पर गलत तरीके से महाविद्यालय का पैसा अपने खाते में डालने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई करने की मांग की। करीब आधा घंटा जाम लगने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी।
शुक्रवार को जैन कॉलेज के विद्यार्थी प्रबंध सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे अंशुल पंवार, नितिन, विराज, युवराज, अंजली, अर्पण, राशि, प्रिया और दिव्या आदि ने सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार को बताया कि कॉलेज प्रबंध सचिव मोहित जैन द्वारा एक बैंक तथा एक प्रिंटिंग प्रेस को बीते कई साल से महाविद्यालय परिसर में जगह मुहैया कराई हुई है, जिनसे मिलने वाले किराये के पैसे को वह अपने खातों में रखते हैं।
प्रत्येक वर्ष करीब दस लाख रुपया किराये के रूप में आता है, जबकि शासन की अनुमति के बिना महाविद्यालय परिसर किसी को किराये पर नहीं दिया जा सकता है। यह भी आरोप लगाया कि प्रबंध सचिव शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश फॉर्म 400 रुपये तक में बेचते हैं, जबकि उस पर दस से 12 रुपये खर्च आता है।
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प्रो. वकुल बंसल ने भी लगाए आरोप
जैन कॉलेज के प्राचार्य रहे प्रो. वकुल बंसल को प्रबंध समिति ने 17 अगस्त 2023 को निलंबित करते हुए जांच समिति गठित की थी, जिससे कि प्रो. बंसल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके। प्रो. बंसल ने बताया कि समिति को जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी कर आरोप पत्र निर्गत करना चाहिए था। अन्यथा निलंबन आदेश स्वत: निरस्त हो जाता है। बंसल का आरोप है कि जांच समिति ने हठधर्मिता दिखाते हुए चार सप्ताह की बजाय 11 सप्ताह बाद आरोप पत्र आनन फानन में प्रेषित किया है।
छात्रों और पूर्व प्राचार्य के आरोप निराधार
प्रबंध समिति सचिव मोहित जैन ने बताया कि बैंक और प्रिंटिंग प्रेस से किराये के रूप में मिलने वाला पैसा महाविद्यालय के खाते में जाता है, जिसकी जांच करा सकते हैं। रही बात प्रॉसपेक्टस के दाम 400 रुपये रखने की तो उस पैसे सेे शिक्षकों का वेतन निकलता है। उनका कहना है कि छात्रों को इस्तेमाल किया जा रहा है। पूर्व प्राचार्य द्वारा चार सप्ताह में जांच कर आरोप पत्र निर्गत करने की बात को भी उन्होंने गलत बताया। उनका कहना है कि इसके लिए 28 नहीं 90 दिन का समय होता है।
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शुक्रवार को जैन कॉलेज के विद्यार्थी प्रबंध सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे अंशुल पंवार, नितिन, विराज, युवराज, अंजली, अर्पण, राशि, प्रिया और दिव्या आदि ने सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार को बताया कि कॉलेज प्रबंध सचिव मोहित जैन द्वारा एक बैंक तथा एक प्रिंटिंग प्रेस को बीते कई साल से महाविद्यालय परिसर में जगह मुहैया कराई हुई है, जिनसे मिलने वाले किराये के पैसे को वह अपने खातों में रखते हैं।
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प्रत्येक वर्ष करीब दस लाख रुपया किराये के रूप में आता है, जबकि शासन की अनुमति के बिना महाविद्यालय परिसर किसी को किराये पर नहीं दिया जा सकता है। यह भी आरोप लगाया कि प्रबंध सचिव शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश फॉर्म 400 रुपये तक में बेचते हैं, जबकि उस पर दस से 12 रुपये खर्च आता है।
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प्रो. वकुल बंसल ने भी लगाए आरोप
जैन कॉलेज के प्राचार्य रहे प्रो. वकुल बंसल को प्रबंध समिति ने 17 अगस्त 2023 को निलंबित करते हुए जांच समिति गठित की थी, जिससे कि प्रो. बंसल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके। प्रो. बंसल ने बताया कि समिति को जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी कर आरोप पत्र निर्गत करना चाहिए था। अन्यथा निलंबन आदेश स्वत: निरस्त हो जाता है। बंसल का आरोप है कि जांच समिति ने हठधर्मिता दिखाते हुए चार सप्ताह की बजाय 11 सप्ताह बाद आरोप पत्र आनन फानन में प्रेषित किया है।
छात्रों और पूर्व प्राचार्य के आरोप निराधार
प्रबंध समिति सचिव मोहित जैन ने बताया कि बैंक और प्रिंटिंग प्रेस से किराये के रूप में मिलने वाला पैसा महाविद्यालय के खाते में जाता है, जिसकी जांच करा सकते हैं। रही बात प्रॉसपेक्टस के दाम 400 रुपये रखने की तो उस पैसे सेे शिक्षकों का वेतन निकलता है। उनका कहना है कि छात्रों को इस्तेमाल किया जा रहा है। पूर्व प्राचार्य द्वारा चार सप्ताह में जांच कर आरोप पत्र निर्गत करने की बात को भी उन्होंने गलत बताया। उनका कहना है कि इसके लिए 28 नहीं 90 दिन का समय होता है।